जर्मनी से 5000 सैनिक वापस बुलाएगा US…. ईरान युद्ध के बीच सहयोगियों से बिगड़े रिश्ते

वाशिंगटन। ईरान (Iran) के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका (America) के उसके यूरोपियन सहयोगियों के साथ भी संबंध खराब होने लगे हैं। इसी बीच अमेरिका (America) ने जर्मनी (Germany) से अपने 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज (German Chancellor Friedrich Merz) पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अपने “टूटे हुए देश” पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। जर्मनी के चांसलर और ट्रंप में बयानबाजीट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मर्ज को “रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने” और “अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले में)” पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए तथा ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए। इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा रहा है। जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां अमेरिका के कई अहम सैन्य अड्डा हैं। जर्मनी से बटालिय वापस बुलाएगा अमेरिकापेंटागन के एक सीनियर अधइकारी ने कहा था कि जर्मनी के चांसलर के बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे उन्हें नुकसान होने वाला है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन पर रूस के हमले के वक्त यूरोप से सैनिकों को वापस बुलाया गया था, उसी तरह का अभियान इस बार भी चलाया जाएगा। यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों में कटौती की जाएगी। इसके अलावा जर्मनी में मौजूद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को भी वापस बुला लिया जाएगा। यहां लॉन्ग रेंज फायर बटालियन पर भी रोक लगा दी गई है। ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका के उसके यूरोपियन सहयोगियों के साथ भी संबंध खराब होने लगे हैं। इसी बीच अमेरिका ने जर्मनी से अपने 5 हजार सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। बता दें कि अभी गुरुवार को ही डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि अपने “टूटे हुए देश” पर ध्यान दें और ईरान युद्ध के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। जर्मनी के चांसलर और ट्रंप में बयानबाजीट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मर्ज को “रूस-यूक्रेन को युद्ध समाप्त कराने” और “अपने टूटे हुए देश को ठीक करने (खास तौर पर आव्रजन और ऊर्जा के मामले में)” पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए तथा ईरान युद्ध के बारे में सोचने में कम समय खर्च करना चाहिए। इससे पहले बुधवार को ट्रंप ने धमकी दी थी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने पर विचार कर रहा रहा है। जर्मनी उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) का एक प्रमुख सहयोगी और यूरोपीय संघ (ईयू) की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जहां अमेरिका के कई अहम सैन्य अड्डा हैं। जर्मनी से बटालिय वापस बुलाएगा अमेरिकापेंटागन के एक सीनियर अधइकारी ने कहा था कि जर्मनी के चांसलर के बयान बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इससे उन्हें नुकसान होने वाला है। अमेरिका के युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि जिस तरह से यूक्रेन पर रूस के हमले के वक्त यूरोप से सैनिकों को वापस बुलाया गया था, उसी तरह का अभियान इस बार भी चलाया जाएगा। यूरोप में बड़ी संख्या में सैनिकों में कटौती की जाएगी। इसके अलावा जर्मनी में मौजूद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम को भी वापस बुला लिया जाएगा। यहां लॉन्ग रेंज फायर बटालियन पर भी रोक लगा दी गई है। NATO में पैदा हो गया नया तनावडोनाल्ड ट्रंप पहले से ही नाटो को महत्व कम देते थे। वहीं जब होर्मुज बंद होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों का आह्वान किया तो किसी ने साथ नहीं दिया। ऐसे में ईरान संकट के बीच नाटो में भी काफी तनाव पैदा हो गया है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि नाटो देशों ने होर्मुज खुलवाने में उनका साथ नहीं दिया। इसी बीच वाइट हाउस ने संसद को लिखे एक पत्र में कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सशस्त्र बलों की निरंतर उपस्थिति के बावजूद वह ईरान के साथ युद्ध को खत्म ही मानता है। राष्ट्रपति ट्रंप के इस संदेश के जरिए ईरान के साथ युद्ध जारी रखने के लिए संसद सदस्यों की मंजूरी प्राप्त करने की एक मई की कानूनी समय सीमा को प्रभावी ढंग से दरकिनार कर दिया गया है।
PF का पैसा निकालना हुआ बेहद आसान…. UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि

नई दिल्ली। 1 अप्रैल से पीएफ ( PF) से जुड़ा बड़ा नियम बदल गया है। EPFO (Employee Provident Fund Organisation) से जुड़े करोड़ों लोगों के लिए 1 अप्रैल से बड़ी खबर सामने आई है। EPFO 3.0 के तहत अब PF (Provident Fund) का पैसा निकालने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। सबसे बड़ा अपडेट यह है कि अब यूजर्स (Users.) को अपना PF पैसा UPI के जरिए सीधे बैंक खाते में मिल सकता है। अब तक PF निकालने के लिए लंबे ऑनलाइन प्रोसेस से गुजरना पड़ता था, जिसमें क्लेम फाइल करना, अप्रूवल का इंतजार करना और कई बार हफ्तों तक पैसे का इंतजार करना शामिल था। इस नए सिस्टम में क्लेम प्रोसेस को आसान बनाने, ऑटो अप्रूवल बढ़ाने और पेमेंट को फास्ट करने पर फोकस किया गया है। UPI के जरिए PF का पैसा कैसे निकालें (Step By Step Process)Step 1: इसके लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में EPFO पोर्टल या Umang ऐप खोलें।Step 2: अब “UPI से PF निकालें” (UPI Withdrawal) का ऑप्शन चुनें और जितनी रकम निकालनी है, वह दर्ज करें।Step 3: इसके बाद अपनी रिक्वेस्ट को कन्फर्म करने के लिए UPI PIN डालें।Step 4: जैसे ही पैसा आपके बैंक खाते में आ जाए, आप किसी भी UPI सपोर्ट करने वाले ATM से कैश निकाल सकते हैं।Step 5: ATM स्क्रीन पर “QR Cash” का ऑप्शन चुनें।Step 6: अब स्क्रीन पर दिख रहे QR कोड को स्कैन करें और अपना पैसा निकाल लें। पहले और अब में क्या फर्क?पहले PF निकालने के लिए: क्लेम फाइल करना पड़ता था, अप्रूवल में समय लगता था, पैसा आने में कई दिन या हफ्ते लग जाते थे।अब नए सिस्टम के बाद: प्रोसेस डिजिटल और फास्ट होगी, UPI से इंस्टेंट ट्रांसफर संभव होगा, पेपरवर्क कम हो जाएगा। यह बदलाव खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जिन्हें तुरंत पैसे की जरूरत होती है। UPI से PF निकालने के लिए जरूर ध्यान रखें ये बातेंइस सुविधा का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी होना बेहद जरूरी है। सबसे पहले आपका UAN (Universal Account Number) एक्टिव होना चाहिए और आपका PF अकाउंट Aadhaar से लिंक होना अनिवार्य है। इसके साथ ही आपका मोबाइल नंबर Aadhaar और UPI ऐप दोनों से जुड़ा होना चाहिए। वहीं बैंक की KYC पूरी तरह अपडेट होनी चाहिए और उसे आपके एम्प्लॉयर द्वारा वेरिफाई किया गया होना भी जरूरी है।