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Call Merging Scam Explained: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें

Call Merging Scam Explained

Call Merging Scam Explained: साइबर ठग अब कॉल मर्ज तकनीक का गलत इस्तेमाल करके लोगों के बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं। देखने में सामान्य लगने वाली कॉल कुछ ही मिनट में आपकी बचत पर भारी पड़ सकती है। इस फ्रॉड में स्कैमर्स पीड़ित को कॉन्फ्रेंस कॉल पर लेने की चाल चलते हैं । उसी दौरान वॉयस OTP सुनकर ट्रांजैक्शन कर देते हैं। कैसे होता है कॉल मर्ज फ्रॉड ठग खुद को पीड़ित के दोस्त या रिश्तेदार का जानकार बताकर विश्वास जीतते हैं। बातचीत के बीच दूसरा कॉल आने की एक्टिंग करते हैं और कहते हैं कि सामने वाला आपका परिचित है। पीड़ित को मर्ज कॉल करने के लिए कहा जाता है। कॉल मर्ज होते ही वॉयस OTP सुनाई देता है जिसे स्कैमर तुरंत कैप्चर करता है। इस OTP से बैंकिंग, UPI, ईमेल और सोशल अकाउंट को एक्सेस कर लिया जाता है। OTP कैसे बना खतरा बैंकिंग और ई-कॉमर्स में नेटवर्क दिक्कत या SMS फेल होने पर वॉयस OTP इस्तेमाल होता है। बुजुर्ग और कम तकनीकी समझ रखने वाले यूजर्स इसका ज्यादा उपयोग करते हैं। स्कैमर इसी सुविधा को साइबर हथियार में बदलकर धोखा दे रहे हैं। खतरे की वजह कॉल मर्ज फीचर हर स्मार्टफोन में उपलब्ध है। वॉयस OTP कॉल बिल्कुल नॉर्मल दिखती है। जरूरत, भरोसा और अनजाने में जल्दबाजी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी खेल कर देते हैं। READ MORE: कक्षा 12वीं की परीक्षा डेट बदली, अब इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं OTP शेयर हो गया? तत्काल उठाएं ये कदम • तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर संपर्क करें OTP शेयर होने की सूचना दें और ट्रांजैक्शन को ब्लॉक कराने की रिक्वेस्ट करें। • UPI और बैंकिंग ऐप से लॉगआउट करें और पासवर्ड बदलें UPI पिन और पासवर्ड तुरंत अपडेट करें। • संदिग्ध ऐप या लिंक हटाएं स्कैमर्स द्वारा भेजा कोई भी एप या फाइल तुरंत डिलीट करें। • साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें निकटतम पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। • सिक्योरिटी सेटिंग्स चेक करें ईमेल, बैंक और सोशल मीडिया में रिकवरी ऑप्शन और लॉगिन अलर्ट जांचें। खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी सावधानियां ✓ अनजान कॉल या नंबर पर विश्वास न करें ✓ किसी भी परिस्थिति में कॉल मर्ज रिक्वेस्ट स्वीकार न करें ✓ पहली कॉल कट करके दूसरी कॉल उठाएं ✓ वॉयस OTP को भी गुप्त रखें ✓ किसी लिंक या ऐप को बिना जांच डाउनलोड न करें ✓ बैंक प्रतिनिधि बनकर आने वाली कॉल पर संदेह रखें ✓ साइबर हेल्पलाइन 1930 याद रखें READ MORE: भाई के जूते पहनकर मैदान में उतरी थीं Kranti Goud, जानिए संघर्ष की अनसुनी कहानी

