Varun Kapoor Cyber Awareness: सायबर अपराधों का खतरा बढ़ा, डिजिटल सतर्कता समय की जरूरत – डॉ. वरुण कपूर

Varun Kapoor Cyber Awareness: भोपाल। जेल महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा सबसे गंभीर चुनौती बनकर उभर रही है। साइबर अपराधी हर दिन नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में नागरिकों का तकनीकी रूप से जागरूक और सतर्क होना बेहद आवश्यक है। Black Ribbon Initiative का 825वां सत्र डॉ. वरुण कपूर, बुधवार को रीजनल इंस्टिट्यूट भोपाल में आयोजित Black Ribbon Initiative के 825वें सत्र में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इसमें प्रदेशभर से लगभग 300 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। फिशिंग, बुलिंग और स्टॉकिंग जैसे अपराधों में आई तेजी डॉ. कपूर ने कहा कि फिशिंग, साइबर बुलिंग, स्टॉकिंग और ऑनलाइन गेमिंग संबंधी अपराधों में तेजी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने नागरिकों से सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर क्लिक न करने और साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की। युवाओं में गेमिंग की लत उन्होंने युवाओं में बढ़ रही ऑनलाइन गेमिंग की लत को मानसिक और आर्थिक नुकसान का कारण बताया साथ ही कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए सोच में बदलाव जरूरी है। डॉ. कपूर को किया गया सम्मानित कार्यक्रम में मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने डॉ. कपूर को श्रीफल, शॉल, प्रमाणपत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम संचालन में सहायक जेल अधीक्षक शुभम मिश्रा और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। READ MORE: रेप केस में डीएनए रिपोर्ट छिपाने पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश
MP News: रेप केस में डीएनए रिपोर्ट छिपाने पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच के आदेश

MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के एक मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस ए.के. सिंह की पीठ ने कहा कि पुलिस ने डीएनए सैंपल लेकर भी रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की, जो न्यायिक प्रक्रिया में बड़ी चूक है। कोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि नर्मदापुरम के तत्कालीन एसपी और महिला जांच अधिकारी की भूमिका की जांच कर 30 दिनों में रिपोर्ट दें। इसी आधार पर आरोपी को जमानत दी गई। क्या है पूरा मामला सिवनी मालवा निवासी राहुल कुछबंधिया को ट्रायल कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की और कहा कि उसका डीएनए सैंपल लिया गया था, लेकिन रिपोर्ट कभी पेश ही नहीं की गई। हाईकोर्ट ने इस तर्क को गंभीर माना और कहा कि ट्रायल कोर्ट ने भी इस कमी को दर्ज किया था। रिपोर्ट न आना न्याय को प्रभावित करता है। इसलिए आरोपी को राहत दी गई। जांच अधिकारी पर शक कोर्ट ने टिप्पणी की कि जांच अधिकारी वैशाली उइके ने किसी दबाव या साजिश के तहत रिपोर्ट को छिपाया। साथ ही तत्कालीन नर्मदापुरम एसपी पर भी सवाल उठाए गए कि उन्होंने डीएनए सैंपल भेजने से जुड़े दस्तावेजों की पर्याप्त जांच क्यों नहीं की। कोर्ट ने कहा कि चाहे अधिकारी अब कहीं भी तैनात हों, जांच अनिवार्य है। पहले भी पुलिस पर फटकार हाईकोर्ट ने इससे पहले भी कई मामलों में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। • कटनी में वीडियो क्लिप छुपाने पर अफसर की जांच के आदेश • नरसिंहपुर में डीएनए रिपोर्ट मेल न होने पर आरोपी को बरी सुप्रीम कोर्ट ने भी मंदसौर गैंगरेप मामले में कहा था कि केवल डीएनए पर्याप्त नहीं, विशेषज्ञ बयान भी जरूरी हैं। फॉरेंसिक लापरवाही पर चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्य अपराध सिद्ध करने की रीढ़ हैं। रिपोर्ट समय पर न आने से निर्दोष जेल में रह जाते हैं और दोषी बच सकते हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि सबूतों से छेड़छाड़ न्याय व्यवस्था का अपमान है। आगे की कार्रवाई अब डीजीपी विशेष टीम बनाकर जांच करेंगे। नर्मदापुरम के पूर्व एसपी और वैशाली उइके पर विभागीय एक्शन या कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई संभव है। आरोपी राहुल को जमानत दी गई है और उसे कोर्ट में नियमित हाजिर रहने की शर्त लगाई गई है। पीड़िता के वकील ने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि सबूत छुपाना पीड़ितों के साथ अन्याय है। राज्य सरकार ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
CM Dr. Mohan Yadav Exclusive: विक्रमादित्य महानाट्य से रामराज्य की संकल्पना तक, मुख्यमंत्री मोहन यादव से खास बातचीत

