Lumpy virus: सावधान! लंपी वायरस का बढ़ता खतरा, इस क्षेत्र में 200 मवेशी पाए गए संक्रमित

Lumpy virus outbreak in Shivpuri: शिवपुरी। जिले में लंपी वायरस एक बार फिर मवेशियों के लिए खतरा बन गया है। जिला मुख्यालय सहित आस-पास के ग्रामीण इलाकों में इस वायरस के लक्षण तेजी से सामने आ रहे हैं। अब तक करीब 200 मवेशियों में लंपी स्किन डिजीज के लक्षण पाए गए हैं, जिनका उपचार जारी है। प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। शुरू हुआ लंपी वायरस वैक्सीनेशन अभियान स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग ने लंपी वायरस के प्रसार को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में एहतियात के तौर पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है। उपसंचालक डॉ. एल.आर. शर्मा ने जानकारी दी कि शिवपुरी को प्रदेश स्तर से कुल 25 हजार डोज वैक्सीन प्राप्त हुई हैं। इन वैक्सीन को रणनीतिक रूप से विभाजित किया गया है प्रत्येक विकासखंड को 3,000 डोज जबकि जिला मुख्यालय को 4,000 डोज आवंटित की गई हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पशुपालकों को सतर्क रहने और समय पर लक्षणों की पहचान कर सूचना देने की सलाह दी गई है। इस बार सैंपलिंग में देरी सितंबर 2022 में लंपी वायरस ने शिवपुरी जिले में भीषण तबाही मचाई थी, जिससे सैकड़ों मवेशियों की जान चली गई थी। उस समय स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सैंपलिंग कराई गई थी, जिससे संक्रमण की पुष्टि और नियंत्रण में मदद मिली थी। हालांकि इस बार अभी तक सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। विभाग का मानना है कि यदि समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है। यह भी पढ़ें : सत्ता और संगठन का हुआ गेट-टूगेदर, CM समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद, पढ़िए किन मुद्दों पर हुई चर्चा
MP News: सत्ता और संगठन का हुआ गेट-टूगेदर, CM समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद, पढ़िए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

MP News: भोपाल की सीएम हाउस में शनिवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा के संगठन पदाधिकारी और राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं कैबिनेट मंत्री ने हिस्सा लिया। इस बैठक में सेवा पखवाड़ा, जीएसटी दरों में संभावित बदलाव और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ‘छोटी टोली’ की पहली बैठक सत्ता और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक नया फॉर्मूला ‘छोटी टोली’ विकसित किया गया है। इस टोली में सरकार और सत्ता संचालित करने वाले मुख्य नेतृत्व शामिल हैं, जो नियमित रूप से मिलकर पार्टी और सत्ता के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इसी कड़ी में सीएम हाउस में ‘छोटी टोली’ की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडलेवाल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के साथ उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, जगदीश देवड़ा, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और राकेश सिंह मौजूद रहे। जीएसटी बदलाव और पार्टी ब्रांडिंग पर चर्चा बैठक में जीएसटी में किए गए बदलावों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी को देने के उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, पार्टी की ब्रांड इमेज को मजबूत करने के लिए भी रणनीतियाँ बनाई गईं। आगामी नवरात्रि और विजयादशमी पर्व को उत्साहपूर्वक मनाने के तरीके और इन अवसरों पर पार्टी की भागीदारी बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश और पार्टी का प्रभाव अधिकतम हो सके। सरकार, संगठन और सत्ता के बीच समन्वय पर केंद्रित बैठक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार, संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सभी को एक समान दिशा में प्रगतिशील बनाना था। साथ ही सेवा पखवाड़ा, 22 सितंबर से लागू होने वाली जीएसटी की नई दरों के बाद के कार्यक्रम, आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान एवं संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। यह भी पढ़ें : मध्यप्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, मुरैना में मिला देश का सबसे…
MP NEWS: मध्यप्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में रचा इतिहास, मुरैना में मिला देश का सबसे…

The Lowest Rate Obtained Was Rs 2.70: मुरैना। मध्यप्रदेश ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए मुरैना जिले में विकसित हो रहे पहले सौर ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट के लिए देश की अब तक की सबसे कम दर ₹2.70 प्रति यूनिट प्राप्त की है। इससे पहले राष्ट्रीय स्तर पर यह न्यूनतम दर ₹3.09 थी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि “सेवा पखवाड़ा” के दौरान हासिल हुई है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व शैली का प्रतिफल माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दी प्रदेशवासियों को बधाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “मुरैना में मध्यप्रदेश के पहले सौर ऊर्जा भंडारण प्रोजेक्ट में ₹2.70 प्रति यूनिट की अब तक की सबसे न्यूनतम दर प्राप्त हुई है, जो पहले की ₹3.09 की दर से भी कम है। सेवा पखवाड़ा के दौरान मिली यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व का परिणाम है।” उन्होंने आगे कहा कि इससे औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। एमपी बनेगा ऊर्जा सरप्लस राज्य यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड (MPPMCL) और रिन्यूएबल एनर्जी मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड (RUMSL) के संयुक्त सहयोग से विकसित किया जा रहा है। 600 मेगावॉट क्षमता वाले इस सौर ऊर्जा भंडारण पार्क में अत्याधुनिक बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे दिन में उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा को संग्रहित कर रात और पीक ऑवर्स (जैसे सुबह और शाम के व्यस्त समय) में भी हरित ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। यह भी पढ़ें : ग्रामीण 20 साल से मांग रहे हैं मुक्तिधाम, मजबूर होकर कर रहे हैं खुले में अंतिम संस्कार…
ये कैसी हैवनियातन… दांतों से काटकर अलग कर दी पत्नी की नाक, जानिए क्या है पूरा मामला

Husband Bites Off Wife’s Nose(MP NEWS): शिवपुरी। सतनवाड़ा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक पति ने चरित्र पर शक के चलते अपनी पत्नी की नाक काट दी। अपने जीजा की मदद से पति ने पत्नी पर हमला कर उसकी नाक काट ली। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। अलग हो गई नाक पीड़िता आरती आदिवासी (23) ने पुलिस को बताया कि 16 सितंबर की रात करीब 10 बजे उसका पति राजेश आदिवासी और उसका जीजा सलीम खान घर आए। दोनों ने उसे गालियाँ दीं। सलीम ने उसके हाथ पकड़ लिए। तभी राजेश ने दांतों से उसकी नाक काट दी,जो पूरी तरह कटकर अलग हो गई। मुखबिर की सूचना पर आरोपी गिरफ्तार महिला की शिकायत पर थाना प्रभारी सुनील राजपूत ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसपी अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर गठित टीम ने मुखबिर की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए राजेश आदिवासी (25) और सलीम खान (35) को आदिवासी बस्ती के टपरिया से गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट का अहम फैसला: विधवा को मिलेगा पारिवारिक पेंशन का अधिकार
Guna News: ग्रामीण 20 साल से मांग रहे हैं मुक्तिधाम, मजबूर होकर कर रहे हैं खुले में अंतिम संस्कार…

Guna News: गुना शहर से कुछ किलोमीटर दूर स्थित गढ़ा गांव के लोग आज भी खुले मैदान में ही अपने परिजनों के अंतिम संस्कार करने को मजबूर हैं। पिछले 12 वर्षों से ग्रामीण मुक्तिधाम की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी आवाज़ अब तक प्रशासन तक नहीं पहुंच सकी है। खुले में अंतिम संस्कार की मजबूरी गांव के निवासी प्रदीप कुमार शर्मा के पिता सुदामा प्रसाद शर्मा का शुक्रवार को निधन हो गया। शनिवार सुबह परिवार और रिश्तेदार शव लेकर गांव के बाहर एक खुली जगह पर पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि यह जगह अंतिम संस्कार के लिए नियमित रूप से इस्तेमाल होती है, लेकिन यहां मुक्तिधाम या शेड जैसी कोई भी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे परिवारों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पगडंडी से गुजरकर पहुंचना पड़ता है अंतिम संस्कार स्थल ग्रामीणों ने बताया कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए कोई पक्का या उचित रास्ता नहीं है। शव लेकर ऊबड़-खाबड़ और संकुचित पगडंडी से गुजरना पड़ता है, जो अंतिम संस्कार के दौरान परिवार वालों के लिए अतिरिक्त मुश्किलें पैदा करता है। शनिवार को भी इसी कठिन रास्ते से शव को मुक्तिधाम तक ले जाया गया। गांव के लोग बताते हैं कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। पानी भर जाने के कारण खुले मैदान में अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो जाता है, जिससे शवों को तिरपाल के नीचे ही दफनाना पड़ता है। इस वजह से परिवारों को भारी असुविधा और मानसिक कष्ट सहना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव में एक स्थायी मुक्तिधाम का निर्माण किया जाए और वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता तैयार किया जाए, ताकि अंतिम संस्कार के समय इन परेशानियों से निजात मिल सके। यह भी पढ़ें : चंबल के डकैतों की दहशत: पान सिंह तोमर से ददुआ तक….जिनके नाम से कांपते थे राजा-महाराजा
हाईकोर्ट का अहम फैसला: विधवा को मिलेगा पारिवारिक पेंशन का अधिकार

MP News: ग्वालियर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में विधवा महिला को पारिवारिक पेंशन का अधिकार दिलाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु नियमित सेवा के दौरान होती है, तो पारिवारिक पेंशन देने से इनकार नहीं किया जा सकता भले ही सेवा अवधि 10 वर्ष से कम क्यों न हो। बता दें यह फैसला कमलीबाई नामक याचिकाकर्ता के मामले में आया, जिनके पति की मृत्यु वर्ष 1998 में मात्र 7 साल 6 महीने 8 दिन की सेवा के बाद हो गई थी। विभाग ने 10 साल की न्यूनतम सेवा अवधि पूरी न होने का हवाला देकर पेंशन देने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए महिला को पारिवारिक पेंशन के साथ 6% वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश दिया। हाईकोर्ट की स्पष्ट व्याख्या ग्वालियर हाईकोर्ट ने पेंशन से जुड़े नियमों की सटीक व्याख्या करते हुए कहा कि पेंशन नियम 1976 की धारा 47 के अनुसार, यदि कोई सरकारी कर्मचारी सेवा में रहते हुए मृत्यु को प्राप्त होता है, तो उसके परिवार को पारिवारिक पेंशन पाने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने विभाग द्वारा लागू किए गए नियम 43(2) को इस मामले में प्रासंगिक नहीं माना और स्पष्ट किया कि यह नियम केवल सेवानिवृत्ति की स्थिति में लागू होता है, न कि सेवा के दौरान मृत्यु पर हो । कोर्ट ने यह भी कहा कि गलत नियमों का हवाला देकर विधवा को पेंशन से वंचित करना अन्यायपूर्ण है।
चंबल के डकैतों की दहशत: पान सिंह तोमर से ददुआ तक….जिनके नाम से कांपते थे राजा-महाराजा

chambal dacoits list: मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमाओं में फैला चंबल का इलाका कभी देश का सबसे बड़ा डकैत बेल्ट माना जाता था। खासकर मध्य प्रदेश के चंबल बीहड़ को सबसे खतरनाक और दुर्गम क्षेत्र माना जाता है, जहां एक दौर में खूंखार डकैतों का राज चलता था। ये वो दौर था जब पान सिंह तोमर, ददुआ, मलखान सिंह और फूलन देवी जैसे नाम जंगलों से निकलकर अखबारों की सुर्खियां बनते थे। इनका खौफ आम जनता से लेकर सत्ता तक महसूस करती थी। आइए जानते हैं चंबल के इतिहास के उन कुख्यात डकैतों के बारे में, जिनके नाम से पूरा इलाका थर्रा उठता था। मान सिंह से लेकर मोहर सिंह तक का खौफ चंबल के बीहड़ों में एक दौर ऐसा भी था जब सैकड़ों डाकुओं ने अपना आतंक फैलाया हुआ था। चाहे वो कुख्यात डाकू मान सिंह हों या फिर पान सिंह तोमर, माधो सिंह या मोहर सिंह, इन सभी ने चंबल के बीहड़ों को अपना किला बना लिया था। इन डकैतों का इतना खौफ था कि आम जनता तो दूर, नेता और प्रशासन तक उनकी मर्जी से काम करते थे। इनका नाम सुनते ही इलाके में सन्नाटा पसर जाता था। आज हम आपको चंबल के उन्हीं कुख्यात डाकुओं की ‘कुंडली’ यानी उनके इतिहास, अपराध और आतंक की कहानियां बताएंगे, जिनका खौफ दशकों तक कायम रहा। डकैत पान सिंह तोमर पान सिंह तोमर एक शानदार एथलीट थे, जिन्होंने भारतीय सेना की ओर से स्टिपलचेज़ दौड़ में कई रिकॉर्ड बनाए। बता दें हालात ऐसे बने कि उन्हें मजबूरी में बंदूक उठानी पड़ी। अपने परिवार और ज़मीन के लिए लड़ते-लड़ते वे कानून के खिलाफ चले गए और चंबल घाटी में एक कुख्यात बागी के रूप में पहचाने जाने लगे। 1981 में भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक मुठभेड़ में पान सिंह तोमर को मार गिराया। उनके जीवन की यह त्रासदी यह दर्शाती है कि कभी-कभी हालात एक राष्ट्रीय खिलाड़ी को भी अपराध की राह पर ले जा सकते हैं। डकैत निर्भय सिंह गुज्जर चंबल के बीहड़ों में आतंक का दूसरा नाम बन चुका था निर्भय सिंह गुज्जर। उसके पास करीब 80 डाकुओं की एक संगठित फौज थी, जो आधुनिक हथियारों से लैस थी। एके-47 राइफल, नाइट विजन दूरबीन और बुलेटप्रूफ जैकेट से सुसज्जित निर्भय किसी सैन्य कमांडो से कम नहीं लगता था। उसके खौफ से आम जनता ही नहीं, बड़े-बड़े नेता और अफसर भी कांपते थे। निर्भय सिंह गुज्जर पर डकैती के अलावा हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे। आखिरकार, 2005 में पुलिस ने एक मुठभेड़ में उसे मार गिराया। उसकी मौत के साथ चंबल के डकैतों के एक खूनी अध्याय का अंत हुआ, लेकिन उसका नाम आज भी बीहड़ों में खौफ की मिसाल बना हुआ है। फूलन देवी फूलन देवी चंबल घाटी की सबसे कुख्यात और चर्चित डकैतों में से एक रहीं, जिन्हें दुनिया “बैंडिट क्वीन” के नाम से जानती है। समाज के ऊंची जातियों द्वारा यौन शोषण और अत्याचार का शिकार होने के बाद उन्होंने हथियार उठाए और एक डकैत गिरोह में शामिल हो गईं। फूलन ने प्रतिशोध की आग में जलते हुए उच्च जाति के गांवों को निशाना बनाया ।1983 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हस्तक्षेप के बाद फूलन देवी ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उन्होंने ग्यारह साल जेल में बिताए। रिहा होने के बाद फूलन देवी ने राजनीति में कदम रखा और एक बार संसद सदस्य भी बनीं। उनका जीवन एक बार फिर हिंसा की भेंट चढ़ गया, जब 2001 में उनकी दिल्ली स्थित आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। मान सिंह चंबल की वीरभूमि से ताल्लुक रखने वाले मान सिंह का नाम सुनते ही लोग थर-थर कांप उठते थे। एक राजपूत परिवार से जुड़े मान सिंह को चंबल का सबसे खतरनाक डकैत माना जाता था। उसने अमीरों से लूट की लेकिन गरीब और लाचारों की मदद करना कभी नहीं छोड़ा, जिससे वह कुछ हद तक लोकायक बहादुर की छवि में भी था। मान सिंह के खिलाफ 1112 लूट और 125 हत्या के गंभीर मामले दर्ज थे, जो उसकी खतरनाक गतिविधियों का प्रमाण थे। अंततः 1955 में मध्य प्रदेश पुलिस के साथ भिंड जिले में हुई मुठभेड़ में मान सिंह की मौत हो गई। इस घटना ने चंबल की डकैत दुनिया में एक युग का अंत कर दिया। शिव कुमार पटेल (ददुआ) शिव कुमार पटेल ( ददुआ के नाम से जाना जाता है) का जन्म 1957 में उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के देवकली गांव में हुआ था। अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वह डकैतों के गिरोह में शामिल हुआ और जल्द ही बीहड़ों में सबसे खूंखार और ताकतवर गिरोह का नेता बन गया। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, जबरन वसूली और डकैती समेत 400 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। ददुआ की क्रूरता का आतंक उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, बांदा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में लगभग तीन दशकों तक फैला रहा। इसके बावजूद स्थानीय लोग उसे एक “रॉबिनहुड” के रूप में भी देखते थे, जो गरीबों की मदद करता और उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ता था। यह भी पढ़ें :समय श्रीवास्तव बने भारत के खिलाफ खेलने वाले भोपाल के पहले क्रिकेटर
MP Cricket History: समय श्रीवास्तव बने भारत के खिलाफ खेलने वाले भोपाल के पहले क्रिकेटर

Samay Shrivastava Asia Cup 2025: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए 19 तारीख का दिन गर्व का रहा। शहर के युवा क्रिकेटर समय श्रीवास्तव एशिया कप 2025 में ओमान की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत के खिलाफ मैदान में उतरे। यह मुकाबला समय को भोपाल के पहले ऐसे खिलाड़ी के रूप में दर्ज कर गया, जिन्होंने भारत के खिलाफ किसी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में हिस्सा लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ खेला मुकाबला समय श्रीवास्तव ने अपनी क्रिकेट यात्रा भोपाल के छह नंबर क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध अंकुर क्रिकेट अकादमी से शुरू की थी, जहाँ उन्होंने खेल की बारीकियां सीखीं। मध्यप्रदेश की एज ग्रुप टीमों में अपनी छाप छोड़ने के बाद, जब उन्हें सीनियर टीम में खेलने का मौका नहीं मिला, तो उन्होंने हार नहीं मानी और ओमान की राष्ट्रीय टीम ज्वाइन कर अपने सपने को एक नई ऊंचाई तक पहुंचाया। समय ओमान की टीम में शामिल होने वाले भोपाल के तीसरे खिलाड़ी थे, जिनमें मुनीस अंसारी (सीहोर) और अयान खान (भोपाल) भी शामिल थे। खास बात यह थी कि समय और अयान दोनों का संबंध अंकुर अकादमी से रहा। पाकिस्तान से बेहतर रहा ओमान भारत और ओमान की टीमें किसी भी क्रिकेट फॉर्मेट में पहली बार आमने-सामने आई थीं। आमतौर पर भारत नंबर-1 और ओमान 20वें नंबर पर होने की वजह से भारत की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। भारतीय टीम में टॉप बल्लेबाज, गेंदबाज और ऑलराउंडर थे, जबकि ओमान के खिलाड़ी ज्यादा जाने-पहचाने नाम नहीं रखते थे। इस मैच ने सभी की बातों को गलत साबित किया। ओमान टीम भले ही 21 रन से हार गई, लेकिन उसने पूरे 40 ओवर तक भारतीय बल्लेबाजों को दबाव में रखा। टूर्नामेंट में भारत ने पाकिस्तान को 35 ओवर में और UAE को 17 ओवर में हराया था, जबकि ओमान को इन दोनों टीमों से कमजोर माना जाता था। इसके बावजूद ओमान ने हिम्मत नहीं हारी और पूरे मैच में कड़ी टक्कर दी। ओमान का शानदार प्रदर्शन ओमान की टीम तारीफ के काबिल है क्योंकि उन्होंने एक ऐसी भारतीय टीम के खिलाफ खेला जिसने हाल के वर्षों में जबरदस्त सफलता हासिल की है। 1 जनवरी 2024 से टीम इंडिया टी20 क्रिकेट की सबसे सफल टीम रही है। इस दौरान भारत ने 34 में से 31 मैच जीते हैं,। इस दौरान भारत ने टी20 विश्व चैंपियनशिप का खिताब भी जीता। भारतीय और पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों से सजी है ओमान की टीम ओमान की क्रिकेट टीम में अधिकतर खिलाड़ी भारतीय और पाकिस्तानी मूल के हैं, जो खाड़ी देशों में बसे प्रवासी परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। एशिया कप 2025 में भारत के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में ओमान की कप्तानी जतिंदर सिंह ने की, जो भारतीय मूल के हैं। उनके अलावा टीम में भारतीय मूल के चार और खिलाड़ी शामिल थे। यह भी पढ़ें :फाइनल हुई एशिया कप सुपर-4 की टीमें, जानें कब और किसके बीच होगा मुकाबला, डेट नोट कर लीजिए
