MP Carbide Guns: मध्य प्रदेश में दिवाली की रौनक इस बार खतरनाक कार्बाइड गन के धमाकों से मातम में बदल गई। सस्ते ‘खिलौने’ के नाम पर बेची जा रही इन गनों ने सैकड़ों बच्चों और युवाओं की आंखों की रोशनी छीन ली। राज्य भर में अब तक 300 से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें 24 से अधिक बच्चों की दृष्टि स्थायी रूप से खत्म हो गई है। ग्वालियर और भोपाल में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद इनकी बिक्री रुकी नहीं।
FIR के बावजूद जारी रही बिक्री
18 अक्टूबर को ग्वालियर में इंद्रगंज थाना क्षेत्र में हेड कांस्टेबल रामनरेश गुर्जर ने एक संदिग्ध व्यक्ति शाहिद अली (20) को पकड़ा। उसके पास से 2.5 फुट का लोहे का पाइप, 6 सुतली बम, 12 बत्तियां और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज हुई, लेकिन सजा सात साल से कम होने के कारण नोटिस देकर छोड़ दिया गया।
भोपाल के छोला थाने में भी उसी दिन केस दर्ज हुआ, फिर भी बिक्री जारी रही।
ऑनलाइन और बाजार में खुलेआम बिक्री
दिवाली से पहले बाजारों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 150 से 200 रुपये में कार्बाइड गन बेची जा रही थीं। इसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी से गैस बनाकर लाइटर से फायर किया जाता है, जिससे जोरदार धमाका होता है। सोशल मीडिया पर इसे “ग्रीन पटाखा” बताकर वायरल किया गया, जबकि असल में यह आंखों में एसिड-अल्कलाइन चोटें पहुंचा रही थी।
घायल बच्चों की बढ़ती संख्या
- राज्यभर के अस्पतालों में इस गन से घायल मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- एम्स भोपाल में 60 मरीज भर्ती हैं।
- विदिशा में 50 लोग घायल हुए, जिनमें 5 बच्चों की रोशनी बचाने की कोशिश चल रही है।
- इंदौर के अस्पतालों में देवास और सीहोर से भी मरीज पहुंचे हैं।
- डॉक्टरों का कहना है कि अल्कलाइन के कारण हुई आंखों की चोटें स्थायी नुकसान पहुंचाती हैं।
सैकड़ों गन बरामद
घटनाओं के बाद पुलिस हरकत में आई और भोपाल में 6 एफआईआर दर्ज की गईं। छोला, एमपी नगर, निशातपुरा, बागसेवनिया, पिपलानी और नजीराबाद थाना क्षेत्रों में 100 से ज्यादा कार्बाइड गन और 11.5 किलो विस्फोटक जब्त किए गए।
विदिशा में 7 लोग गिरफ्तार, 228 गन और 4 किलो कैल्शियम कार्बाइड बरामद। इंदौर में 59 गन जब्त की गईं। ग्वालियर में 19 युवाओं के घायल होने के बाद कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैन लगाते हुए कंट्रोल रूम नंबर जारी किए।
सरकार ने बढ़ाई सख्ती
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही 18 अक्टूबर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रशासन की ढिलाई से नुकसान बढ़ता गया। अब विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्बाइड गन की खरीद-बिक्री और उपयोग पर एफआईआर के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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