सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है। पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था। मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है। जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी। पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई। घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दहेज उत्पीड़न मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, शादी बचाने की जिद बेटियों को मौत की ओर धकेल रही

नई दिल्ली । देश में दहेज उत्पीड़न और विवाहित महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील टिप्पणी की है। एक मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने भारतीय समाज की उस मानसिकता पर चिंता व्यक्त की, जिसमें बेटियों की खुशियों और सुरक्षा से अधिक शादी बचाने और सामाजिक प्रतिष्ठा को महत्व दिया जाता है। अदालत ने कहा कि कई बार परिवारों की यही सोच महिलाओं को ऐसे हालात में रहने के लिए मजबूर कर देती है, जो आगे चलकर गंभीर और दुखद परिणामों का कारण बनते हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि समाज में आज भी तलाक को लेकर संकोच और सामाजिक दबाव की भावना बनी हुई है। इसी कारण कई परिवार अपनी बेटियों को ससुराल में हो रही मानसिक या शारीरिक प्रताड़ना के बावजूद वापस घर लाने से हिचकिचाते हैं। कई मामलों में माता-पिता यह मानते हैं कि शादी टूटने से सामाजिक छवि प्रभावित होगी, इसलिए वे बेटियों को हर परिस्थिति में रिश्ता निभाने की सलाह देते हैं। अदालत ने माना कि यह सोच कई बार महिलाओं को बेहद कठिन परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर कर देती है। अदालत ने यह भी कहा कि शादी को किसी भी कीमत पर बचाने की मानसिकता समाज में लंबे समय से मौजूद है। परिवार अक्सर यह सोचते हैं कि रिश्ते टूटने की बजाय उन्हें किसी भी तरह जारी रखना बेहतर विकल्प है। लेकिन जब किसी महिला को लगातार प्रताड़ना, हिंसा या मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है, तब यही सोच उसके जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। अदालत ने इस सामाजिक सोच को बदलने की जरूरत पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने माता-पिता और अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। अदालत ने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को यह भरोसा देना चाहिए कि उनका घर हमेशा उनके लिए सुरक्षित स्थान रहेगा। यदि किसी महिला को अपने वैवाहिक जीवन में उत्पीड़न या असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है तो उसे मजबूरी में वहां रहने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि किसी भी सामाजिक धारणा या प्रतिष्ठा से अधिक महत्वपूर्ण व्यक्ति की सुरक्षा और जीवन होता है। न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि कानूनों के बावजूद दहेज जैसी सामाजिक बुराइयां अब भी समाज में मौजूद हैं। समय के साथ कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया गया है, लेकिन केवल कानूनों के सहारे इस समस्या का समाधान संभव नहीं माना जा सकता। अदालत का मानना है कि इसके लिए सामाजिक सोच में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं को भय और दबाव के बिना जीवन जीने का अवसर मिल सके। विशेषज्ञों का भी मानना है कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी ढांचे से नहीं बल्कि सामाजिक स्वीकार्यता और पारिवारिक समर्थन से भी जुड़ी होती है। जब तक समाज में तलाक और वैवाहिक असफलता को लेकर नकारात्मक सोच बनी रहेगी, तब तक कई महिलाएं दबाव में कठिन परिस्थितियों का सामना करती रहेंगी। अदालत की यह टिप्पणी केवल एक कानूनी टिप्पणी नहीं बल्कि समाज के लिए एक गंभीर संदेश के रूप में भी देखी जा रही है।
Datiya Dowry Harassment: बुलेट और सोने की चेन के लिए विवाहिता पर अत्याचार? दतिया में पति-ससुराल वालों पर केस दर्ज

HIGHLIGHTS: दतिया में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया बुलेट और सोने की चेन की मांग का आरोप पति और ससुराल वालों पर मारपीट के आरोप मायके पहुंचकर भी विवाहिता से की गई मारपीट पुलिस ने तीन आरोपियों पर केस दर्ज किया Datiya Dowry Harassment: मध्यप्रदेश। दतिया जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया है। आरोप है कि बुलेट मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को पति और ससुराल पक्ष ने प्रताड़ित किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 20 फरवरी 2025 को ग्राम बड़ा पचेरा निवासी संदीप कर्ण के साथ हुई थी। शादी में पिता ने करीब एक लाख रुपए नकद, स्प्लेंडर बाइक और घरेलू सामान दिया था। Collector Inspects Procurement Centers: उपार्जन केंद्रों पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश मांग पूरी नहीं हुई तो शुरू हुई मारपीट पीड़िता के अनुसार शादी के करीब एक महीने बाद ही पति संदीप, सास सरोज और ससुर रविंद्र कर्ण ने बुलेट मोटरसाइकिल और सोने की चेन की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे ताने दिए जाने लगे और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। विवाहिता ने आरोप लगाया कि उसका पति आए दिन उसके साथ मारपीट भी करता था। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा.. मायके पहुंचकर भी नहीं रुका विवाद लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर विवाहिता अपने मायके आकर रहने लगी थी। आरोप है कि 4 मई को पति संदीप और ससुर रविंद्र उसके मायके पहुंच गए और वहां भी विवाद करते हुए उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल बन गया। इसके बाद पीड़िता अपने पिता के साथ इंदरगढ़ थाने पहुंची और नामजद शिकायत दर्ज कराई। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा.. पुलिस ने शुरू की जांच पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दहेज प्रताड़ना की इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
West Bengal Election: आरजी कर केस की गूंज चुनाव में, पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे

HIGHLIGHTS: पानीहाटी सीट पर रत्ना देबनाथ आगे RG Kar केस बना बड़ा चुनावी मुद्दा TMC के तीर्थंकर घोष से सीधा मुकाबला महिला सुरक्षा पर केंद्रित रहा प्रचार भावनात्मक कैंपेन का दिखा असर West Bengal Election: कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में BJP की स्थिति मजबूत नजर आ रही है, लेकिन इस बीच कुछ सीटें काफी चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है उत्तर 24 परगना की पानीहाटी सीट, जहां RG Kar केस की गूंज चुनावी मुद्दा बन गई है। इस सीट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यहां मुकाबला सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी बन गया है। West Bengal Election: ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंजा BJP मुख्यालय, कोलकाता में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न रत्ना देबनाथ पानीहाटी से आगे रत्ना देबनाथ जो आरजी कर रेप-मर्डर पीड़िता की मां हैं, पानीहाटी विधानसभा सीट से आगे चल रही हैं। चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक वह अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तीर्थंकर घोष से बढ़त बनाए हुए हैं। इस सीट पर उनकी बढ़त को BJP के लिए अहम माना जा रहा है। WEST BENGAL ELECTION: पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों ने TMC का साथ छोड़ा, मतगणना के बीच शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान हाई-प्रोफाइल मुकाबला बना पानीहाटी पानीहाटी सीट इस बार सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। तीर्थंकर घोष, जो पांच बार के विधायक के परिवार से आते हैं, और रत्ना देबनाथ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यह सीट दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है और यहां का चुनावी माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है। WEST BENGAL ELECTION: चुनाव में दिखा ‘झालमुड़ी फैक्टर, झाड़ग्राम में बीजेपी की मजबूत पकड़ महिला सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा चुनाव प्रचार के दौरानरत्ना देबनाथ ने अपनी बेटी के मामले को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके इस भावनात्मक और मजबूत कैंपेन का असर अब रुझानों में भी दिखता नजर आ रहा है। west bengal election 2026: पश्चिम बंगाल में 1 बजे तक 60% से ज्यादा मतदान, तमिलनाडु थोड़ा पीछे, देंखे अब तक के आंकड़े भावनाओं से जुड़ा चुनावी संदेश रत्ना देबनाथ ने प्रचार के दौरान कहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को खोया है, लेकिन अब वह समाज की सेवा करना चाहती हैं। उनका यह संदेश मतदाताओं के बीच गहराई से जुड़ा और चुनाव को एक अलग दिशा दे गया। पानीहाटी सीट अब सिर्फ एक राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश का केंद्र बन चुकी है।
GWALIOR WOMAN RAPED: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, फिर पति को भेजे अश्लील फोटो-वीडियो; रिश्ता टूटा

HIGHLIGHTS : शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म शादी के बाद भी ब्लैकमेल कर शोषण पति को भेजे अश्लील फोटो-वीडियो पति ने छोड़ा, आरोपी फिर मुकरा पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को पकड़ा GWALIOR WOMAN RAPED: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में 26 वर्षीय युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई कि साल 2025 में उसकी दोस्ती अपनी सहेली के भाई मुश्फिक हुसैन से हुई थी। आरोपी ने प्यार का इजहार कर उसे अपने जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह लगातार युवती का शोषण करता रहा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। GT vs RCB: “स्कोर कम रह गया”, हार के बाद बोले रजत पाटीदार-मिडिल ऑर्डर की नाकामी बनी वजह शादी के बाद भी जारी रहा दबाव और ब्लैकमेल इसी दौरान युवती के परिवार ने उसकी शादी कहीं और कर दी, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। शादी के बाद भी वह उसे मिलने के लिए मजबूर करता रहा और पुराने रिश्ते को उजागर करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहा। जब युवती ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसके पति को दोनों के संबंधों के बारे में बता दिया और अश्लील फोटो व वीडियो भेज दिए। होटल में शर्मनाक हरकत: महिला खिलाड़ियों का वीडियो बनाने पर श्रीलंकाई U-19 क्रिकेटर गिरफ्तार सच्चाई सामने आते ही टूटा वैवाहिक जीवन आरोपी द्वारा भेजे गए फोटो और वीडियो देखने के बाद युवती का वैवाहिक जीवन टूट गया। उसके पति ने उसे छोड़ दिया, जिसके बाद वह मायके में रहने लगी। इस मुश्किल समय में आरोपी ने फिर से उससे संपर्क किया और शादी का वादा कर दोबारा संबंध बनाए, लेकिन बाद में वह अपने वादे से मुकर गया। इमरान खान ने मांगी मानवीय आधार पर रिहाई, एकांत कारावास और आंखों की गंभीर समस्या को बताई वजह पुलिस ने दर्ज किया मामला लगातार शोषण और धमकियों से परेशान होकर युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई: महिलाओं की शिकायतों पर फौरन कार्रवाई का भरोसा

भोपाल। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर बुधवार को एमएलबी कॉलेज, भोपाल में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं की समस्याओं को सुनने और समाधान कराने के लिए पहुंची। आयोग ने मौके पर ही कई मामलों का समाधान करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान एक महिला, जो एक साल के बच्चे के साथ आई थी, ने आयोग के सामने बताया कि वर्ष 2025 से कोई उसका पीछा कर परेशान कर रहा है। उसने यह शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आयोग ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और महिला को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान किया जाएगा। इसी बीच करोंद क्षेत्र की सुधीर राय की पत्नी भी बेंच के सामने आईं और बताया कि उनका विवाद सुलझ गया है, लेकिन आयोग को दी गई शिकायत में उनका नाम अब तक नहीं हटाया गया, इसलिए उन्हें फिर से आना पड़ा। इस पर अध्यक्ष रहाटकर ने गुलदस्ता देकर विवाद समाप्त कराया और महिला को राहत दिलाई। 📝 आयोग का उद्देश्य और कार्यप्रणालीअध्यक्ष रहाटकर ने बताया कि कई महिलाएं सीधे राष्ट्रीय या राज्य महिला आयोग तक अपनी शिकायतें नहीं पहुंचा पाती, इसलिए आयोग स्वयं महिलाओं के बीच जाकर जनसुनवाई कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं आसानी से अपने अधिकारों के लिए शिकायत दर्ज करा सकें और मौके पर समाधान पा सकें। भोपाल में इस जनसुनवाई के दौरान करीब 50 मामलों की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई में कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, संबंधित थानों के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं। इससे कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया जा सकता है और शिकायतकर्ता को तुरंत राहत मिलती है। ⚡ प्रशासनिक तैयारी और व्यवस्थाअध्यक्ष के आने से पहले ही भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और उनकी पूरी टीम सुनवाई स्थल पर पहुंच गई थी। दरअसल, पिछले वर्ष आयोग अध्यक्ष के समय पर आने पर कलेक्टर की देरी से नाराजगी जताई गई थी, इसलिए इस बार प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया गया। अधिकारियों ने सुनवाई स्थल की तैयारियों की समीक्षा की और महिलाओं के स्वागत के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की। 🔹 प्रमुख बातेंमहिलाओं की शिकायतें गंभीर और संवेदनशील थीं, जिनमें घरेलू हिंसा, पीछा करने वाले, और पुलिस की लापरवाही शामिल थी। आयोग ने 50 मामलों की सुनवाई शुरू की और कई मामलों का समाधान मौके पर ही किया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष का पद फिलहाल खाली है। इस संबंध में वे उचित मंच पर अपनी बात रखेगी। आयोग का उद्देश्य है कि महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आसानी से शिकायत कर सकें और तुरंत न्याय और सुरक्षा प्राप्त कर सकें। भोपाल, राष्ट्रीय महिला आयोग, विजया रहाटकर, जनसुनवाई, महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, पीछा करने वाला, पुलिस शिकायत, एमएलबी कॉलेज, मध्य प्रदेश, महिलाओं की समस्याएं, समाधान मौके पर, कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, 50 मामलों की सुनवाई, राज्य महिला आयोग, महिला शिकायतें, कानूनी कार्रवाई, गंभीर मामलों की सुनवाई, महिला अधिकार, आयोग बेंच, सरकारी प्रोटोकॉल, न्यायिक समाधान
ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो

ग्वालियर। ग्वालियर के शताब्दीपुरम (आस्तिव देव नगर) में रविवार की रात दहशत और दिलेरी की एक अनूठी कहानी लिखी गई। यहाँ एक 21 वर्षीय महिला, शिवानी कौरव, को उनके ही घर में बंधक बनाने की कोशिश की गई। एक सिरफिरे नशेड़ी, गोलू उर्फ किशोर सिंह परिहार, ने शिवानी के घर के बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें कैद कर दिया और विरोध करने पर सरेआम कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी दी। दहशत का वो मंजर: “मैं अल्लू शर्मा हूँ, गोली मार दूँगा”घटना तब हुई जब शिवानी का पति हरेंद्र कौरव बाजार गया हुआ था। आरोपी गोलू ने पहले शिवानी को घर के अंदर बंद किया और फिर बाहर से गालियां देने लगा। जब शिवानी ने खिड़की से विरोध किया, तो आरोपी ने अपना नाम ‘अल्लू शर्मा’ बताकर खौफ पैदा करने की कोशिश की और कट्टा तान दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने घर की ओर फायरिंग भी की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। महिला की बहादुरी: मौत के सामने भी नहीं कांपा हाथइस खौफनाक स्थिति में भी शिवानी ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने डरकर छिपने के बजाय अपने मोबाइल से आरोपी का 21 सेकंड का वीडियो शूट कर लिया। इस वीडियो में आरोपी खुलेआम कट्टा लहराते और बदतमीजी करते हुए साफ नजर आ रहा है। यही वीडियो बाद में आरोपी की गिरफ्तारी का सबसे बड़ा आधार बना। शिवानी ने तुरंत फोन कर अपने पति और पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस का एक्शन: घेराबंदी कर दबोचा गया ‘अल्लू’महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी भाग नहीं सका और उसे अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बुरी तरह नशे में धुत था और बिना किसी पुराने विवाद के इस वारदात को अंजाम दे रहा था।आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद कर लिया गया है। हालांकि, वह गोली चलाने की बात से मुकर रहा है, लेकिन पुलिस वीडियो और स्थानीय गवाहों के आधार पर जांच कर रही है।
झारखंड में हैवानियत: 15 वर्षीय नाबालिग को अगवा कर तीन दिनों तक बंधक बनाकर गैंगरेप, तीन आरोपी गिरफ्तार

पाकुड़ झारखंड । झारखंड के पाकुड़ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ मालपहाड़ी ओपी क्षेत्र में एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर छह दरिंदों ने तीन दिनों तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म गैंगरेप जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के प्रकाश में आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को दबोच लिया है जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है। दुकान से सामान लेने गई थी पीड़िता हाईवा में किया अगवा जानकारी के अनुसार यह खौफनाक वारदात 17 फरवरी को घटित हुई थी। पीड़िता अपने गांव की एक दुकान से सामान लेने निकली थी तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे छह युवकों ने उसे जबरन एक हाईवा ट्रक में खींच लिया। आरोपी उसे किसी सुनसान स्थान पर ले गए जहाँ उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। दहशत के कारण पीड़िता काफी समय तक चुप रही लेकिन अंततः 6 मार्च को उसने साहस जुटाकर थाने में आवेदन दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन गिरफ्तार हाईवा जब्त मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी ने बताया कि पुलिस ने दबिश देकर तीन आरोपियों दशरथ किस्कू सकल टुडू दोनों मालपहाड़ी निवासी और प्रधान मरांडी महेशपुर निवासी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किए गए हाईवा ट्रक को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश तेज एसपी निधि द्विवेदी ने आश्वस्त किया है कि घटना में शामिल शेष तीन आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की मेडिकल जांच करा ली गई है और उसकी स्थिति फिलहाल स्थिर है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि फरार आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा ताकि पीड़िता को उचित न्याय मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा की मांग की है।
Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित

नई दिल्ली। गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है। लेकिन जब महिलाएं ड्राइव कर रही हों, खासकर रात के समय, तो उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई महिलाएं देर रात ऑफिस से घर लौटती हैं या अन्य कामों के लिए यात्रा करती हैं, ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जानते हैं कि महिलाओं को रात में कार चलाते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। 1. गाड़ी के सभी दरवाजे लॉक रखेंड्राइविंग शुरू करते ही कार के सभी दरवाजों को लॉक कर लेना चाहिए। सिर्फ ड्राइविंग सीट का दरवाजा लॉक करना पर्याप्त नहीं होता। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति को लिफ्ट देने से बचना भी सुरक्षित रहता है। 2. सुनसान रास्तों से बचेंरात के समय शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान या कम आवाजाही वाले रास्तों से बचना बेहतर होता है। यदि नेविगेशन का उपयोग कर रहे हैं तो छोटे रास्तों की बजाय मुख्य सड़क या हाईवे का चयन करना अधिक सुरक्षित हो सकता है। 3. कार की स्थिति पहले से जांच लेंड्राइव पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति जरूर जांच लें। कार की समय पर सर्विसिंग हो, बैटरी सही हो, टायर में पर्याप्त हवा हो और हेडलाइट समेत सभी जरूरी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हों। 4. सेफ्टी टूल्स साथ रखेंकार में कुछ जरूरी सुरक्षा उपकरण रखना फायदेमंद हो सकता है। जैसे पेपर स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक रॉड या अन्य सेल्फ डिफेंस टूल्स, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकें। 5. फोन और लोकेशन हमेशा एक्टिव रखेंरात में यात्रा करते समय मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज होना चाहिए। अपनी लाइव लोकेशन परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर करना भी सुरक्षित कदम है। इसके अलावा मोबाइल के डायल पैड पर पुलिस या किसी करीबी का नंबर सबसे ऊपर सेव रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत कॉल किया जा सके। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर महिलाएं रात में भी ज्यादा सुरक्षित तरीके से ड्राइव कर सकती हैं।
जबलपुर: कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म, वॉल्यूम तेज कर वारदात को अंजाम

जबलपुर । जबलपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक कैफे में महिला के साथ दुष्कर्म की घटना ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि मुख्य आरोपी जुनैद ने महिला को कैफे में बुलाया और उसे केबिन में ले जाकर इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता महिला की एक युवती के माध्यम से आरोपी जुनैद से परिचित हुई थी। पुलिस ने बताया कि जुनैद ने महिला को कैफे में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही महिला कैफे पहुंची आरोपी ने उसे केबिन में खींचकर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। महिला ने विरोध किया लेकिन आरोपी ने धमकी दी और कैफे के कर्मचारी से साउंड सिस्टम का वॉल्यूम बढ़वाया ताकि महिला की आवाज बाहर न जा सके। इसके बाद आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में कैफे के संचालक और एक कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अधारताल ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कैफे जैसी सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिस ही नहीं बल्कि समाज और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता भी आवश्यक है। महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से सार्वजनिक स्थानों में सीसीटीवी कैमरा सुरक्षा गार्ड और साउंड अलर्ट जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। वहीं आम नागरिकों को भी इस तरह की परिस्थितियों में सतर्क रहने और तुरंत मदद लेने की शिक्षा देने की जरूरत है। महिला अधिकार संगठन और समाजसेवी इस घटना की निंदा कर रहे हैं और प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो और आरोपी कठोर दंड के दायरे में आएं। इससे न केवल पीड़ित को न्याय मिलेगा बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। अधारताल पुलिस ने कहा कि वे सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं जिसमें आरोपी के नेटवर्क घटना के समय कैफे की स्थिति और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका शामिल है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी को घटना के संदर्भ में जानकारी हो तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। जबलपुर का यह मामला यह साफ करता है कि सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा की कमजोरियां कितनी घातक हो सकती हैं। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन समाज और आम नागरिकों को मिलकर कदम उठाना जरूरी है।