HIGHLIGHTS:
- ग्वालियर में ई-रिक्शाओं पर नया ट्रैफिक नियम लागू
- नीली-पीली पट्टी से तय होगा संचालन का समय
- शहर में 4000 के करीब ई-रिक्शा बन रहे जाम की वजह
- ओवरलोडिंग और हादसों पर रोक लगाने की तैयारी
- नियम तोड़ने वाले चालकों पर होगी सख्त कार्रवाई
GWALIOR E-RICKSHAW RULE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में लगातार बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने ई-रिक्शाओं के संचालन पर नया नियम लागू किया है। अब शहर में ई-रिक्शा उनकी नीली और पीली पट्टी के आधार पर तय समय में ही चल सकेंगे। पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में बढ़ते जाम और सड़क हादसों को कम करना है। नियम तोड़ने वाले चालकों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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4000 ई-रिक्शा बने ट्रैफिक चुनौती
ग्वालियर शहर में इस समय करीब 3500 से 4000 ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। शहर के प्रमुख बाजारों, संकरी गलियों और व्यस्त चौराहों पर इनकी वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। कई ई-रिक्शा चालक क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर वाहन चला रहे थे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा था। कई बार ई-रिक्शा पलटने की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें लोग घायल हुए।
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अब पट्टी के हिसाब से तय होगा समय
यातायात पुलिस के नए नियम के अनुसार रात 3 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल नीली पट्टी वाले ई-रिक्शा ही शहर में चल सकेंगे। वहीं दोपहर 3 बजे से रात 3 बजे तक पीली पट्टी वाले ई-रिक्शाओं को संचालन की अनुमति होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे एक समय में सड़कों पर ई-रिक्शाओं की संख्या कम रहेगी और ट्रैफिक सुचारु रूप से चलता रहेगा।
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अब सख्ती की तैयारी
यह पहला मौका नहीं है जब ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शाओं के लिए समय सीमा तय की हो। इससे पहले भी ऐसा प्रयोग किया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद चालक नियमों का पालन करना बंद कर दिए थे। इसी कारण इस बार पुलिस ने सख्त रवैया अपनाया है। यातायात विभाग का कहना है कि शहर में व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को राहत देने के लिए इस नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।