CM Dr. Mohan Yadav Exclusive: भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य भारतीय इतिहास में सुशासन, पराक्रम और न्याय के सर्वोच्च उदाहरण हैं और उन्हें जन-जन तक पहुंचाना उनकी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता है। मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर भोपाल में 2 और 3 नवंबर को होने वाले विक्रमादित्य महानाट्य को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष बातचीत में यह बातें कहीं। यह महा नाट्य दिल्ली के लाल किले, हैदराबाद और ग्वालियर में सफल मंचन के बाद अब भोपाल में हो रहा है। विक्रमादित्य को जनमानस तक लाने का संकल्प मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य का चरित्र दानशीलता और न्यायप्रियता से भरा है। उनके शासन में रामराज्य की झलक मिलती है और देश-दुनिया में उनका व्यक्तित्व बेजोड़ है। इसलिए उन्हें व्यापक रूप से प्रचारित करना उनका संकल्प है। विक्रमादित्य के नेतृत्व को CM ने बताया प्रेरक महानाट्य के किस भाग से सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। इस प्रश्न पर सीएम ने कहा कि विक्रमादित्य के सुशासन की नीति और जनता से जुड़ाव सबसे प्रेरक है। स्पष्ट नीति, उज्ज्वल चरित्र और विकास का दूरदर्शी मॉडल उनके शासन की पहचान रहा है। उज्जैन से भावनात्मक जुड़ाव डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं उज्जैन के हैं जिसे विक्रमादित्य की राजधानी अवंतिका कहा जाता है। विक्रम संवत, कालिदास समारोह और पुरातात्विक विरासत के बीच पले-बढ़े हैं। इसी कारण उन्होंने 2005-06 में विक्रमादित्य शोधपीठ स्थापित कराई और फिर इस महानाट्य की अवधारणा विकसित की। अभिनय से आयोजन की भूमिका तक मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती समय में उन्होंने छोटे किरदार निभाए ताकि स्थानीय कलाकारों को मंच मिल सके। अब वे आयोजन में मार्गदर्शन की भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रस्तुति में डॉक्टर, इंजीनियर और छात्र सहित 250 से अधिक कलाकार शामिल हैं। आगे कई शहरों में होगा आयोजन भोपाल के बाद अब इस नाट्य को जबलपुर, रीवा, इंदौर और अन्य राज्यों में ले जाया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह केवल नाट्य नहीं बल्कि सांस्कृतिक अभियान है जिसका उद्देश्य विक्रमादित्य के जीवन और आदर्शों को समाज तक पहुंचाना है। डिजिटल युग में भी दर्शकों की भारी भीड़ का कारण बताते हुए सीएम ने कहा कि यह नाट्य फिल्म की तरह भव्य है। लाइव घोड़े, तलवारबाजी, धूल और आतिश प्रभाव दर्शकों को विक्रम काल में ले जाते हैं और यह अनुभव जीवनभर याद रहता है। युवा पीढ़ी के लिए संदेश सीएम ने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए विक्रमादित्य की सबसे बड़ी सीख निडरता और सत्य-कर्तव्य के प्रति समर्पण है। विक्रम का अर्थ होता है विपरीत परिस्थिति को साध लेना। यही जीवन का आदर्श होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 और 3 नवंबर को भोपाल में आयोजित इस महानाट्य में जनता जरूर शामिल हो। यह केवल अभिनय नहीं बल्कि भावनात्मक सांस्कृतिक पुनर्रचना है जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने योगदान दिया है। पूरा इंटरव्यू देखने के लिए यहां क्लिक करें https://www.youtube.com/watch?v=BiIuNt2eJRo&feature=youtu.be
माखनलाल विश्वविद्यालय के छात्र दिव्यांश चौकसे की मौत, इंस्टाग्राम पर चलाता था 5 लाख फॉलोअर्स वाला NCERT पेज

MCU Student Death: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में गुरुवार को दर्दनाक हादसा सामने आया। जनसंचार विभाग का 22 वर्षीय छात्र दिव्यांश चौकसे तीसरी मंजिल की बालकनी से गिर गया। गंभीर चोटों के कारण हालत नाजुक रही और शुक्रवार रात करीब 10 बजे उसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दिव्यांश रायसेन जिले का निवासी था और मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MMC) के पहले सेमेस्टर में पढ़ाई कर रहा था। सोशल मीडिया पर उसका ‘NCERT ज्ञान’ नाम से शैक्षणिक इंस्टाग्राम पेज था, जिस पर 5 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जुड़े थे। छात्र समुदाय में दिव्यांश शिक्षा कंटेंट और गाइडेंस के लिए काफी लोकप्रिय था। बालकनी पर हुआ हादसा (MCU Student Death) घटना 30 अक्टूबर सुबह करीब 11:30 बजे हुई। क्लास ब्रेक में दिव्यांश बालकनी में गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया। जोरदार आवाज सुनते ही छात्र और स्टाफ नीचे पहुंचे। सिर, छाती और शरीर पर गंभीर चोटें थीं। उसे पहले गीतांजलि अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत बिगड़ने पर सेज अपोलो में शिफ्ट किया गया। वेंटिलेटर सपोर्ट के बावजूद वह जिंदगी नहीं बचा सका। पुलिस जांच जारी (MCU Student Death) रातीबाड़ी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। प्राथमिक रूप से हादसा पैर फिसलने का माना जा रहा है लेकिन पुलिस सभी एंगल्स की जांच कर रही है। साथी छात्रों, स्टाफ और गवाहों से बयान लिए जा चुके हैं। विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थाना प्रभारी रासबिहारी शर्मा ने कहा कि “कोई भी पहलू नजरअंदाज नहीं किया जाएगा”। साथ ही बालकनी की रेलिंग और फर्श की स्थिति भी जांच के दायरे में है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
MP DGP Kailash Makwana: कैलाश मकवाना का कार्यकाल बढ़ा, अब 2026 तक पद पर रहेंगे

MP DGP Kailash Makwana: मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना का कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब वे 1 दिसंबर 2026 तक डीजीपी पद पर कार्यरत रहेंगे। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार यह निर्णय लिया और गृह विभाग ने इसके आदेश जारी कर दिए। पहले उनकी रिटायरमेंट 1 दिसंबर 2025 को निर्धारित थी। सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन के आधार पर फैसला सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार, डीजीपी को कम से कम दो साल का पूर्ण कार्यकाल मिलना अनिवार्य होता है। इसी प्रावधान के तहत मकवाना को अतिरिक्त एक वर्ष की सेवा प्रदान की गई। गृह विभाग के आदेश में बताया गया है कि इस वर्ष 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले 17 आईपीएस अधिकारियों की सूची में मकवाना का नाम 16वें स्थान पर था। 2024 में संभाला था पदभार कैलाश मकवाना ने 1 दिसंबर 2024 को डीजीपी का पदभार संभाला था। उनकी नियुक्ति का आदेश 23 नवंबर 2024 को जारी हुआ था। सुप्रीम कोर्ट की सिविल याचिका संख्या 310/1996 के प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम दो वर्ष की सेवा सुनिश्चित करने के लिए उनकी रिटायरमेंट तिथि को आगे बढ़ाया गया है। नए आदेश के तहत मकवाना अब 1 दिसंबर 2026 को रिटायर होंगे। तब तक वे प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन का नेतृत्व करते रहेंगे।
Andhra Pradesh Temple Stampede: वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ से 9 लोगों की मौत, कई घायल

Andhra Pradesh Temple Stampede: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह एकादशी के मौके पर बड़ी दुर्घटना हो गई। मंदिर परिसर में भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, अत्यधिक भीड़ के दबाव से मंदिर की रेलिंग टूट गई, जिसके बाद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। हादसे में मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं शामिल हैं। घायल श्रद्धालुओं को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर है।
Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ में मादा हाथियों पर लगेगा रेडियो कॉलर, मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए कदम

Bandhavgarh Tiger Reserve: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अब झुंडों की प्रमुख मादा हाथियों पर रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य उनकी मूवमेंट ट्रैक करना और आसपास के गांवों को समय रहते अलर्ट देना है ताकि मानव-हाथी संघर्ष के मामलों में कमी लाई जा सके। रिजर्व में 60 से अधिक हाथी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप निदेशक प्रकाश कुमार वर्मा के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 60 से 65 हाथी हैं। ये हाथी अलग-अलग झुंडों में रहते हैं और हर झुंड का नेतृत्व एक मादा हाथी करती है। प्रमुख मादा हाथी हमेशा अन्य हाथियों से घिरी रहती है, इसी कारण उसे कॉलर लगाना जोखिम भरा और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। नर हाथियों पर पहले सफल ट्रायल रिजर्व प्रबंधन ने इससे पहले संघर्ष-प्रवण श्रेणी वाले तीन नर हाथियों पर सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर लगाए थे। अब इस तकनीक का विस्तार करते हुए, दो पशु चिकित्सकों को असम और दक्षिण भारत भेजा जाएगा ताकि वे वहां इस्तेमाल की जा रही मादा हाथियों को टैग करने की विशेषज्ञ तकनीक सीख सकें। छत्तीसगढ़ से आए हाथियों की बड़ी संख्या बांधवगढ़ में फिलहाल सबसे बड़ी संख्या उन हाथियों की है, जो वर्षों पहले छत्तीसगढ़ क्षेत्र से आए थे और अब यहीं स्थायी रूप से रह रहे हैं। पिछले वर्ष बांधवगढ़ क्षेत्र में कोडू फसल में फफूंद लगने से ग्यारह हाथियों की मौत हो गई थी। इस बार वन विभाग पहले से सक्रिय मोड में है। फसल संक्रमण रोकने के लिए 25 टीमें बनाई गई हैं। कृषि और राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मदद से यह टीमें आसपास के गांवों और खेतों का निरीक्षण कर रही हैं। अब तक किसी फसल में संक्रमण नहीं मिला है।
Gwalior News: ग्वालियर में प्रेमिका के अपहरण का मामला, चंबल में फिर लौट रहे डकैत?

Gwalior News: ग्वालियर। चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर डकैतों की सरगर्मी बढ़ गई है। सिरफिरा अपराधी योगेंद्र गुर्जर उर्फ योगी गुर्जर पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। 22 दिन पहले इसने फिल्मी अंदाज में अपनी प्रेग्नेंट प्रेमिका को तिघरा क्षेत्र के गुर्जा गांव से अगवा कर लिया था। अपहरण से पहले गांव में फायरिंग और मारपीट कर दहशत फैलाई गई थी। घटना के बाद पुलिस ने करीब एक दशक बाद दो आईपीएस अफसरों की निगरानी में एंटी-डकैत स्क्वॉड तैनात की है। यह टीम लगातार बीहड़ों में सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। मायके और ससुराल वालों को मिल रही धमकियाँ सूत्रों के अनुसार, योगी लगातार प्रेमिका के मायके (श्योपुर) और ससुराल पक्ष को धमकी दे रहा है। पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद भी वह गैंग के साथ इलाके में सक्रिय है और बार-बार लोकेशन बदल रहा है। इनपुट्स के मुताबिक योगी के साथ करीब 16 साथी हैं। गिरोह के पास देशी-विदेशी हथियार, पिस्टल, बंदूक और माउज़र हैं। गैंग फिलहाल ग्वालियर, मुरैना और धौलपुर के जंगलों में मूव कर रहा है। चंबल में फिर लौटे डकैतों के दिन? करीब 10 साल बाद चंबल के बीहड़ों में गैंग की ऐसी सक्रियता ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, वहीं ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। READ MORE: पास्टर गॉडविन केरल से लेता था 60 हजार सैलरी, रिमांड में किए कई खुलासे
MP Foundation Day 2025: मध्य प्रदेश का 70वां स्थापना दिवस, CM मोहन यादव करेंगे विज़न 2047 जारी

MP Foundation Day 2025: भोपाल। मध्य प्रदेश आज अपना 70वां स्थापना दिवस भव्य तरीके से मना रहा है। 1 से 3 नवंबर तक राज्यभर में सांस्कृतिक, तकनीकी और पर्यटन गतिविधियों का आयोजन होगा। लाल परेड ग्राउंड में मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य का ‘विज़न 2047’ दस्तावेज जारी करेंगे। केंद्रीय मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू और अर्जुन राम मेघवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। पहला दिन: कृष्ण लीला, ड्रोन शो और जुबिन नौटियाल का लाइव कॉन्सर्ट 1 नवंबर को शाम 6:30 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका में 500 कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसके बाद 2,000 ड्रोन आसमान में अनोखा विजुअल शो प्रस्तुत करेंगे। मशहूर गायक जुबिन नौटियाल लाइव प्रदर्शन करेंगे। आदिवासी कलाकार भगोरिया, परधोनी, कर्मा और गणगौर नृत्य पेश करेंगे। समापन आतिशबाजी से होगा। दूसरा दिन: लोक संस्कृति का उत्सव और युवा कला 2 नवंबर को राज्य की संस्कृति और परंपराएं केंद्र में रहेंगी। प्रदेशभर के जनजातीय कलाकार मंच पर प्रस्तुति देंगे। युवा कलाकारों का टैलेंट शो, शिल्प मेला, हस्तशिल्प प्रदर्शन और खानपान स्टॉल दिनभर आकर्षण का केंद्र रहेंगे। तीसरा दिन: सम्राट विक्रमादित्य का महानाट्य और संगीत संध्या 3 नवंबर को उज्जैन की ‘विशाला सांस्कृतिक समिति’ 150 कलाकारों के साथ महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ प्रस्तुत करेगी। लाइव रथ, स्पेशल इफेक्ट्स, एलईडी ग्राफिक्स से ऐतिहासिक दृश्यों को जीवंत किया जाएगा। समापन गायिका स्नेहा शंकर के लाइव कॉन्सर्ट से होगा। MP में शुरू होगी हेलिकॉप्टर सेवा स्थापना दिवस पर प्रदेश को बड़ी सौगात मिलेगी। सरकार PM Shri हेलिकॉप्टर टूरिज्म सेवा लॉन्च करेगी। मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भोपाल से उज्जैन तक पहली उड़ान भरेंगे। नियमित सेवा 20 नवंबर से शुरू होगी। READ MORE: पास्टर गॉडविन केरल से लेता था 60 हजार सैलरी, रिमांड में किए कई खुलासे
Ratlam Conversion Case: पास्टर गॉडविन केरल से लेता था 60 हजार सैलरी, रिमांड में किए कई खुलासे

Ratlam Conversion Case: रतलाम। इलाज के बहाने धर्मांतरण के आरोपों वाले रतलाम केस में पुलिस ने जांच तेजी कर दी है। एसपी अमित कुमार ने पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। झाबुआ से पकड़े गए पास्टर गॉडविन को दो दिन की रिमांड पूरी होने पर अदालत ने जेल भेज दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गॉडविन को केरल स्थित संस्था से हर महीने 60 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। केरल से मिलती थी सैलरी रिमांड के दौरान खुलासा हुआ कि गॉडविन झाबुआ के मोहनपुरा में चर्च संचालित करता था और “चर्च ऑफ साउथ इंडिया” संस्था से जुड़ा था। यह संस्था त्रिवेंद्रम, केरल की है। गॉडविन चर्च प्रबंधन, प्रार्थना और धर्म प्रचार का काम करता था, जिसके एवज में हर महीने 60 हजार रुपए लेता था। मुख्य आरोपी को भेजता था पैसे पुलिस पूछताछ में पता चला कि गॉडविन हर महीने की सैलरी में से 4 से 5 हजार रुपए मुख्य आरोपी विक्रम के खाते में भेजता था। उसने दावा किया कि यह रकम “मदद” के नाम पर भेजता था, लेकिन पुलिस इस एंगल को लेकर संतुष्ट नहीं है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है। CSP के नेतृत्व में SIT गठित धर्मांतरण रैकेट के तार केरल तक जुड़े होने की संभावना पर एसपी ने SIT बनाई है। SIT का नेतृत्व CSP सत्येंद्र घनघोरिया करेंगे। टीम में नामली थाना प्रभारी गायत्री सोनी, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी और साइबर सेल सहित कुल 6 अधिकारी शामिल किए गए हैं। SIT जाएगी केरल SIT अब तक हुई कार्रवाई के सभी दस्तावेज, ट्रांजैक्शन और नेटवर्क की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर टीम केरल जाकर भी जांच करेगी। हिंदू जागरण मंच की शिकायत और इनपुट्स को भी जांच में शामिल किया गया है। 5 सितंबर का मामला यह मामला 5 सितंबर को सामने आया था, जब शिवशक्ति नगर में इलाज के नाम पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मिले थे। आरोप था कि उन्हें प्रार्थना और धार्मिक साहित्य के जरिए धर्म बदलवाने लाया गया था। बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच की जानकारी पर पुलिस ने छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, बाद में मुख्य आरोपी भी पकड़ा गया। पुलिस को मौके पर बाइबल, क्रॉस और इलाज के नाम पर प्रार्थना करवाने के वीडियो मिले थे। बैंक खाते की जांच में पास्टर गॉडविन का नाम जुड़ा मिला, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। READ MORE: दबंग दिल्ली बनी दोबारा चैंपियन, फजल अतराचली ने छीना प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अवॉर्ड