देश की आईफोन फैक्ट्रियों में युवतियों की बढ़ती भागीदारी, रोजगार के नए अवसर..

नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के चलते देश में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा है। आईफोन फैक्ट्रियों में ही अब एक लाख से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। मंत्री ने आगे बताया कि कई कारखानों में आधे से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं और महिला कर्मचारी सेमीकंडक्टर संयंत्र जैसी अत्यधिक जटिल इकाइयों में भी अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। देश में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग एप्पल फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से पांच फैक्ट्रियों में होती है। पीक प्रोडक्शन साइकिल में इन फैक्ट्रियों में कुल 1,40,000 कर्मचारियों को रोजगार मिलता है, जिनमें से 1,00,000 महिलाएं हैं। अधिकांश महिलाएं 19-24 वर्ष की हैं और इनमें से कई के लिए यह पहली नौकरी है। कर्मचारियों को काम शुरू करने से पहले छह हफ्तों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे असेंबली लाइन पर जाने से पहले सभी बारीकियों को समझ सकें। एप्पल ने भारत में अपने उत्पादन को 2025 में लगभग 53 प्रतिशत बढ़ाया है। इस दौरान देश में करीब 5.5 करोड़ आईफोन यूनिट्स की असेंबली की गई, जबकि पिछली वर्ष यह संख्या 3.6 करोड़ थी। एप्पल यह कदम अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए उठा रहा है और अब भारत में अपने वैश्विक उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव PLIयोजना और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के प्रयासों से महिलाओं को तकनीकी उद्योग में अधिक रोजगार और सशक्तिकरण मिल रहा है।