Khandwa News: मुस्लिम युवती ने बदला धर्म, हिन्दू रीति से की शादी

Khandwa News

Khandwa News: खंडवा में एक अनोखी शादी चर्चा में है। धार जिले की रुखसार नाम की युवती ने सनातन धर्म स्वीकार कर खंडवा के युवक विशाल राजपूत संग हिन्दू रीति रिवाज से विवाह किया। विवाह महादेवगढ़ के प्रसिद्ध मंदिर परिसर में हुआ। विवाह से पहले युवती ने विधिवत रूप से सनातन धर्म अपनाया और रामचरितमानस पढ़ने का संकल्प भी लिया। बचपन से थी सनातन में रुचि धार की रहने वाली रुखसार धर्म परिवर्तन के बाद वंशिका नाम से पहचानी जा रही है। वंशिका ने बताया कि बाल्यकाल से ही सनातन परंपराओं में रुचि थी। घर में अक्सर बिंदी लगाने और साड़ी पहनने की आदत रहती थी। मन में आस्था होने के कारण धर्म परिवर्तन का निर्णय लिया। (Khandwa News) वंशिका के परिवार द्वारा 27 नवंबर को निकाह की तैयारी हो रही थी। वंशिका निकाह के पक्ष में नहीं थी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर खंडवा के युवक विशाल राजपूत से पहचान हुई। जीवनसाथी के रूप में स्वीकार करने का निर्णय लिया। READ MORE: सल्फास से बनी जहरीली गैस, कूलर चलते ही कमरे में फैली, भाई-बहन की मौत… महादेवगढ़ में वैदिक रीति से विवाह वंशिका और विशाल ने महादेवगढ़ पहुंचकर विद्वान ब्राह्मण की उपस्थिति में वैदिक मंत्रों के साथ सात फेरे लिए। इस अवसर पर मंदिर के सेवकों ने नव दंपति को श्रीरामचरितमानस की प्रति भेंट की। वंशिका ने इसे आदर से स्वीकार किया। शादी के बाद वंशिका ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह अपनी इच्छा से लिया है। किसी दबाव का सवाल नहीं है। जीवन में आध्यात्मिक मार्ग अपनाने का लक्ष्य रखा। अब विवाह के बाद सनातन संस्कृति के अनुरूप जीवन बिताने की इच्छा रखती हैं। (Khandwa News) हरिहर मिलन दिवस पर वैदिक रीति से हुआ विवाह महादेवगढ़ मंदिर परिसर में वंशिका और विशाल ने हरिहर मिलन दिवस पर वैदिक विधि से विवाह संस्कार पूरे किए। इस अवसर पर स्थानीय सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विवाह के दौरान मंत्रोच्चार, कन्यादान और सात फेरे सहित सभी पारंपरिक हिंदू विधियों का पालन किया गया। समारोह में हिंदूवादी नेता अशोक पालीवाल भी उपस्थित रहे। पालीवाल ने कहा कि यह विवाह स्वेच्छा से हुआ है । युवती ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म स्वीकार किया। पालीवाल का कहना है कि अतीत में धर्मांतरण पर दबाव जैसी परिस्थितियाँ कई धर्मों में देखने को मिलती रहीं, जबकि सनातन परंपरा स्वेच्छा और आस्था को सर्वोपरि मानती है। उनका कहना है कि वंशिका ने बिना किसी दबाव के जीवनसाथी और धर्म चयन का निर्णय लिया। READ MORE: भाई के जूते पहनकर मैदान में उतरी थीं Kranti Goud, जानिए संघर्ष की अनसुनी कहानी

भाई के जूते पहनकर मैदान में उतरी थीं Kranti Goud, जानिए संघर्ष की अनसुनी कहानी

Kranti Goud

Kranti Goud Cricket Journey: क्रांति गौड़ का क्रिकेट सफर किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। सागर जिले के क्रिकेट कोच सोनू वाल्मीकि के सामने अचानक ही एक लड़की आई, हाथ में डंडा, नजरों में आत्मविश्वास और दिल में खेल का जुनून। उन्होंने पूछा कि क्रिकेट खेलती हो, तो जवाब मिला कि लड़कों के साथ खेलती हूं। यही आत्मविश्वास क्रांति को जीवन का पहला अवसर दिलाने का कारण बना। भाई के जूते पहनकर मैदान में उतरी थीं Kranti Goud टूर्नामेंट में खिलाड़ी कम पड़े थे और क्रांति को टीम में शामिल कर लिया गया। उसके पास ड्रेस नहीं थी। उसने साफ कहा कि भाई के जूते हैं, ड्रेस नहीं। कोच ने कहा कि जूते पहनकर आओ, ड्रेस का इंतजाम हो जाएगा। यही पल उसके क्रिकेट करियर का मोड़ था। READ MORE:  मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षकों को झटका, E-Attendance सिस्टम पर हाईकोर्ट ने रोक से किया इंकार Kranti Goud ने पहले मैच में ही बनाया इतिहास गुहारा में खेले गए इस मैच में क्रांति ने अपनी प्रतिभा साबित कर दी। गेंदबाजी में दो महत्वपूर्ण विकेट और बैटिंग में 25 रन। मैदान पर उत्साह देखने लायक था और घोषणा हुई कि मैन ऑफ द मैच क्रांति गौड़ ( Kranti Goud) । दर्शकों ने उसके नाम के नारे लगाए। इस प्रदर्शन के बाद अफसरों ने उसके सपनों को पंख देते हुए क्रिकेट किट दिलाई और क्रांति सागर आ गई। यहां डॉ. हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी की क्रिकेट एकेडमी में उसकी असली ट्रेनिंग शुरू हुई। बुंदेलखंड से वर्ल्ड कप तक का सफर क्रांति (Kranti Goud) की खासियत बाउंसर और इन-स्विंग गेंदबाजी है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को इसी गेंद पर आउट कराकर उसने दुनिया को अपना हुनर दिखाया। बालिका अवस्था में प्रदेश स्तर के मैच खेले और फिर राष्ट्रीय टीम तक पहुंची। आज वर्ल्ड कप जीतकर क्रांति ने बुंदेलखंड और देश का मान बढ़ाया है। कहानी बताती है कि सपनों को पंख लगते हैं, बस साहस और सही अवसर की जरूरत होती है। क्रांति गौड़ ( Kranti Goud) इसका जीवंत उदाहरण हैं। READ MORE: कक्षा 12वीं की परीक्षा डेट बदली, अब इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं  

MP Board Exam 2026: कक्षा 12वीं की परीक्षा डेट बदली, अब इस दिन से शुरू होंगी परीक्षाएं

MP Board Exam 2026

MP Board Exam 2026: मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल एमपीबीएसई ने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की समय-सारिणी में संशोधन किया है। नई अधिसूचना के अनुसार, 12वीं की परीक्षाएं अब 3 मार्च के स्थान पर 5 मार्च 2026 से शुरू होंगी। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं पूर्व घोषित तिथियों के अनुसार ही आयोजित होंगी। किन विषयों की परीक्षाएं बदलीं पूर्व कार्यक्रम के अनुसार भूगोल, फसल उत्पादन एवं बागवानी, स्थिर जीवन एवं डिज़ाइन, तथा शरीर रचना विज्ञान, शरीर क्रिया विज्ञान एवं स्वास्थ्य विषय की परीक्षा 3 मार्च को प्रस्तावित थी। अब ये विषय 5 मार्च को आयोजित किए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल परीक्षा तिथि में परिवर्तन किया गया है। परीक्षा का समय पूर्ववत रहेगा, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा संपन्न होगी। READ MORE:  मध्यप्रदेश के सरकारी शिक्षकों को झटका, E-Attendance सिस्टम पर हाईकोर्ट ने रोक से किया इंकार स्कूलों को निर्देश एमपीबीएसई ने सभी स्कूल प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है कि अपडेटेड टाइम टेबल छात्रों को सूचना पट्ट और अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करें ताकि सभी विद्यार्थी आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें। छात्रों के लिए लाभकारी बदलाव इस बदलाव से छात्रों को पुनर्निर्धारित विषयों की तैयारी के लिए अतिरिक्त दो दिन मिलेंगे। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार अतिरिक्त समय से छात्रों को बेहतर रिवीजन का अवसर मिलेगा और परीक्षा प्रदर्शन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। समय में कोई बदलाव नहीं बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल परीक्षा तिथि बदली गई है, बाकी की समय-सारणी पहले की तरह ही प्रभावी रहेगी। सभी स्कूल प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि संशोधित कार्यक्रम की प्रति स्कूल नोटिस बोर्ड पर और उन स्थानों पर चस्पा की जाए जहां छात्र आसानी से इसे देख सकें। परीक्षा का समय भी पूर्ववत रहेगा, यानी सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक। इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच किसी प्रकार की भ्रम स्थिति उत्पन्न नहीं होगी। जिन विषयों की परीक्षा की तिथि में परिवर्तन किया गया है, उनके लिए छात्रों को अब दो अतिरिक्त दिन का लाभ मिलेगा। सामान्यतः बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव दुर्लभ होता है, इसलिए इस संशोधन को छात्र सकारात्मक रूप में देख रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह अतिरिक्त समय छात्रों को बेहतर रिवीजन में मदद करेगा, जिससे वे प्रश्नपत्र अधिक प्रभावी तरीके से हल कर सकेंगे और उनके परिणामों पर भी सकारात्मक असर देखने की संभावना है। READ MORE: भाई के जूते पहनकर मैदान में उतरी थीं Kranti Goud, जानिए संघर्ष की अनसुनी कहानी      

Ashoknagar News: बदहवास हालत में मिले 5 गौवंश , एक की मौत…

Ashoknagar News

Ashoknagar News: अशोकनगर के बहादुरपुर क्षेत्र में खोपरा और सोपरा गांव के बीच स्थित पठार पर बुधवार सुबह पांच गौवंश बेहद गंभीर हालत में पड़े मिले। इनमें एक गाय मृत मिली और दो अचेत थीं। बाकी तीन भी उठने की स्थिति में नहीं थीं। ग्रामीणों ने देखा कि गायें मक्का की डंठलों के पास पड़ी थीं। वहीं आसपास ट्रैक्टर ट्रॉली के पहियों के निशान थे। इससे आशंका जताई जा रही है कि देर रात इन गोवंशों को ट्रॉली में लाकर यहां छोड़ा गया। गौशाला से लाए जाने की चर्चा स्थानीय ग्रामीणों ने आशंका जताई कि बीमार या कमजोर गायों को जिम्मेदारी से बचने के लिए कुछ गौशाला संचालक खुले क्षेत्र में छोड़ देते हैं। चर्चा है कि इन गायों को भी जानबूझकर यहां मरने के लिए छोड़ दिया गया ताकि मृत होने पर आवारा कुत्ते इन्हें खा जाएं और किसी पर जवाबदेही न आए। मौके पर पहुंचा प्रशासन सूचना मिलने पर जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन, एसडीएम इसरार खान, पुलिस टीम, जनपद पंचायत सीईओ और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में मिली गायों को खोपरा की गौशाला भेजकर इलाज शुरू किया गया। गौशालाओं पर कलेक्टर की सख्ती जारी कलेक्टर आदित्य सिंह हाल में गौशालाओं की स्थिति को लेकर लगातार निरीक्षण और कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी लापरवाही पाए जाने पर गौशाला संचालकों पर कार्रवाई की है। पिछले सप्ताह निरीक्षण में कमी मिलने पर पशु संचालक और पिपरई नगर परिषद के सीएमओ का सात दिनों का वेतन राजसात किया गया था।

Gwalior News: सल्फास से बनी जहरीली गैस, कूलर चलते ही कमरे में फैली, भाई-बहन की मौत…

Gwalior Pesticide Gas Leak Tragedy

Gwalior News: ग्वालियर में कीटनाशक सल्फास की गैस ने एक परिवार की खुशियाँ छीन लीं। घर के पोर्च में गेहूं को घुन से बचाने के लिए रखी गई सल्फास की गोलियों से निकलती जहरीली गैस कूलर के एग्जॉस्ट फैन के जरिए कमरे में भर गई। गैस के असर से पहले 4 वर्षीय वैभव और फिर 13 वर्षीय बहन क्षमा की मौत हो गई। पिता सतेंद्र शर्मा और मां रजनी की हालत गंभीर है। कैसे हुआ हादसा प्रीतम विहार कॉलोनी में रहने वाले सत्येंद्र शर्मा के मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव ने तीन मंजिला इमारत के पोर्च में रखे 250 क्विंटल गेहूं में घुन से बचाने के लिए करीब 50 सल्फास की गोलियां डाल दीं। उस समय किराएदार परिवार घर में नहीं था। उन्हें इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। रात में परिवार लौटकर कमरे में सोने गया और गर्मी के कारण कूलर चला दिया। कूलर का एग्जॉस्ट फैन गेहूं में बन रही सल्फास गैस को खींचकर कमरे में भरता रहा। कुछ देर में सभी बेहोश हो गए ।

Morena News: मुरैना में अवैध शराब का नेटवर्क फिर सक्रिय, 2021 के जहरीली शराब हादसे के बाद तस्करी में तेजी

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Morena News: मुरैना। जिले में अवैध शराब कारोबार ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। 2021 के जहरीली शराब कांड के बाद जहां अवैध कारोबार पर लगाम लगी थी। वहीं अब फिर से तस्कर सक्रिय हो गए हैं। पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, जबकि आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि भोपाल के बाद सबसे महंगे शराब ठेके मुरैना में हैं। इसलिए अवैध कारोबारियों के लिए यहां कमाई का बड़ा दायरा बना हुआ है। 2021 हादसे की याद (Morena News) जनवरी 2021 में मुरैना के छैरा गांव में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हो गई थी। कई पीड़ितों की पहले आंखों की रोशनी गई। फिर उनकी जान चली गई। उस समय सरकार ने तत्कालीन कलेक्टर और एसपी को हटाया था। अब फिर से हालात वैसी ही दिशा में जाते दिख रहे हैं। एसपी समीर सौरभ ने कहा: “अवैध शराब की बिक्री और तस्करी रोकने के लिए जिले के सभी थानों को निर्देश दिए गए हैं। अब तक 219 आरोपी गिरफ्तार किए और करीब 2.81 करोड़ की शराब जब्त की है। अभियान लगातार जारी रहेगा।” आबकारी प्रभारी जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा: “पुलिस के पास बल ज्यादा होता है, हमारे पास नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में तस्करों से विरोध झेलना पड़ता है, गोलीबारी की आशंका रहती है। सीमित संसाधनों में जितनी सख्त कार्रवाई हो सकती है, कर रहे हैं। आगे भी जारी रहेगी।”

Wildlife Operation: MP में हेलीकॉप्टर ऑपरेशन से पकड़े गए 846 हिरण और 67 नीलगाय, जानिए कैसे हुआ ये मिशन

Wildlife Operation

Wildlife Operation: मध्य प्रदेश ने वन्यजीव संरक्षण में ऐतिहासिक पहल की है। राज्य में पहली बार हाई-टेक वन्यजीव कैप्चर अभियान चलाया गया, जिसमें 846 कृष्णमृग और 67 नीलगायों को बिना चोट पहुंचाए पकड़ा गया। सभी जानवरों को सुरक्षित अभयारण्यों में छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने इस ऑपरेशन को सेवा भाव और संरक्षण का बेमिसाल उदाहरण बताते हुए वनकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किसानों की मेहनत को सुरक्षित रखने और वन्यजीवों को बचाने दोनों में अहम है। दीपावली के दौरान भी टीम ने लगातार काम किया। हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वे ऑपरेशन में दक्षिण अफ्रीका की कंजरवेशन सॉल्यूशंस कंपनी की विशेषज्ञ टीम ने सहयोग किया। रॉबिन्सन-44 हेलीकॉप्टर से हवाई सर्वे कर ‘बोमा’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया। घास और जाल से बनी इस विशेष व्यवस्था के जरिए जानवरों को बिना नुकसान अभयारण्यों की ओर ले जाया गया। पूरी प्रक्रिया में किसी जानवर को बेहोश नहीं करना पड़ा। कहां छोड़े गए जानवर • गांधीसागर अभयारण्य • कूनो राष्ट्रीय उद्यान • नौरादेही अभयारण्य नीलगायों को गांधीसागर के 64 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बसाया गया। शाजापुर, उज्जैन और अन्य जिलों के किसान अब राहत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि पहले ये जानवर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते थे। देश का पहला पायलट प्रोजेक्ट शाजापुर कलेक्टर रिजु बाफना के अनुसार, यह देश का पहला प्रोजेक्ट है जिसमें हेलीकॉप्टर की मदद से हिरणों को हांका गया। पहले चरण में 45 कृष्णमृग गांधीसागर पहुंचाए गए थे। अब ट्रेंड वन टीम भविष्य में अन्य जिलों में भी ऐसे अभियान चला सकेगी। वरिष्ठ अधिकारियों ने किया नेतृत्व मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक शुभरंजन सेन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस अभियान का नेतृत्व किया। वन विभाग इसे मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल पूरे देश में लागू किया जा सकता है ।

MP News: SIR सर्वे में लापरवाही पर कलेक्टर की सख्त कार्रवाई, डोर टू डोर वेरिफिकेशन में न पहुंचने पर बीएलओ बर्खास्त

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MP News: मध्यप्रदेश में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR अभियान के पहले ही दिन लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया। वोटर लिस्ट की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार से शुरू हुए डोर टू डोर सर्वे में अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने एक कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया। कौन हुआ बर्खास्त बर्खास्त कर्मचारी का नाम प्रशांत दुबे है। वह सहायक ग्रेड 3 के पद पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में तैनात थे । गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 150 पर उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। तय समय पर फील्ड में उपस्थित न होने पर कलेक्टर ने तुरंत सेवा समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए। कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी है। SIR कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी । ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है जिन पर आगे कार्रवाई हो सकती है। क्या है SIR प्रक्रिया भोपाल जिले में कुल 21 लाख मतदाता दर्ज हैं। SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को सत्यापित और अपडेट किया जा रहा है। • जिले में 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात • बीएलओ घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे हैं • मतदाता फॉर्म भरकर वापस देंगे • हर बीएलओ को तीन बार विजिट करना होगा • गणना पत्रक की दो कॉपी, एक मतदाता के पास रहेगी • पहले पांच से छह दिन फॉर्म वितरण, बाद में कलेक्शन कलेक्टर ने मंगलवार को खुद हुजूर विधानसभा के कई बूथों पर जाकर फॉर्म वितरण का निरीक्षण किया। बुधवार को भी अभियान जारी रहेगा। सभी SDM और तहसीलदारों को फील्ड में तैनात किया गया है। 2003 वोटर लिस्ट आधारित सत्यापन यह सर्वे 2003 के बाद पहली बार इस पैमाने पर हो रहा है। जिनका नाम 2003 मतदाता सूची में नहीं था, उन्हें परिवार में जिस व्यक्ति का नाम दर्ज था, उसकी जानकारी देनी होगी। सही जानकारी मिलने पर ही नाम सूची में शामिल किए जाएंगे। मतदाताओं से किसी तरह का दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा। गणना पत्रक में नाम, पता, उम्र और EPIC नंबर दर्ज करना होगा। परिवार में मृत्यु या स्थानांतरण की स्थिति भी बताना अनिवार्य है। संदिग्ध मामलों में SDM नोटिस देकर सत्यापन कर सकते हैं। कलेक्टर की चेतावनी कलेक्टर ने दोहराया कि यह अभियान मतदाता सूची की शुद्धता के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नागरिकों और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की गई है।

Tansen Festival 2025: ग्वालियर में शुरू होगा सुरों का सबसे बड़ा संगम, जानें कब से दिखेगा नजारा

Tansen Festival 2025

Tansen Festival 2025: ग्वालियर में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत और तानसेन की संगीत साधना को समर्पित तानसेन समारोह 2025 का रंग सजने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित समारोह 14 से 19 दिसंबर तक तानसेन के मकबरे पर आयोजित होगा। आयोजन समिति ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। मंगलवार को संभाग आयुक्त की अध्यक्षता में स्थानीय समिति ने बैठक की । इस वर्ष समारोह का 101वां संस्करण है। इसलिए आयोजन भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रखा जा रहा है। खास आकर्षण ग्वालियर किले पर होने वाला समवेत कार्यक्रम रहेगा, जिसमें एक हजार कलाकार एक साथ शास्त्रीय संगीत का सामूहिक गायन करेंगे। समारोह के दौरान देश और विदेश के शीर्ष कलाकारों की शास्त्रीय, वादन, ध्रुपद और गायन प्रस्तुतियां होंगी। मुख्य कार्यक्रमों से पहले गमक श्रृंखला और पूर्व रंग सभाएं भी आयोजित की जाएंगी। तैयारियों की गहन समीक्षा (Tansen Festival 2025) स्थानीय समिति की बैठक में संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने निर्देश दिए कि कार्यक्रमों का स्तर उच्च रखा जाए और अधिक से अधिक संगीत प्रेमियों तक जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो ।