उज्जैन महामंडलेश्वर हनीट्रैप कांड: नहाते समय बनाए अश्लील वीडियो, फिर दी वायरल करने की धमकी

उज्जैन । उज्जैन में संतों को बदनाम करने की साजिश रचने वाली पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी और उसके साथी घनश्याम पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साजिश के लिए जिस महिला (शिल्पा – परिवर्तित नाम) को बनारस से बुलाया गया था, उसे पहले साध्वी ने खुद ब्लैकमेल किया। महिला का आरोप है कि मंदाकिनी ने उसके नहाते समय चोरी-छिपे न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और उन्हीं के दम पर उसे महामंडलेश्वर के खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज कराने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तांत्रिक बनकर जीता भरोसा, फिर किया विश्वासघातपीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए साध्वी मंदाकिनी के कई चेहरे बेनकाब किए हैं शिल्पा की मुलाकात मंदाकिनी से 2024 की शिप्रा परिक्रमा के दौरान हुई थी। मंदाकिनी ने खुद को देश की बड़ी तांत्रिक बताकर महिला का भरोसा जीता और उसे अपने घर काम पर रख लिया।जनवरी 2026 में जब महिला मंदाकिनी के घर रुकी थी, तब नहाते समय साध्वी ने उसके आपत्तिजनक फोटो खींच लिए। विरोध करने पर उसे चुप करा दिया गया, लेकिन बाद में इन्हीं फोटो को वायरल करने की धमकी देकर उसे ‘हनीट्रैप’ का हिस्सा बनने पर मजबूर किया गया।महिला के अनुसार, मंदाकिनी बार-बार कहती थी कि “जब तक स्वामी जी मुझे महामंडलेश्वर नहीं बनाएंगे, मैं उन्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ।” कोर्ट का कड़ा रुख: घनश्याम पटेल की जमानत याचिका खारिजइस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी घनश्याम पटेल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उज्जैन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सिर से खारिज कर दिया है।महामंडलेश्वर की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह केवल एक व्यक्ति को फंसाने की साजिश नहीं, बल्कि पूरे संत समाज और उज्जैन की प्रतिष्ठा को विश्व स्तर पर धूमिल करने का प्रयास है।कोर्ट ने माना कि मंदाकिनी के मोबाइल में मौजूद अश्लील सामग्री और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होना अनिवार्य है। रसोई से अखाड़े तक: झूठ की बुनियाद पर खड़ा साम्राज्यमंदाकिनी उर्फ ममता जोशी का इतिहास भी अब सबके सामने है। कभी संतों के लिए रसोई बनाने वाली ममता ने 2016 के सिंहस्थ में खुद को अविवाहित और संपत्ति का मालिक बताकर संतों को गुमराह किया और ‘महामंडलेश्वर’ की पदवी हासिल कर ली थी। आज वही पदवी और पावर की भूख उसे सलाखों के पीछे ले जाने वाली है। यह मामला केवल एक आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि धर्म की ओट में छिपे उन चेहरों की कहानी है जो अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। बनारस की महिला की बहादुरी और उज्जैन के संतों की सतर्कता ने एक बड़े षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। अब पुलिस की नजरें मंदाकिनी के उस मोबाइल पर हैं, जिसमें कई सफेदपोशों के राज दफन हो सकते हैं। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)उज्जैन हनीट्रैप कांड, साध्वी मंदाकिनी पुरी, घनश्याम पटेल जमानत खारिज, महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद, अश्लील वीडियो ब्लैकमेलिंग, उज्जैन पुलिस जांच, सनातन धर्म साजिश, एमपी न्यूज़ अपडेट, महाकाल थाना उज्जैन।