Ashoknagar News: अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह ने शनिवार को दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित पटवारियों में प्रेक्षा जैन और परमाल सिंह यादव शामिल हैं। दोनों पर शासकीय कार्यों में गंभीर अनियमितताओं साथ ही लापरवाही का आरोप है।
भू-माफिया से मिलीभगत
प्रेक्षा जैन तत्कालीन हल्का क्रमांक 4 और वर्तमान में हल्का क्रमांक 26 में पदस्थ थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत कर शासकीय भूमि से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर किया। इसके तहत फर्जी पट्टे बनाए गए, दस्तावेजों में फर्जी नाम दर्ज किए गए और भूमि पर प्लॉटिंग का काम शुरू करवाया गया।
मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन पटवारी द्वारा तथ्यों को छिपाकर अनुचित रिपोर्ट पेश की गई, जिससे न्यायालय में नामांतरण संभव हुआ।
कलेक्टर आदित्य सिंह ने 22 अगस्त को प्रेक्षा जैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद उन्हें म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित कर दिया गया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अशोकनगर कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
शासकीय कार्य में लापरवाही
पटवारी परमाल सिंह यादव तहसील शाढौरा में पदस्थ हैं। तहसीलदार शाढौरा के प्रतिवेदन के आधार पर उन पर शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना का आरोप पाया गया।
तहसीलदार ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की, जिस पर कलेक्टर ने परमाल सिंह यादव को भी म.प्र. सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भी अनुविभागीय अधिकारी, अनुभाग अशोकनगर कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।