Ashoknagar News: बस आग कांड में चालक और मालिक पर मामला दर्ज, ज्वलनशील सामग्री रखने का आरोप…

Ashoknagar News: अशोकनगर। अशोकनगर-ईसागढ़ रोड पर डेलकेवर गांव के पास स्लीपर बस में लगी आग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को ईसागढ़ पुलिस ने बस चालक और मालिक के खिलाफ लापरवाही तथा अवैध ज्वलनशील सामग्री रखने के आरोप में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर की गई। 25 नवंबर को लगी थी बस में आग घटना 25 नवंबर की है, जब अशोकनगर से चल रही बालाजी स्लीपर बस (वाहन क्रमांक UP78CT6660) में अचानक आग लग गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची। गनीमत रही कि सभी यात्री बस के कांच तोड़कर और आपातकालीन दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकल आए। किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई। बस में मिले छोटे गैस सिलेंडर आग बुझाने के बाद जब पुलिस ने बस की तलाशी ली, तो यात्रियों के सामान के साथ दो छोटे गैस सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें से एक फट चुका था। बस में रखी अन्य सामग्री भी जलकर नष्ट हो गई थी। जांच में सामने आया कि बस परिचालक ने लापरवाही बरतते हुए वाहन में ज्वलनशील पदार्थ रखे थे और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की थी। बस में अग्निशमन उपकरण भी नहीं था। चालक और मालिक पर बढ़ी कार्रवाई पहले इस मामले में बस परिचालक मनोज शर्मा के खिलाफ धारा 287, 125 BNS और 176/177 एम.वी. एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में जांच में मिले नए साक्ष्यों के आधार पर बस चालक निरंजन पिता श्यामलाल सेन (निवासी परसोरा, थाना पठारी, जिला विदिशा) और बस मालिक राजेन्द्र पिता लालाराम रघुवंशी (निवासी खडिया मोहल्ला, शाढोरा) को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Datia Firing Incident : दतिया फायरिंग कांड का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार…

Datia Firing Incident: दतिया। कोतवाली थाना क्षेत्र के चुनगर फाटक इलाके में हुई फायरिंग की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बुधवार को आजाक पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 21 सितंबर की देर रात हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। यह था पूरा मामला पुलिस के अनुसार, चुनगर फाटक निवासी असल उर्फ भीकम आदिवासी का 20 सितंबर को टिंकू रावत और शिब्बू रावत से विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते 21 सितंबर की रात टिंकू रावत, शिब्बू रावत, विजय कुशवाह और राघव यादव उर्फ कल्ला अपने साथियों के साथ भीकम आदिवासी के घर पहुंचे। आरोपियों ने घर के बाहर पहले गाली-गलौज की, फिर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई थी। कट्टा और अधिया जब्त घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। विवेचना डीएसपी आजाक उमेश गर्ग को सौंपी गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने टिंकू रावत, शिब्बू रावत और राघव यादव उर्फ कल्ला को गिरफ्तार कर लिया। टिंकू और शिब्बू रावत से एक कट्टा और एक अधिया बरामद की गई है। बुधवार को तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। READ MORE: दतिया जनसुनवाई में रिश्वतखोरी का मामला उजागर, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश…
IND vs AUS T20: बारिश बनी विलेन, पहला टी20 बेनतीजा खत्म, सूर्यकुमार और गिल की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी..

IND vs AUS T20: कैनबरा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। बुधवार को खेले गए मैच में बार-बार हो रही बारिश के कारण खेल दो बार बाधित हुआ और आखिरकार मुकाबला बेनतीजा घोषित कर दिया गया। मैच रोके जाने तक टीम इंडिया ने 9.4 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 97 रन बना लिए थे। कप्तान सूर्यकुमार यादव बेहतरीन लय में नजर आए और 39 रन पर नाबाद रहे, जबकि शुभमन गिल ने 37 रन की पारी खेली। दोनों के बीच शानदार साझेदारी देखने को मिली। वहीं, ओपनर अभिषेक शर्मा 19 रन बनाकर नाथन एलिस की गेंद पर टिम डेविड के हाथों कैच आउट हुए। बारिश रुकने की उम्मीद के बावजूद मौसम ने साथ नहीं दिया, जिससे मैच को रद्द करना पड़ा। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टी20 मुकाबला 31 अक्टूबर को मेलबर्न में खेला जाएगा। इससे पहले वनडे सीरीज में भारत को 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 विकेट से जीत दर्ज की थी, जिसमें रोहित शर्मा (121 रन) और विराट कोहली (74 रन नाबाद) ने शानदार पारियां खेली थीं। READ MORE: कैसी है श्रेयस अय्यर की हालत ? परिवार जल्द पहुंचेगा ऑस्ट्रेलिया…
MP News : 1 दिसंबर से शुरू होगा विधानसभा का शीतकालीन सत्र, विपक्ष उठा सकता है किसानों और दलितों के मुद्दे…

MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा। यह सत्र पांच दिन चलेगा और 5 दिसंबर को समाप्त होगा। अधिकारियों के मुताबिक, सत्र के दौरान कुल चार बैठकें होंगी। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, सत्र की शुरुआत सोमवार 1 दिसंबर को होगी। इसके बाद 3 दिसंबर को भोपाल गैस त्रासदी की बरसी के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। सत्र 4 दिसंबर से दोबारा शुरू होकर 5 दिसंबर तक चलेगा। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि इस सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा। कांग्रेस किसानों की आत्महत्याओं, दलितों पर अत्याचार और अन्य सामाजिक मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। विपक्ष गुना जिले में किसान की थार नदी में कुचलकर हत्या और उसकी बेटियों के साथ मारपीट जैसे मामलों को भी सदन में उठा सकता है। वहीं, दमोह के विवादास्पद ‘पैर धोने’ प्रकरण पर भी बहस होने की संभावना है, जिसमें एक आदिवासी को कथित रूप से एक ब्राह्मण के पैर धोने और उसका पानी पीने के लिए मजबूर किया गया था। इसके अलावा, पिछली बार मानसून सत्र में विपक्ष ने बेरोज़गारी, ओबीसी आरक्षण, नशीली दवाओं की तस्करी और उर्वरक की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा था। अब शीतकालीन सत्र में भी विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछने के मूड में है। READ MORE: श्योपुर में किसान ने की आत्महत्या, बारिश से धान की फसल बर्बाद होने से था परेशान..
Sheopur News: श्योपुर में किसान ने की आत्महत्या, बारिश से धान की फसल बर्बाद होने से था परेशान..

Sheopur News: श्योपुर। जिले के सिरसोद गांव में बुधवार को एक किसान ने फसल बर्बाद होने से परेशान होकर खेत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कैलाश मीणा के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और मुआवजे की मांग की। ग्रामीणों के मुताबिक कैलाश मीणा ने करीब 9 बीघा जमीन में धान की खेती की थी। पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया था, जिससे फसल सड़ने लगी थी। इससे परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। सुबह जब कैलाश खेत गए, तो कुछ देर बाद ग्रामीणों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा। उन्होंने तुरंत शव को नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम कराया। विधायक ने उठाई मुआवजे की मांग घटना की जानकारी मिलते ही श्योपुर विधायक बाबू जंडेल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की और 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से किसानों की स्थिति बदतर हो गई है और सरकार को राहत के कदम उठाने चाहिए। विधायक और समर्थकों ने अस्पताल से शव ले जाने से रोक दिया और कहा कि जब तक उचित मुआवजे की घोषणा नहीं होती, शव नहीं ले जाने देंगे। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद शव गांव लाया गया। ग्रामीणों ने सड़क पर रखा शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने शव को बीच सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं धरने पर बैठ गईं। उनका कहना है कि जब तक सरकार आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा नहीं करती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
Operation Sindoor: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भरी राफेल में उड़ान, ऑपरेशन सिंदूर की पायलट शिवांगी सिंह रहीं साथ

Operation Sindoor: अंबाला। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार सुबह अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से फाइटर जेट राफेल में उड़ान भरी। इस दौरान उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह मौजूद थीं। वही शिवांगी, जिन्हें पाकिस्तान ने कुछ महीने पहले “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान पकड़े जाने का फर्जी दावा किया था। यह उड़ान सुबह 11:10 बजे शुरू हुई और 11:50 बजे समाप्त हुई। राष्ट्रपति के साथ उड़ान भरने वाला राफेल ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया। वे इंडियन एयरफोर्स की नंबर 17 स्क्वॉड्रन ‘गोल्डन एरोज़’ के कमांडिंग ऑफिसर हैं। वहीं, राष्ट्रपति के राफेल को एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दूसरे एयरक्राफ्ट से एस्कॉर्ट किया। PIB ने 10 मई को पाकिस्तान के इस झूठे दावे का खंडन किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शिवांगी सिंह को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रपति मुर्मू भारतीय वायुसेना के दो फाइटर विमानों में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। इससे पहले, 7 अप्रैल 2023 को उन्होंने असम के तेजपुर एयरफोर्स स्टेशन से सुखोई-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भरी थी।
Gwalior News: डॉक्टरों की शर्मनाक हरकत, नर्सिंग ऑफिसर का हाथ पकड़ बनाया शारीरिक संबंध का दबाव…

Gwalior News: ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जयारोग्य अस्पताल समूह के सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां नेफ्रोलॉजी विभाग में पदस्थ एक महिला नर्सिंग ऑफिसर ने दो सीनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कंपू थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि डॉक्टरों ने उसका हाथ पकड़कर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और जातिगत अपमान किया। दो डॉक्टरों पर केस दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर शिवम यादव और सुपरिंटेंडेंट डॉ. गिरजा शंकर गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 354 (महिलाओं पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) व 3(1)(s) के तहत मामला दर्ज किया है। जातिगत टिप्पणी और धमकी का आरोप पीड़िता ने आरोप लगाया कि डॉक्टर शिवम यादव ने अपने चैंबर में उसका हाथ पकड़ लिया और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला। जब उसने विरोध किया, तो डॉक्टर ने कहा कि अगर वह सुपरिंटेंडेंट डॉ. गिरजा शंकर गुप्ता को “खुश रखेगी” तो उसकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। विरोध करने पर आरोपी डॉक्टरों ने धमकी दी कि “अगर बात नहीं मानी तो तुम्हारा हाल कोलकाता रेप केस की पीड़िता जैसा होगा।” महिला ने यह भी बताया कि वह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से हैं। आरोपी डॉक्टरों ने उसके साथ जातिगत शब्दों से अपमान किया। इससे वह मानसिक रूप से टूट गई और अंततः उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शुरू की जांच कंपू थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत FIR दर्ज की और दोनों डॉक्टरों की तलाश शुरू कर दी है। एसपी ने कहा कि “जांच निष्पक्ष होगी, और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” पीड़िता को सुरक्षा भी दी गई है। पीड़िता का बयान पीड़िता ने कहा: “मैं नौकरी करने आई थी, लेकिन प्रताड़ना झेलनी पड़ी। जाति के कारण अपमान सहा और धमकी से डरती रही। अब न्याय की उम्मीद में शिकायत की है।” पिछले दिनों भिंड में भी ऐसा ही मामला इससे पहले भिंड जिले में भी एक सीनियर डॉक्टर पर महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। लगातार ऐसे मामलों ने मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। READ MORE: थार कांड के पीड़ितों से मिले दिग्विजय सिंह, रास्ते में हंसी-मजाक का वीडियो वायरल..
GUNA NEWS: थार कांड के पीड़ितों से मिले दिग्विजय सिंह, रास्ते में हंसी-मजाक का वीडियो वायरल..

GUNA NEWS: गुना। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह मंगलवार को गुना जिले के फतेहगढ़ के गणेशपुरा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने थार कांड में मारे गए किसान रामस्वरूप नागर के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे रास्ते में कार्यकर्ताओं से मिलते और हंसी-मजाक करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा— “शोक संवेदना या सिर्फ नौटंकी? मृतक परिवार के यहां शोक व्यक्त करने पहुंचे दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह जी, लेकिन पहुंचने से पहले फूल-मालाओं से स्वागत और ठहाके! ये कैसी संवेदना है?” घटना का बैकग्राउंड रविवार को गणेशपुरा गांव में जमीनी विवाद को लेकर किसान रामस्वरूप नागर पर हमला हुआ था। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में भाजपा नेता महेंद्र नागर समेत 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें मुख्य आरोपी भी शामिल है। दिग्विजय सिंह ने सरकार पर साधा निशाना पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि “इलाके में दबंगई हो रही थी, तब डबल इंजन की सरकार क्या कर रही थी?” उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को मृतक रामस्वरूप नागर ने थाने में जान-माल की सुरक्षा के लिए शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। सिंधिया पर भी बोला हमला दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “सिंधिया को गणेशपुरा आकर देखना चाहिए कि उनके लोग किस तरह की दबंगई कर रहे हैं।” साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि मृतक किसान की बेटी को 12वीं कक्षा पास करने के बाद शासकीय शिक्षक की नौकरी दी जाए। READ MORE: जिला अस्पताल से नवजात चोरी, आरोपी महिला पर 30 हजार का इनाम घोषित
Shivpuri News: जिला अस्पताल से नवजात चोरी, आरोपी महिला पर 30 हजार का इनाम घोषित

Shivpuri News: शिवपुरी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिला अस्पताल के एचडीयू वार्ड (High Dependency Unit) से मंगलवार रात एक नवजात बच्ची चोरी हो गई। एक महिला ने खुद को आशा कार्यकर्ता की परिचित बताकर परिजनों का भरोसा जीता। मौका मिलते ही बच्ची को लेकर फरार हो गई। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। परिजनों से कर रही थी बातचीत जानकारी के मुताबिक, 28 अक्टूबर को रोशनी आदिवासी ने बच्ची को जन्म दिया था। आरोपी महिला पिछले दो दिनों से परिवार के संपर्क में थी। बुधवार तड़के करीब 4 बजे वह बच्ची को दूध पिलाने के बहाने गोद में लेकर बाहर चली गई। कुछ देर बाद वह वापस आकर वार्ड में बैठ गई। जैसे ही परिजन सो गए, महिला ने मौका पाकर बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर निकल गई। परिजनों ने किया हंगामा सुबह परिजनों की नींद खुलने पर बच्ची गायब मिली। शोर मचाने पर अस्पताल स्टाफ और पुलिस मौके पर पहुंची। CCTV फुटेज खंगालने पर आरोपी महिला की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाई दीं। अब पुलिस उसकी पहचान और लोकेशन की तलाश में जुटी है। एसपी पहुंचे अस्पताल घटना की जानकारी मिलते ही एसपी अमन सिंह राठौड़ जिला अस्पताल पहुंचे और जांच की। उन्होंने कहा कि फुटेज के आधार पर महिला की पहचान की जा रही है ।जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर नवजात को बरामद कर लिया जाएगा। 30 हजार का इनाम घोषित पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान बताने वाले को 30 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि महिला की जानकारी मिलने पर तुरंत सूचना दें। READ MORE: बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, इस क्षेत्र में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
Bhind News: बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, इस क्षेत्र में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

Bhind News: भिंड जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी हजारों बीघा धान की फसल पूरी तरह जलमग्न होकर सड़ने लगी है। सबसे ज्यादा नुकसान जिले के गोहद, लहार, आलमपुर और दबोह इलाकों में हुआ है, जहां किसान अब प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। गोहद तहसील, जिसे जिले का धान का कटोरा कहा जाता है, में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गई हैं। कृषि विभाग के एसडीओ रमेश भदौरिया के अनुसार, करीब 22 से 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल बोई गई थी, जिनमें से अधिकांश खेत पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। गोहद एसडीएम राजन बी. नाडिया ने क्षेत्रीय राजस्व अमले को फसल क्षति का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सभी पटवारियों को अपने क्षेत्र से रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया है। बारिश थमने के बाद सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। लगातार बारिश ने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि सरसों की बुवाई पर भी असर डाला है। कई किसानों ने खाद और बीज खेतों में डाल दिए थे, लेकिन पानी भरने से सब खराब हो गया। किसान अब अगली फसल की तैयारी को लेकर चिंतित हैं। बर्बाद फसल देखकर किसान निराश हैं और अब राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि नुकसान का उचित मुआवजा जल्द दिया जाए ताकि अगली फसल की तैयारी फिर से शुरू की जा सके। READ MORE: अदालत ने मांगा सभी विभागों का एकीकृत चार्ट, आंकड़ों से नाखुश कोर्ट…