नई दिल्ली । अपना घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन लंबे समय तक चलने वाली ईएमआई और भारी ब्याज इस सपने की लागत बढ़ा देते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार कुछ स्मार्ट कदम उठाकर होम लोन की कुल लागत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
1. मजबूत रखें क्रेडिट स्कोर
होम लोन की ब्याज दर तय करने में क्रेडिट स्कोर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आपका क्रेडिट स्कोर 750 या उससे अधिक है, तो बैंक आमतौर पर बेहतर ब्याज दर की पेशकश करते हैं। इससे पूरे लोन काल में बड़ी बचत हो सकती है।
2. कम अवधि वाला लोन चुनें
लंबी अवधि के लोन में मासिक ईएमआई कम होती है, लेकिन कुल ब्याज भुगतान काफी बढ़ जाता है। यदि आपकी आय अनुमति देती है, तो कम अवधि का लोन चुनना अधिक फायदेमंद हो सकता है।
3. समय-समय पर प्रीपेमेंट करें
बोनस, इंसेंटिव या अन्य बचत मिलने पर लोन का आंशिक भुगतान (प्रीपेमेंट) करने से मूलधन तेजी से घटता है। इससे भविष्य में लगने वाला ब्याज कम हो जाता है और लोन जल्दी समाप्त होता है।
4. हर साल बढ़ाएं EMI
आय बढ़ने के साथ यदि ईएमआई में 5 से 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाए, तो लोन की अवधि कई साल कम हो सकती है। इससे कुल ब्याज भुगतान में भी बड़ी कमी आती है।
5. बैलेंस ट्रांसफर का विकल्प देखें
यदि किसी दूसरे बैंक या वित्तीय संस्था में कम ब्याज दर उपलब्ध है, तो होम लोन बैलेंस ट्रांसफर पर विचार किया जा सकता है। हालांकि ट्रांसफर शुल्क और अन्य लागतों का आकलन पहले कर लेना चाहिए।
6. अधिक डाउन पेमेंट करें
घर खरीदते समय जितना अधिक डाउन पेमेंट करेंगे, उतनी कम राशि उधार लेनी पड़ेगी। इससे ब्याज का बोझ स्वतः कम हो जाएगा।
7. ब्याज दर रीसेट की जानकारी रखें
फ्लोटिंग रेट होम लोन लेने वालों को समय-समय पर अपने बैंक से ब्याज दर की समीक्षा करानी चाहिए। बाजार में दरें घटने पर बैंक रीसेट सुविधा के जरिए लोन की ब्याज दर कम कर सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात:
होम लोन में सबसे अधिक बचत का असर आमतौर पर शुरुआती वर्षों में प्रीपेमेंट और ईएमआई बढ़ाने से होता है, क्योंकि उस समय आपकी किश्त का बड़ा हिस्सा ब्याज भुगतान में जाता है। सही योजना बनाकर लाखों रुपये की बचत संभव है और लोन कई वर्ष पहले खत्म किया जा सकता है।