MP NEWS: भिंड में नाबालिग छात्रा को इंस्टाग्राम पर फंसाया, AI से बनाया अश्लील वीडियो…

10th Class Student Becomes Victim Of Blackmailing(MP NEWS): भिंड। जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कस्बे में रहने वाले 24 वर्षीय युवक गौतम सेन ने सोशल मीडिया के ज़रिए छात्रा से संपर्क कर उसे दोस्ती के जाल में फंसाया और फिर लगातार बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान आरोपी ने छात्रा से वीडियो कॉल कर उसकी रिकॉर्डिंग ली और बाद में AI तकनीक की मदद से अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। AI से वीडियो एडिट कर किया ब्लैकमेल थाना प्रभारी रवि उपाध्याय के अनुसार, आरोपी गौतम सेन और नाबालिग छात्रा के बीच पिछले चार से पांच महीनों से इंस्टाग्राम पर बातचीत हो रही थी। इस दौरान दोनों के बीच कई बार वीडियो कॉलिंग भी हुई। आरोप है कि युवक ने एक वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर छात्रा का वीडियो चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया। बाद में उसने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उन वीडियो क्लिप्स को एडिट कर अश्लील रूप दे दिया। आरोपी ने यह आपत्तिजनक वीडियो पीड़िता को भेजकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू किया। मानसिक रूप से परेशान छात्रा ने आखिरकार साहस दिखाते हुए परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। POCSO एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की है। आरोपी गौतम सेन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की जाएगी और तकनीकी जांच के आधार पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह भी पढ़ें : अशोकनगर दौरे पर CM मोहन यादव, पूर्व सांसद केपी यादव के पिता की प्रतिमा का करेंगे अनावरण…
CM Mohan Yadav’s Visit: अशोकनगर दौरे पर CM मोहन यादव, पूर्व सांसद केपी यादव के पिता की प्रतिमा का करेंगे अनावरण…

CM Mohan Yadav’s Visit To Ashoknagar: अशोकनगर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को अशोकनगर जिले के रूसल्ला गांव का दौरा करेंगे। इस अवसर पर वे पूर्व सांसद डॉ. केपी यादव के पिता स्वर्गीय रघुवीर सिंह यादव की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 12:20 बजे भोपाल से हेलीकॉप्टर के माध्यम से रवाना होंगे। लगभग 1:00 बजे रूसल्ला गांव पहुंचेंगे। कार्यक्रम स्थल के पास एक किलोमीटर दूर हेलीपेड तैयार किया गया है, जहां से वे कार के माध्यम से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। फूलों की वर्षा से होगा भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के स्वागत को लेकर रूसल्ला गांव में विशेष तैयारियां की गई हैं। उनके आगमन पर मार्ग में स्थानीय नागरिक पारंपरिक अंदाज़ में स्वागत करेंगे, वहीं जेसीबी मशीन से पुष्पवर्षा कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर एक जनसभा का आयोजन भी किया गया है, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे। डॉ. यादव का रूसल्ला में कुल एक घंटा 20 मिनट का प्रवास निर्धारित है। वे दोपहर 2:20 बजे पुनः हेलीकॉप्टर से भोपाल के लिए रवाना होंगे। इस महत्वपूर्ण दौरे को सफल बनाने के लिए बीते कई दिनों से प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की टीम तैयारियों में जुटी हुई थी। गुरुवार देर रात कलेक्टर आदित्य सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।