Chambalkichugli.com

MP News : प्रदेश में 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी, 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

Shivpuri News

MP News : भोपाल | मध्यप्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। एक राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा कार्यशाला में बताया गया कि प्रदेश की 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से जुड़ी होती हैं, जबकि तीन प्रतिशत दुर्घटनाओं के लिए सड़क डिज़ाइन की खामियां और अपर्याप्त संकेतक जिम्मेदार हैं। कार्यशाला का आयोजन बुधवार को भोपाल में किया गया।

मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘संजय’ एप्लिकेशन

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक उन्नत सड़क सुरक्षा मोबाइल एप्लिकेशन ‘संजय’ का शुभारंभ किया। इस एप्लिकेशन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और हादसों की सूचना तेजी से संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए गए:

  • लोक निर्माण विभाग और आईआईटी मद्रास के बीच
  • मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और सेव लाइफ फाउंडेशन के बीच
  • ब्लैक स्पॉट की पहचान और तकनीकी समाधान

प्रदेश में अब तक 1,041 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग आधुनिक तकनीकों को अपनाकर इन दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

उन्होंने दोपहिया चालकों से हेलमेट पहनने, और कार चालकों से सीट बेल्ट बांधने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा, “जीवन बचाने से बड़ा कोई कार्य नहीं हो सकता।”

हेलमेट से 60% जानें बचाई जा सकती हैं:

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि देशभर में होने वाली 53% सड़क दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि यदि हेलमेट का सही उपयोग किया जाए तो 60% जानें बचाई जा सकती हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एक आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित कर रही है, जिससे हादसों की जानकारी तुरंत अस्पतालों तक पहुंचाई जा सके और पीड़ितों को पहले सात दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिल सके।

जन जागरूकता पर ज़ोर

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे सड़कें तेज और आधुनिक हो रही हैं, दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि नागरिक खुद भी ट्रैफिक नियमों को समझें और अपनाएं।

आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और एमपीआरडीसी के स्वतंत्र निदेशक वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं मानवीय भूलों के कारण होती हैं। हालांकि, 3% दुर्घटनाएं अब भी खराब सड़क डिज़ाइन और साइनेज की कमी से होती हैं।

READ MORE: ग्वालियर में 6 दवाओं के उपयोग पर रोक, जानें कौन-कौन सी हैं ये दवाएं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *