HIGHLIGHTS:
- सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बदला रेत माफिया का तरीका
- राजस्थान से नावों में भरकर लाई जा रही रेत
- मुरैना के कच्चे घाटों पर उतारी जा रही अवैध रेत
- वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन अलर्ट
- अब MP और राजस्थान मिलकर करेंगे संयुक्त गश्त
CHAMBAL SAND SMUGGLING: मध्यप्रदेश। मुरैना में अवैध रेत खनन पर सख्ती बढ़ने के बाद अब रेत माफिया ने नया तरीका अपनाना शुरू कर दिया है। बता दें कि अब राजस्थान की सीमा से नावों में भरकर रेत लाई जा रही है और उसे चंबल नदी के उन कच्चे घाटों पर उतारा जा रहा है, जहां प्रशासन और टास्क फोर्स की निगरानी कमजोर है। फ़िलहाल इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बढ़ी निगरानी
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चंबल नदी में हो रहे अवैध खनन को लेकर मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने नियमित घाटों पर जांच और कार्रवाई तेज कर दी थी। लेकिन सख्ती बढ़ते ही रेत माफिया ने सड़क मार्ग छोड़कर अब जलमार्ग का सहारा लेना शुरू कर दिया है ताकि पुलिस और प्रशासन की नजरों से बचा जा सके।
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वीडियो में कैद हुई पूरी तस्करी
मंगलवार देर रात सामने आए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नावों में भरकर राजस्थान से रेत लाई जा रही है। इसके बाद मुरैना के मिट्टी वाले घाटों पर उसे उतारा जा रहा है। बताया जा रहा है कि ये घाट ऐसे इलाके में हैं जहां लगातार निगरानी नहीं हो पाती। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे में लंबे समय से यह खेल चल रहा है।
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अब दोनों राज्यों की होगी संयुक्त गश्त
देवरी घड़ियाल वन विभाग के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि मामले की जानकारी राजस्थान के अधिकारियों को भी दे दी गई है। अब अवैध रेत तस्करी रोकने के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान के वन एवं प्रशासनिक अधिकारी मिलकर संयुक्त गश्त करेंगे। खास तौर पर उन कच्चे घाटों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी, जहां से तस्करी की गतिविधियां सामने आ रही हैं।