IND Vs AUS: भारत की महिला क्रिकेट टीम ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना तीन लगातार हार के बाद कम ही लोग कर रहे थे। साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से हारकर टूर्नामेंट में टीम इंडिया का सेमीफाइनल तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा था। पर वहीं से भारत ने इतिहास लिखना शुरू किया और अब टीम फाइनल में पहुंच चुकी है।
भारत ने सेमीफाइनल में 7 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर विमेंस वनडे इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य चेज किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर और शतक लगाने वाली जेमिमा रोड्रिग्ज इस जीत की प्रणेता रहीं।
तीन हार का झटका
टूर्नामेंट की शुरुआत भारत ने शानदार अंदाज में की। गुवाहाटी में श्रीलंका को हराकर पहला मैच जीता। इस मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने फिफ्टी और 3 विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया।
दूसरे मैच में चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को 159 रन पर समेटकर भारत ने 88 रन से दमदार जीत दर्ज की। तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने 3 विकेट लेकर पाकिस्तान की कमर तोड़ी।
इसके बाद टीम विशाखापट्टनम पहुंची और साउथ अफ्रीका से भिड़ी। ऋचा घोष ने 94 रन की बेहतरीन पारी खेली और भारत को सम्मानजनक स्कोर दिलाया, लेकिन लौरा वोलवर्ट और नदीन डी क्लर्क की पारियों ने भारत की पहली हार लिख दी।
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने बढ़ाई मुश्किल
अगले दो मुकाबले भारत के लिए निर्णायक साबित हुए। ऑस्ट्रेलिया ने भारत का बड़ा टारगेट चेज कर रिकॉर्ड रनचेज किया। फिर इंग्लैंड के खिलाफ भारत 4 रन से मैच हार गया। यहां से टूर्नामेंट में भारत की उम्मीदें लगभग धुंधली पड़ने लगीं।
मंधाना और प्रतिका ने दिलाई उम्मीद
नवी मुंबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ करो या मरो वाले मैच में स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने शतक लगाकर भारत को 340 रन तक पहुंचा दिया। न्यूजीलैंड ने कोशिश की, पर 271 पर रुक गई। इस जीत ने भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया।
ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत
सेमीफाइनल में भारत का सामना 7 बार की चैंपियन और अपराजित ऑस्ट्रेलिया से हुआ। दबाव बड़ा था, रिकॉर्ड सामने था, लेकिन भारत का जज्बा उससे भी बड़ा निकला। जेमिमा रोड्रिग्ज ने नाबाद शतक जमाया, कप्तान हरमनप्रीत ने दमदार पारी खेली और भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए इतिहास रच दिया।