Chambalkichugli.com

MP News: फॉरेस्ट–जेल भर्ती में देरी पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

E-Attendance

MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर प्रिंसिपल बेंच ने फॉरेस्ट और जेल विभाग की संयुक्त भर्ती परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर जारी करने में देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि कुल पदों में से करीब 87% चयनित उम्मीदवारों को अब तक अपॉइंटमेंट लेटर क्यों नहीं दिए गए।

यह सुनवाई तब आगे बढ़ी जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हाई कोर्ट ने OBC कैटेगरी के उम्मीदवारों की याचिकाओं को मेरिट के आधार पर सुनने का फैसला किया। इससे पहले हाई कोर्ट ने 20 जून 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था, क्योंकि ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दे सुप्रीम कोर्ट में लंबित थे।

बीते मई में फाइनल रिजल्ट रोकने के खिलाफ दो दर्जन अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई से इंकार के ऑर्डर के बाद 11 उम्मीदवारों ने अपनी याचिका वापस ले ली, जबकि 13 ने कानूनी लड़ाई जारी रखी और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाई कोर्ट को मेरिट आधार पर सुनवाई का निर्देश दिया।

अब चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने में देरी की वजह क्या है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी विभाग इस मामले में तथ्यात्मक स्थिति बताएं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर ने दलील दी कि नियुक्ति प्रक्रिया रोकना न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास कर ली और चयन सूची जारी हो चुकी है। अब अभ्यर्थी जॉइनिंग का इंतजार कर रहे हैं।

सरकार का जवाब आने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *