Gwalior News: पुलिस और Yogi Gurjar Gang की मुठभेड़…

Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। यहां पुलिस और कुख्यात डकैत Yogi Gurjar Gang व कल्ली गुर्जर गिरोह के बीच जबरदस्त मुठभेड़ चल रही है। पुलिस ने हस्तिनापुर के जंगलों में पूरी घेराबंदी कर रखी है । जानकारी के मुताबिक, Yogi Gurjar पर तीस हजार रुपये का इनाम घोषित है। यह वही डकैत है, जिसने हाल ही में एक गर्भवती महिला का उसके ससुराल से बंदूक की नोक पर अपहरण किया था। कुछ समय से शांत पड़े चंबल के बीहड़ों में एक बार फिर Yogi Gurjar Gang की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बताया जाता है कि योगेंद्र उर्फ Yogi Gurjar अपने 16 सदस्यों की गैंग के साथ फिर से सक्रिय हो गया है। यह गैंग हथियारों से लैस है। मुरैना, धौलपुर व ग्वालियर के जंगलों में दिखाई दे रही है। पुलिस ने गिरोह के खात्मे के लिए जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। Read more: दतिया में विवाहिता की शिकायत पर ससुराल वालों पर दहेज और मारपीट का केस दर्ज बीते 8 अक्टूबर को Yogi Gurjar Gang ने ग्वालियर में एक दुस्साहसिक घटना को अंजाम दिया था। गैंग ने एक गर्भवती विवाहित महिला को उसके ससुराल से सरेआम उठा लिया था। पुलिस ने तगड़ी घेराबंदी के बाद महिला को 24 घंटे में सुरक्षित बरामद कर लिया था। आखिर कौन है Yogi Gurjar डकैत Yogi Gurjar की अपराध गाथा लंबी है। वह धौलपुर, श्योपुर, मुरैना और ग्वालियर के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बना हुआ है। मूल रूप से मुरैना जिले के तिलौदा गांव का रहने वाला Yogi Gurjar पहले गुड्डा गुर्जर गिरोह का सदस्य था। उस गैंग के खत्म होने के बाद उसने खुद का गिरोह बना लिया। इस पर हत्या, लूट, हत्या के प्रयास समेत 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। फिलहाल इस डकैत पर 15 हजार रुपये का इनाम है, जिसे बढ़ाने की प्रक्रिया भी चल रही है। READ MORE: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई
मध्य प्रदेश बीजेपी में संगठनात्मक नियुक्ति, Suyash Tyagi बने सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक

मध्यप्रदेश। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मध्य प्रदेश में संगठनात्मक नियुक्तियाँ तेजी से पूरी की जा रही हैं। इसी क्रम में, सुयश त्यागी (Suyash Tyagi) को पार्टी का सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 5 नवंबर को घोषित की गई थी। पदभार संभालने के बाद, सुयश त्यागी (Suyash Tyagi) ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन से भेंट कर आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं दीं। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल अपनी संगठनात्मक टीम को अंतिम रूप दे रहे हैं। सुयश त्यागी (Suyash Tyagi ) की यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह पद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बीजेपी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पार्टी की विचारधारा और नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर ज़ोर दे रही है। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ाव रखने वाले सुयश त्यागी को यह महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी गई है। अब तक वो बीजेपी मध्य प्रदेश के सोशल मीडिया विभाग में राज्य सह-संयोजक के रूप में कार्य कर रहे थे। सुयश (Suyash Tyagi) पूर्व में आरएसएस के मध्यभारत प्रांत सोशल मीडिया प्रमुख रह चुके हैं। भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की पसंद माने जाते हैं। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
MP High Court ने ‘Haq’ फिल्म पर रोक से किया इनकार, Shah Bano Case पर बनी है मूवी

Shah Bano case: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ( Haq film Shah Bano case) पर आधारित फिल्म ‘हक’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। शाहबानो की बेटी और कानूनी वारिस सिद्दिका बेगम खान ने कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म के रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि फिल्म में शरिया कानून को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है, जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। अनुमति नहीं लेने का आरोप सिद्दिका बेगम ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक सुपर्ण एस. वर्मा और प्रोडक्शन हाउस जंगली पिक्चर्स तथा बावेजा स्टूडियोज ने (Haq film Shah Bano case) बनाने से पहले उनकी कोई अनुमति नहीं ली। इस मामले में उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के चेयरपर्सन को भी कानूनी नोटिस भेजा था। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला (Haq film Shah Bano case) हाईकोर्ट ने इससे पहले 4 नवंबर को दो घंटे की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। बताया गया है कि फिल्म ‘हक’ (Haq film Shah Bano case) 7 नवंबर को रिलीज होने वाली है। इसमें यामी गौतम और इमरान हाशमी मुख्य किरदार में हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट तौसीफ वारसी ने दलील दी कि फिल्म के टीजर और ट्रेलर में कुछ डायलॉग ऐसे हैं, जो शाहबानो की प्रतिष्ठा और परिवार की छवि को धूमिल करते हैं। उन्होंने कहा कि यह फिल्म तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करती है। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा हितेश मेहता ने क्या कहा (Haq film Shah Bano case) वहीं, जंगली पिक्चर्स की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया और इंसोमनिया मीडिया एंड कंटेंट सर्विसेज लिमिटेड के हितेश मेहता ने कहा कि फिल्म में दिखाए गए दृश्य (Haq film Shah Bano case) के संदर्भ में अपमानजनक नहीं हैं। इन्हें संवेदनशीलता के साथ पेश किया गया है। कौन हैं शाहबानो (Haq film Shah Bano case) शाहबानो पहली मुस्लिम महिला थीं जिन्होंने गुजारा भत्ते के लिए कोर्ट में केस जीता था। उनकी बेटी का कहना है कि फिल्म ‘हक’ उनके निजी जीवन और संवेदनशील पारिवारिक घटनाओं को गलत तरीके से प्रदर्शित करती है। हाईकोर्ट ने अब इस याचिका को खारिज कर फिल्म रिलीज (Haq film Shah Bano case) पर रोक से इनकार कर दिया है। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
CM मोहन यादव ने रद्द किया Disputed Electricity Circular, चीफ इंजीनियर पर कार्रवाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को राज्य में जारी (Disputed Electricity Circular) को रद्द करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों का हित सरकार के लिए सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर अन्नदाताओं के नुकसान की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि (Disputed Electricity Circular) को लेकर जनता में गलतफहमी पैदा हुई थी, जिसे दूर करने के लिए तत्काल निर्णय लिया गया है। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें विवादित सर्क्युलर (Disputed Electricity Circular) हुआ रद्द मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि संबंधित (Disputed Electricity Circular) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही इस मामले में जिम्मेदार चीफ इंजीनियर को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसानों का भरोसा बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में कृषि कार्य किसी भी तरह से प्रभावित न हों। किसान हित को प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में संवेदनशील और किसान हितैषी सरकार कार्यरत है। हमारी प्राथमिकता हमेशा से किसानों के कल्याण और समग्र विकास की रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विवादित आदेश के बाद फैली गलतफहमी को दूर कर दिया गया है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि (Disputed Electricity Circular) जैसी स्थिति दोबारा न बने। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा मुख्यमंत्री की चेतावनी डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही या असंवेदनशील निर्णय पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है (Disputed Electricity Circular)। READ MORE: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला
Dowry Case: दतिया में विवाहिता की शिकायत पर ससुराल वालों पर दहेज और मारपीट का केस दर्ज

Dowry Case: दतिया जिले के ( Dowry Case) में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र की 27 वर्षीय महिला ने अपने पति सतीश जाटव और ससुराल के अन्य सदस्यों के खिलाफ (Dowry Case) में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले लगातार दहेज की मांग और शारीरिक उत्पीड़न कर रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उसकी शादी 1 फरवरी 2019 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के समय उसके परिजनों ने करीब 15 लाख रुपये का दहेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष अब भी 5 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा है। मारपीट और धमकी का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति सतीश, ससुर रामसिंह, सास कमला और जेठ जितेंद्र ने कई बार उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी और आत्महत्या करने के लिए भी मजबूर किया। पीड़िता का कहना है कि लगातार शारीरिक हिंसा के कारण उसकी तबीयत पर गंभीर असर पड़ा है और अब वह दोनों कानों से ठीक से सुन नहीं पा रही है। यह घटना (Dowry Case) में समाज में बढ़ती दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है। READ MORE: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई पुलिस ने महिला की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ (Dowry Case) के तहत दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी के अनुसार, महिला के मेडिकल रिपोर्ट और बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
Guna Custodial Death: देवा पारदी मामले में आज सुनवाई, गिरफ्तारी में देरी का देना होगा जवाब

Guna Custodial Death Case में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले में CBI को कोर्ट में यह बताना है कि आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हुई और कहां चूक हुई। अदालत ने पहले ही स्पष्ट किया था कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना कार्रवाई की जाएगी। जानिए पूरा मामला मामला 15 जुलाई 2024 का है। गुना जिले के बीलाखेड़ी गांव के रहने वाले देवा पारदी (25) की शादी गुना शहर के गोकुल सिंह चक्क पर होने वाली थी। 14 जुलाई की शाम बारात निकलनी थी, लेकिन पुलिस चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए देवा और उसके चाचा गंगाराम को थाने ले गई। शाम को परिवार को सूचना मिली कि देवा पारदी की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा पारदी समाज में फैला आक्रोश इसके बाद पारदी समाज में आक्रोश फैल गया। परिवार ने आरोप लगाया कि म्याना थाने में देवा की पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हुई। पारदी महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। मामले में सात से आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में FIR दर्ज की गई। देवा की मां हंसुरा बाई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 15 मई को आदेश दिया था कि आरोपी पुलिसकर्मियों को एक महीने में गिरफ्तार किया जाए। आदेश का पालन न होने पर हंसुरा बाई ने अवमानना याचिका दायर की। READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी फटकार सितंबर में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने CBI के साथ राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। फटकार के बाद फरार SI उत्तम सिंह और TI संजीत मावई को गिरफ्तार किया गया। दोनों की गिरफ्तारी क्रमशः 27 सितंबर और 5 अक्टूबर को हुई। 8 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी केवल कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद हुई। अदालत ने CBI से पूछा कि आदेश का पालन करने में देरी क्यों हुई और विभागीय कार्रवाई क्या की गई। इसी स्पष्टीकरण के लिए आज यानी 6 नवंबर को Guna Custodial Death Case पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। Read More: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई
Sheopur News: बिजली कंपनी में दो महिला कर्मचारी ससपेंड, जानिए पूरा मामला

Sheopur News: श्योपुर में पावर कंपनी की दो महिला कर्मचारियों को अचानक सस्पेंड कर दिया गया। इस कार्रवाई से विवाद खड़ा हो गया। सस्पेंड की गई कर्मचारियों ने कंपनी के सीनियर इंजीनियर (SE) पर हरासमेंट और उन्हें अपने प्राइवेट कमरे में बुलाने का आरोप लगाया है। सीनियर इंजीनियर पर आरोप (Sheopur News) महिला कर्मचारियों का आरोप है कि SE ने उन्हें अपने निजी कमरे में बुलाकर अनुचित व्यवहार किया। उन्होंने यह भी कहा कि SE चारित्रिक रूप से उचित नहीं हैं । उनके द्वारा लगातार उत्पीड़न किया गया। महिला कर्मचारियों ने इस संबंध में आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें सीनियर इंजीनियर (SE )ने आरोपों का किया खंडन एल.एन. पाटीदार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतकर्ताओं से कभी व्यक्तिगत मुलाकात नहीं हुई। ये आरोप मनगढ़ंत हैं। पाटीदार के अनुसार, निलंबन का कारण महिला कर्मचारियों की कार्य में लापरवाही है। सूत्रों के अनुसार, पाटीदार के खिलाफ भोपाल के अशोका गार्डन थाने में पहले से एक मामला दर्ज है। पाटीदार ने स्पष्ट किया कि यह उनका पिछला मामला है। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा काम में लापरवाही को बताया कारण (Sheopur News) कंपनी सूत्रों ने बताया कि हाल ही में प्रबंध निदेशक (MD) के निरीक्षण के बाद कई आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया गया, जिनमें ये दोनों महिलाएं भी शामिल हैं। यह कार्रवाई कार्य में अनुशासनहीनता के कारण की गई। इस मामले में अब राजनीतिक हस्तक्षेप भी हुआ है। श्योपुर विधायक बाबू जंडेल ने विद्युत विभाग के MD को पत्र भेजकर मामले की उचित कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद अब भोपाल तक पहुँच गया है । READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
Gwalior News: धर्मांतरण की सूचना पर पहुंची टीम, फादर बोले – सभी माता-पिता ईसाई

Gwalior News: ग्वालियर के बड़ागांव हाईवे स्थित कैथोलिक डाइसेसिक सोसाइटी के स्कूल में धर्मांतरण (Christian Conversion Racket)की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम सक्रिय हुई। बुधवार को जांच टीम ने मौके पर जाकर सभी दस्तावेज का सत्यापन किया। अधिकारियों ने छात्रों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन से फंडिंग, भूमि रिकॉर्ड दस्तावेज लिए। विशप हाउस (Gwalior News) में छात्र विवरण जानकारी के अनुसार, विशप हाउस में कुल 23 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें 18 छात्र ओडिशा, 3 मध्य प्रदेश (झाबुआ से 2 और मोहना से 1) और 2 छत्तीसगढ़ के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच में धर्मांतरण (Christian Conversion Racket) की कोई पुष्टि नहीं हुई है। सभी छात्रों के माता-पिता ईसाई धर्म के हैं। जांच के दौरान छात्र अपने रूम में पढ़ाई करते मिले। फादर अपने कमरों में पूजा पाठ में व्यस्त थे। सीआईडी के अधिकारी भी पूछताछ के लिए पहुंचे। फादर हर्षल ए. एक्स से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा फादर हर्षल ए. एक्स का बयान फादर हर्षल ए. एक्स ने बताया कि यहां पढ़ाई करने वाले सभी बच्चे स्वेच्छा से आते हैं। बाहरी छात्र यहां आने से पहले एग्जाम देते हैं। केवल अच्छे प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन किया जाता है। इसके बाद ही उनका दाखिला किया जाता है। जांच टीम के SDOP मनीष यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी भी छात्र या प्रबंधन से धर्मांतरण के ठोस सबूत नहीं मिले हैं। सभी छात्रों ने स्पष्ट किया कि वे स्वेच्छा से पढ़ाई कर रहे हैं। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई सूचना मिलने पर टीम की त्वरित कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि मामले की बारीकी से जांच हो। अधिकारियों ने सभी आवश्यक जानकारी हासिल कर ली है। (Gwalior News) READ MORE: इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी
इंदौर में Traffic Rules पर सख्ती, नियम तोड़ने वालों की होगी गिरफ्तारी

Traffic rules: शहर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इंदौर यातायात पुलिस ने आज से विशेष अभियान शुरू किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पुलिस ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पीटीआरआई) ने 15 दिन का अभियान चलाया है। इस पहल से पहले 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसमें स्कूल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और बाजारों में लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी गई। चेकिंग पॉइंट्स पर नई व्यवस्थाएं ( Traffic rules) अभियान के तहत चेकिंग पॉइंट्स पर स्टॉपर लगाए जाएंगे ताकि कोई वाहन चालक नियम तोड़कर बच न सके। पुलिसकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरा और वेब कैमरा पहनेंगे । सभी चालान पीओएस मशीन से काटे जाएंगे। बार-बार नियम तोड़ने वाले चालक के लाइसेंस रद्द करने के लिए परिवहन विभाग को सिफारिश भी भेजी जाएगी। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें पुलिसकर्मी की जवाबदेही ( Traffic rules) अगर कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाले चालक को बिना चालान काटे छोड़ देता है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। रोजाना की कार्रवाई की रिपोर्ट पीटीआरआई को गूगल शीट पर भेजना अनिवार्य होगा। आम लोगों को भी मिलेगा मौका इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों को ट्रैफिक प्रहरी ( Traffic rules) बनने का अवसर दिया है। इसके लिए एक QR कोड जारी किया गया है, जिसे स्कैन कर गूगल फॉर्म भरना होगा। फॉर्म में नाम, उम्र, पता, सेवा समय और पसंदीदा चौराहा जैसी जानकारी देनी होगी। शहर के 30 चौराहों पर तैनात को-ऑर्डिनेटर पुलिस अधिकारी ट्रेनिंग देंगे। ट्रैफिक प्रहरी ( Traffic rules) को पुलिस जैकेट, सिटी, बैच और लाइट बेटन दी जाएगी। वे चौराहों पर व्यवस्था बनाए रखेंगे। त्योहारों में मदद करेंगे। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को हर हफ्ते और महीने पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। READ MORE: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा
Morena Crocodile Attack: बेटे और जीजा के सामने मगरमच्छों ने पिता को खींचा

Morena crocodile attack : मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चम्बल नदी (Chambal River) किनारे एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। राजस्थान के गंगापुर सिटी निवासी रूप सिंह गुर्जर को तीन मगरमच्छों (Morena crocodile attack) ने उस समय हमला कर नदी में खींच लिया, जब वे शौच के लिए गए थे। यह पूरा हादसा उनके बेटे दीपक गुर्जर और जीजा बदन सिंह के सामने हुआ। घटना धौलपुर के राजघाट क्षेत्र में घटी, जो चम्बल सफारी क्षेत्र के पास है। तीन मगरमच्छों (Crocodiles) ने एक साथ किया हमला सूत्रों के अनुसार, रूप सिंह अपने बेटे और जीजा के साथ धार्मिक यात्रा पर निकले थे। तीनों मच्छकुंड मंदिर में स्नान करने के बाद चम्बल नदी की खूबसूरती देखने पहुंचे थे। इसी दौरान रूप सिंह नदी किनारे झाड़ियों के पास शौच के लिए गए और हाथ धोने के लिए पानी के पास पहुंचे। तभी अचानक एक बड़ा मगरमच्छ उन पर टूट पड़ा। उनकी चीख सुनकर बेटा और जीजा भागकर वहां पहुंचे, लेकिन तब तक दो और मगरमच्छ (Morena crocodile attack) भी आ गए थे। तीनों ने मिलकर रूप सिंह को नदी में खींच लिया। बेटे के सामने पिता को निगल गए मगरमच्छ दीपक गुर्जर ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि मगरमच्छों ने उनके पिता को नदी की गहराई में ले गए। परिजनों ने तुरंत वन विभाग और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने दो दिन तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन मंगलवार शाम तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने तलाशी अभियान रोक दिया। चम्बल सफारी की सुरक्षा पर सवाल यह हादसा चम्बल सफारी ( Chambal Safari safety) क्षेत्र के करीब हुआ है, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इलाके में मगरमच्छों की संख्या बहुत अधिक है, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था लगभग नहीं के बराबर है। नदी किनारे चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाए गए हैं और न ही यहां वन विभाग की नियमित गश्त होती है। शव का अब तक नहीं मिला सुराग घटना के तीसरे दिन तक भी रूप सिंह गुर्जर का शव नहीं मिल पाया है। सराय छोला थाना प्रभारी के.के. सिंह ने बताया कि मगरमच्छों (Morena crocodile attack) ने परिजनों के सामने ही उनके शरीर को नुकसान पहुंचाया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि चम्बल नदी किनारे (Chambal river news) बिना सुरक्षा के न जाएं। READ MORE: एक फोन कॉल में अकाउंट खाली, बचाव के जरूरी टिप्स जानें