Madhya Pradesh Wildlife: बुंदेलखंड के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने राजस्थान और गुजरात के दावों को खारिज करते हुए मध्यप्रदेश के नौरादेही (रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व) में चीते बसाने की मंजूरी दे दी है। यह राज्य का तीसरा चीता घर होगा।
एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) ने नौरादेही में तैयारियों के लिए सेंट्रल कैंपा फंड से 4 करोड़ रुपए जारी कर दिए हैं। दूसरी किश्त के रूप में एनटीसीए 3 करोड़ रुपए और देगा। पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) शुभ रंजन सेन ने बताया कि 2339 वर्ग किलोमीटर में फैले नौरादेही टाइगर रिजर्व में जल्द ही चीते बसेंगे।
साल 2022 में पहली बार श्योपुर के कूनो अभ्यारण्य में 8 चीते लाए गए थे। देश में अब कुल 31 चीते हैं। इनमें से 29 कूनो में और 2 गांधी सागर अभ्यारण्य (मंदसौर-नीमच) में हैं। नौरादेही तीसरा घर होगा।
आखिर नौरादेही को क्यों चुना
एनटीसीए के अनुसार नौरादेही की सिंघपुर, मोहली और झापन रेंज चीते बसाने के लिए सबसे अनुकूल पाई गईं। टीम जल्द इन रेंज का दौरा करेगी। फंड से चार क्वारंटाइन बोमा और एक सॉफ्ट रिलीज बोमा तैयार किए जाएंगे। फेंसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम भी जल्द शुरू होगा।
2026 में आएंगे चीते
अगर सब कुछ योजना के अनुसार हुआ, तो 2026 की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका से नई खेप नौरादेही पहुंचाई जाएगी। दूसरा विकल्प यह रखा गया है कि अगर अफ्रीका से नहीं आए तो कूनो में जन्मे शावक, उन्हें नौरादेही शिफ्ट किया जाएगा।
प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व
नौरादेही 2339 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और सागर, दमोह और नरसिंहपुर के जंक्शन पर स्थित है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव अभ्यारण्य और टाइगर रिजर्व है। अभ्यारण्य 50 से 70 चीते को आश्रय देने में सक्षम है।
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