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वैश्विक सीफूड बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी, अगले पांच वर्षों में निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का रोडमैप

नई दिल्ली । भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात क्षेत्र ने पिछले एक दशक में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है और अब देश इस क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की तैयारी में जुट गया है। केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में समुद्री उत्पादों के निर्यात को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस दिशा में निर्यात क्षमता बढ़ाने, वैश्विक बाजारों तक पहुंच मजबूत करने और मूल्य संवर्धित उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय समुद्री उत्पाद निर्यात कार्यशाला के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात पिछले दस वर्षों में लगभग 70 प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वैश्विक सीफूड व्यापार में भारत की हिस्सेदारी करीब चार प्रतिशत है, जिसे आने वाले वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार, उद्योग, निर्यातक और किसानों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक निर्यात पर निर्भर रहने के बजाय रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक जैसे वैल्यू एडेड उत्पादों के उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा देना समय की मांग है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऐसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और भारत के लिए यह एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। इसके साथ ही हाल के वर्षों में विभिन्न देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों से खुले नए बाजारों का लाभ उठाने की रणनीति पर भी बल दिया गया। मत्स्य पालन क्षेत्र के आंकड़े भी इस विकास यात्रा को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। देश में मछली उत्पादन वर्ष 2012-13 के लगभग 95.8 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में करीब 198 लाख टन तक पहुंच चुका है। उत्पादन में यह वृद्धि न केवल घरेलू मांग को पूरा करने में सहायक रही है बल्कि निर्यात क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात लगभग 8.46 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। समुद्री निर्यात में फ्रोजन झींगा अब भी सबसे प्रमुख उत्पाद बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग लगातार बनी हुई है, जिससे भारत को विदेशी मुद्रा अर्जित करने में मदद मिल रही है। सरकार इस क्षेत्र में ट्रेसबिलिटी, गुणवत्ता नियंत्रण और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निवेश और सहायता उपलब्ध करा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात वृद्धि के लिए केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। कोल्ड चेन नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, गुणवत्तापूर्ण बीजों की उपलब्धता, रोग प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन मानकों का पालन जैसे क्षेत्रों में भी व्यापक सुधार आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य से कार्यशाला में उद्योग प्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों, स्टार्टअप्स और किसानों ने विभिन्न चुनौतियों और संभावित समाधानों पर विस्तार से चर्चा की। समुद्री उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने में परिवहन और एयर कार्गो अवसंरचना की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उच्च मूल्य वाले उत्पादों को तेजी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और आधुनिक कार्गो सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर बुनियादी ढांचा, तकनीकी नवाचार और टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियां भारत को वैश्विक सीफूड व्यापार में अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकती हैं। आने वाले वर्षों में यदि उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार विस्तार की योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो भारत न केवल अपने निर्यात लक्ष्य को हासिल कर सकता है बल्कि वैश्विक समुद्री उत्पाद व्यापार में एक प्रमुख शक्ति के रूप में भी उभर सकता है।

PM Modi 12 Years: 12 साल का सफर; CM मोहन यादव ने बताया क्यों खास है मोदी सरकार का कार्यकाल

PM Modi 12 Years

PM Modi 12 Years: भोपाल। देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल पूर्ण होने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीएम के नेतृत्व की सराहना की, उन्होंने उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी खुद को शासक नहीं माना, बल्कि देश का ‘प्रधान सेवक’ माना और इसी भावना के साथ लगातार राष्ट्र निर्माण में जुटे रहे। MP Cabinet Meeting: मोहन सरकार का बड़ा फैसला, भोपाल मेट्रो पर खर्च होंगे ₹10,033 करोड़! प्रधानमंत्री नहीं-प्रधान सेवक हैं पीएम मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि 12 वर्ष पहले देशवासियों ने विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना था। तब से लेकर आज तक उन्होंने जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में विकास को नाई दिशा दी है। CM ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को जमीन पर उतारते हुए गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं शुरू कीं। इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है।   12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ आदरणीय श्री @narendramodi जी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं। प्रधानमंत्री जी ने 140 करोड़… pic.twitter.com/uzXdPa0Bjr — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 9, 2026 मुस्लिम बहनों को दिलाया सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को सम्मान दिलाने का काम किया गया। कोरोना महामारी के दौरान के कठिन दौर में भी देशवासियों को मुफ्त राशन देकर और व्यापक टीकाकरण अभियान चलाकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई। अमेलिया केर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर, ICC महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव उन्होंने कहा कि भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा देश मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज प्रत्येक नागरिक के सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है।

सिराज बाहर, प्रसिद्ध कृष्णा को मौका: आयरलैंड और इंग्लैंड टी20 सीरीज के लिए टीम में बड़ा बदलाव

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज से पहले भारतीय टीम में अहम बदलाव किया गया है। तेज गेंदबाज Mohammed Siraj को आराम देते हुए टीम से बाहर कर दिया गया है, जबकि उनकी जगह दाएं हाथ के तेज गेंदबाज Prasidh Krishna को स्क्वॉड में शामिल किया गया है। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत सिराज को आरामबीसीसीआई मेडिकल टीम और मैनेजमेंट के बीच चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया है कि सिराज को लंबे अंतरराष्ट्रीय सीजन को देखते हुए वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जाए। उनका लक्ष्य आगामी बड़े टूर्नामेंट्स और टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह फिट और फ्रेश रखना है। सिराज पिछले कुछ समय से लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह रणनीतिक कदम उठाया गया है। प्रसिद्ध कृष्णा को मिला मौकासिराज की जगह टीम में शामिल हुए प्रसिद्ध कृष्णा को हाल के समय में उनके प्रदर्शन का फायदा मिला है। आईपीएल में शानदार गेंदबाजी और घरेलू क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें चयनकर्ताओं की नजर में बनाए रखा। उनके पास नई गेंद के साथ-साथ मिडिल ओवरों में विकेट निकालने की क्षमता है, जिससे भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी। टी20 सीरीज का कार्यक्रमभारत को इस दौरे पर आयरलैंड में 2 और इंग्लैंड में 5 टी20 मैच खेलने हैं। यह सीरीज युवा और सीनियर खिलाड़ियों के संयोजन के साथ टीम संयोजन को परखने का अहम मौका मानी जा रही है। अपडेटेड भारतीय टी20 टीमनई टीम में कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। तेज गेंदबाजी यूनिट में अब अर्शदीप सिंह के साथ प्रसिद्ध कृष्णा और अन्य युवा गेंदबाजों पर जिम्मेदारी बढ़ गई है।

प्रकाश पादुकोण: भारतीय बैडमिंटन के पहले वैश्विक नायक, कॉमनवेल्थ में दिलाया ऐतिहासिक स्वर्ण

मध्यप्रदेश । भारत में बैडमिंटन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले सबसे बड़े नामों में Prakash Padukone का स्थान शीर्ष पर माना जाता है। उन्होंने न सिर्फ देश में इस खेल को लोकप्रिय बनाया, बल्कि भारत को पहली बार वैश्विक मंच पर स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया। कॉमनवेल्थ में ऐतिहासिक स्वर्ण1978 के कॉमनवेल्थ गेम्स (एडमोंटन, कनाडा) में प्रकाश पादुकोण ने पुरुष एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। यह भारत के लिए बैडमिंटन में पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड था, जिसने देश को इस खेल में एक नई पहचान दी। उनकी इस उपलब्धि ने आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए रास्ता खोला और भारत को विश्व बैडमिंटन में गंभीर दावेदार के रूप में स्थापित किया। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी बनने तक का सफरपादुकोण का खेल करियर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा। 1980 में वह दुनिया के नंबर-1 बैडमिंटन खिलाड़ी बने, जो उस दौर में किसी भी भारतीय खिलाड़ी के लिए बेहद बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने 1980 के दशक में डेनिश ओपन, स्वीडिश ओपन और कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। 1980 में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप जीतकर वे इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाले पहले भारतीय बने। शुरुआती जीवन और करियरप्रकाश पादुकोण का जन्म 10 जून 1955 को बेंगलुरु में हुआ था। उनके पिता रमेश पादुकोण ने उन्हें बैडमिंटन की ओर प्रेरित किया। उन्होंने 1962 में अपना पहला जूनियर टूर्नामेंट खेला और बाद में राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की। 1972 में उन्होंने जूनियर और सीनियर दोनों राष्ट्रीय खिताब जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियांउनके करियर में कई बड़े पदक शामिल रहे-1974 एशियन गेम्स: कांस्य1981 वर्ल्ड कप: स्वर्ण1983 वर्ल्ड चैंपियनशिप: कांस्य1986 एशियन गेम्स: कांस्यइन उपलब्धियों ने उन्हें दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। कोच और योगदानकर्ता के रूप में भूमिका1991 में संन्यास के बाद उन्होंने बैडमिंटन प्रशासन और कोचिंग में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय टीम को कोचिंग दी और युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में योगदान दिया। Olympic Gold Quest की स्थापना में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो भारतीय ओलंपिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। सम्मान और विरासतभारत सरकार ने उन्हें 1972 में अर्जुन पुरस्कार और 1982 में पद्मश्री से सम्मानित किया। आज भी उनकी बनाई हुई Prakash Padukone Badminton Academy कई युवा खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। बॉलीवुड अभिनेत्री Deepika Padukone उनकी पुत्री हैं, जिन्होंने मनोरंजन जगत में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।

शेयर बाजार में लौटी रौनक, बैंकिंग और वित्तीय शेयरों के सहारे सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में बंद

नई दिल्ली । लगातार दो सत्रों तक दबाव में रहने के बाद भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को शानदार वापसी की। कारोबार के अंत में BSE Sensex 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,918.76 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत मजबूत होकर 23,424.10 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में तेजी की अगुवाई बैंकिंग सेक्टर ने की। Nifty Bank 2.09 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ। इसके अलावा डिफेंस, रियल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, मैन्युफैक्चरिंग, एफएमसीजी और सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। वहीं आईटी और मीडिया इंडेक्स दबाव में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60,715.45 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.69 प्रतिशत उछलकर 18,063.60 के स्तर पर पहुंच गया। सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में State Bank of India, ICICI Bank, Axis Bank, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Asian Paints और Adani Ports and Special Economic Zone शामिल रहे। दूसरी ओर Infosys, Tech Mahindra, HCL Technologies, NTPC और Power Grid Corporation of India के शेयरों में कमजोरी रही। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी की। साथ ही ईरान-इजरायल तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और ऊंची बॉन्ड यील्ड अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई आंकड़ों, Federal Reserve System की मौद्रिक नीति और वैश्विक लिक्विडिटी संकेतों पर रहेगी। मंगलवार को बाजार की शुरुआत भी सकारात्मक रही थी और शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स तथा निफ्टी में करीब आधा प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी, जो पूरे सत्र के दौरान कायम रही।

अमेलिया केर बनीं नंबर-1 ऑलराउंडर, ICC महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली । दुबई में मंगलवार को जारी ताजा आईसीसी महिला टी20 रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। न्यूजीलैंड की स्टार खिलाड़ी Amelia Kerr एक बार फिर दुनिया की नंबर-1 टी20 ऑलराउंडर बन गई हैं। केर ने टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले यह उपलब्धि हासिल की है। हालांकि टॉप पोजीशन पर उनकी बढ़त बेहद मामूली है, क्योंकि वेस्टइंडीज की कप्तान Hayley Matthews उनसे सिर्फ कुछ रेटिंग अंकों से पीछे हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच टॉप स्थान की रेस अब और रोमांचक हो गई है। हरमनप्रीत कौर की टॉप-10 में वापसीभारतीय महिला टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur ने भी रैंकिंग में सुधार किया है और वह एक बार फिर टॉप-10 बल्लेबाजों में शामिल हो गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के निर्णायक मुकाबले में नाबाद अर्धशतक लगाने के बाद उन्हें यह फायदा मिला। उनकी वापसी को भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप से पहले एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलावबल्लेबाजों की सूची में ऑस्ट्रेलिया की जॉर्जिया वोल और बेथ मूनी शीर्ष स्थानों पर बनी हुई हैं। वहीं इंग्लैंड की युवा बल्लेबाज एलिस कैप्सी ने शानदार छलांग लगाई है। गेंदबाजी रैंकिंग में इंग्लैंड की Linsey Smith ने नंबर-1 स्थान बनाए रखा है, जबकि पाकिस्तान की Sadia Iqbal उनसे पीछे हैं। टॉप-10 में लॉरेन बेल और चार्ली डीन को भी फायदा मिला है, जिससे इंग्लैंड का दबदबा बढ़ा है। ऑलराउंडर्स में कड़ा मुकाबलाऑलराउंडर्स की रैंकिंग में अमेलिया केर और हेली मैथ्यूज के बीच टक्कर सबसे दिलचस्प बनी हुई है। स्कॉटलैंड की कप्तान कैथरीन ब्राइस ने भी ट्राई-सीरीज में अच्छे प्रदर्शन के बाद लंबी छलांग लगाई है और टॉप-20 के करीब पहुंच गई हैं।

जीईएम ने बदली सरकारी खरीद की तस्वीर, 10 साल में 400 करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा कारोबार: सीईओ मिहिर कुमार

नई दिल्ली । सरकारी खरीद व्यवस्था में पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) आज देश की सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों में से एक बन चुका है। पिछले एक दशक में इस प्लेटफॉर्म ने सरकारी खरीद की पारंपरिक व्यवस्था को बदलते हुए कारोबार, प्रतिस्पर्धा और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव दर्ज किए हैं। जीईएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मिहिर कुमार के अनुसार, जिस प्लेटफॉर्म का कारोबार शुरुआती वर्ष में केवल 400 से 422 करोड़ रुपये के आसपास था, वह आज बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के स्तर तक पहुंच चुका है। जीईएम की स्थापना वर्ष 2016 में सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से की गई थी। इसके माध्यम से विक्रेताओं का पंजीकरण, उत्पाद सूचीकरण, निविदा प्रक्रिया, ऑर्डर प्रबंधन, आपूर्ति और भुगतान जैसी सभी प्रक्रियाएं पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाती हैं। इससे सरकारी विभागों और आपूर्तिकर्ताओं दोनों के लिए प्रक्रियाएं अधिक सरल और तेज हुई हैं। प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक सूक्ष्म और लघु उद्यमों की बढ़ती भागीदारी रही है। सरकारी नीति के अनुसार सार्वजनिक खरीद का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा एमएसई क्षेत्र से किया जाना चाहिए, लेकिन जीईएम पर यह हिस्सा लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इससे हजारों छोटे कारोबारियों और उद्यमियों को सीधे सरकारी बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिला है। जीईएम के माध्यम से केवल कारोबार का विस्तार ही नहीं हुआ, बल्कि विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों की भागीदारी भी बढ़ी है। महिला उद्यमियों ने इस मंच का व्यापक लाभ उठाया है। शुरुआती वर्षों में जहां महिला स्वामित्व वाले उद्यमों से होने वाला कारोबार सीमित स्तर पर था, वहीं अब यह कई हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इससे महिला उद्यमिता को नई गति मिली है और सरकारी खरीद प्रक्रिया में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है। स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को भी जीईएम से बड़ा लाभ मिला है। एक दशक पहले जहां बहुत कम स्टार्टअप इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे, वहीं अब हजारों स्टार्टअप्स सरकारी खरीद प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं। इनके माध्यम से होने वाला कारोबार भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। इससे नवाचार आधारित कंपनियों को सरकारी संस्थानों तक अपनी सेवाएं और उत्पाद पहुंचाने का अवसर प्राप्त हुआ है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े उद्यमों की भागीदारी में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार की समावेशी विकास नीति के अनुरूप जीईएम ने उन वर्गों को भी बाजार उपलब्ध कराया है जिन्हें पहले सरकारी खरीद प्रणाली में अपेक्षाकृत कम अवसर मिलते थे। इससे आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता को बढ़ावा मिला है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी जीईएम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों के लिए बड़ी मात्रा में वैक्सीन, सिरिंज, चिकित्सा उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीद इसी मंच के माध्यम से की गई। इसके अलावा रेलवे, शिक्षा, प्रशासन और अन्य सरकारी क्षेत्रों की आवश्यकताओं की पूर्ति में भी प्लेटफॉर्म की भूमिका लगातार बढ़ती गई है। तकनीकी दृष्टि से भी जीईएम लगातार विकसित हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण, डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन नीलामी और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया ने खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया है। इससे मानव हस्तक्षेप में कमी आई है और खरीद प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीईएम ने केवल सरकारी खरीद को डिजिटल नहीं बनाया, बल्कि कारोबार करने में आसानी को भी नई मजबूती प्रदान की है। ऑनलाइन पंजीकरण, पारदर्शी बोली प्रणाली और डिजिटल अनुबंध प्रबंधन ने छोटे और बड़े सभी व्यवसायों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच को सरल बनाया है। विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में यह मंच अब देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक खरीद प्रणाली का एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभर रहा है।

श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी

नई दिल्ली । श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार से ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत हो गई। इस मुकाबले में पहले मैच में India A और Sri Lanka A आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस के बाद कहा कि पिच सूखी है और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम 270 के आसपास का स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराछिगे ने कहा कि उनकी टीम की कोशिश विपक्ष को 250–260 के भीतर रोकने की होगी। वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सकआईपीएल 2026 के चर्चित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। ओपनिंग करने उतरे सूर्यवंशी ने आक्रामक शुरुआत की और 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल रहे। लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल सके और मोहम्मद शिराज की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने से इंडिया ए की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ा गई, लेकिन मिडिल ऑर्डर से टीम को संभालने की उम्मीद है। पिच और मौसम का असरदांबुला की पिच को सूखा और हल्की दरारों वाला बताया गया है। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है। मौसम साफ है और धूप खिली हुई है, जिससे पूरे मैच में बिना रुकावट के खेल होने की उम्मीद है। मजबूत मिडिल ऑर्डर पर नजरइंडिया ए की टीम में ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, आयुष बडोनी जैसे बल्लेबाज शामिल हैं, जिनसे बड़ी साझेदारियों की उम्मीद है। टीम का लक्ष्य एक मजबूत स्कोर खड़ा कर श्रीलंका ए पर दबाव बनाना रहेगा। श्रीलंका ए की गेंदबाजी यूनिट में स्पिन और पेस दोनों का मिश्रण है, जिससे मिडिल ओवरों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। सीरीज में तीन टीमें शामिलइस ट्राई-नेशन सीरीज में इंडिया ए और श्रीलंका ए के अलावा Afghanistan A भी हिस्सा ले रही है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।

समीक्षा बैठक में देर से पहुंचे अधिकारी पर स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा एक्शन, डीडीपीओ तत्काल निलंबित

नई दिल्ली । हरियाणा सरकार की प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन पर जोर देने की नीति के बीच नारनौल में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। जिले के विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (डीडीपीओ) प्रमोद कुमार के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री के इस निर्णय के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। नारनौल स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के विकास कार्यों, पंचायत योजनाओं और विभिन्न विभागों की प्रगति का आकलन किया जा रहा था। बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी दौरान कुछ विभागों के कार्यों को लेकर शिकायतें और अनियमितताओं से जुड़ी बातें भी सामने आईं, जिन पर मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। जानकारी के अनुसार, समीक्षा बैठक के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। बैठक को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि इसमें विकास परियोजनाओं की प्रगति और जनहित से जुड़े कार्यों की समीक्षा की जानी थी। इसके बावजूद जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रमोद कुमार समय पर बैठक में उपस्थित नहीं हो सके। इस स्थिति को मंत्री ने गंभीरता से लिया और इसे प्रशासनिक अनुशासन के उल्लंघन के रूप में देखा। बैठक के दौरान मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया कि सरकारी योजनाओं और जनहित के कार्यों के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसी क्रम में डीडीपीओ के खिलाफ तत्काल निलंबन की कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। प्रशासनिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य केवल किसी एक अधिकारी के खिलाफ कदम उठाना नहीं होता, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को जवाबदेही और अनुशासन का संदेश देना भी होता है। सरकारें अक्सर विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान देती हैं। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ उपायुक्त और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान सड़क, पंचायत, स्वास्थ्य और अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और जनता से जुड़े मामलों में तत्परता दिखाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य मंत्री की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती और कार्यसंस्कृति में सुधार के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में कई राज्य सरकारें अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और विकास परियोजनाओं की निगरानी को लेकर अधिक सक्रिय हुई हैं। ऐसे में नारनौल में हुई यह कार्रवाई भी उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समय की पाबंदी, कार्य निष्पादन और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई का प्रभाव भविष्य में अधिकारियों की कार्यशैली और सरकारी बैठकों में अनुशासन के पालन पर भी दिखाई दे सकता है।

MP Cabinet Meeting: मोहन सरकार का बड़ा फैसला, भोपाल मेट्रो पर खर्च होंगे ₹10,033 करोड़!

MP CM MOHAN YADAV

MP Cabinet Meeting: मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मंगलवार को भोपाल मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दे दी। अब इस परियोजना पर कुल 10,033 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार ने कृषि उपज पर मंडी शुल्क में बदलाव का भी फैसला लिया है, जिससे करीब 800 करोड़ रुपए अतिरिक्त राजस्व मिलने का अनुमान है। राज्यसभा की 26 सीटों पर मुकाबले से पहले तेज हुई रणनीतिक जंग, भाजपा के दांव से कांग्रेस सतर्क 2016 में हुई थी योजना की शुरुआत कैबिनेट बैठक के बाद MSME मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना वर्ष 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत 6,241 करोड़ रुपए थी, लेकिन समय के साथ निर्माण लागत और अन्य खर्च बढ़ने के कारण अब यह बढ़कर 10,033 करोड़ रुपए कर दी गई है। उन्होंने कहा कि परियोजना को गति देने और निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है। मंत्री चैतन्य काश्यप- सरकार का दावा है कि अगले दो वर्षों में मेट्रो परियोजना का स्वरूप और अधिक स्पष्ट दिखाई देगा। कपास पर राहत, दूसरी फसलों पर बढ़ा मंडी शुल्क कैबिनेट ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क को फिर से 1.5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है। इससे पहले इसे घटाकर 1 प्रतिशत कर दिया गया था। सहमति से बने विवाहपूर्व संबंध चरित्र का पैमाना नहीं, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने दी महत्वपूर्ण संवैधानिक व्याख्या किसानों से 800करोड़ कमाएगी सरकार सरकार का अनुमान है कि मंडी शुल्क में वृद्धि से करीब 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। सूचना की माने तो इस राशि का उपयोग सड़क विकास और गौ-संवर्धन से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। सरकार ने पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। मंत्री काश्यप के अनुसार योजना के परिणाम उत्साहजनक हैं और अधिक से अधिक लोगों तक इस योजना को पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। बैठक के दौरान राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने प्रदेश के करीब एक लाख संविदा कर्मचारी और अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के फैसले का स्वागत किया।