Ashoknagar News: अशोकनगर। अशोकनगर में उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा एक दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एमआरपी (Maximum Retail Price) से अधिक मूल्य वसूलने के आरोप में एक दुकानदार पर ₹11,010 का जुर्माना लगाया है। यह मामला स्थानीय बाजार स्थित किशोर वॉच हाउस के प्रोपराइटर के खिलाफ दर्ज हुआ था। दुकानदार ने दीवार घड़ी की तय कीमत से ₹10 ज्यादा वसूले थे, जिसके बाद उपभोक्ता ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
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मई 2025 का मामला
यह मामला 12 मई 2025 का है। आवेदक ने अजंता कंपनी की एक दीवार घड़ी ₹550 में खरीदी थी, जबकि उत्पाद पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹540 था। जब खरीदार को कीमत में गड़बड़ी का अहसास हुआ, तो उसने दुकानदार से सवाल किया। दुकानदार ने सफाई देते हुए कहा कि ₹10 अतिरिक्त घड़ी में सेल लगाने के बदले लिए गए हैं।
हालांकि, आयोग ने जब बिल की जांच की तो पाया कि दुकानदार ने घड़ी और सेल का बिल अलग-अलग नहीं दिया था, जिससे यह साफ हो गया कि ₹10 अतिरिक्त राशि अनुचित तरीके से ली गई थी।
आयोग ने दुकानदार के इस व्यवहार को अनुचित व्यापार प्रक्रिया करार दिया। आयोग ने यह भी कहा कि दुकानदार का यह कदम उपभोक्ता को न केवल आर्थिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी नुकसान पहुंचाने वाला है। इसलिए, आयोग ने दुकानदार पर ₹11,010 का अर्थदंड लगाया और आदेश दिया कि वह दो महीने के भीतर यह राशि आवेदक को क्षतिपूर्ति के रूप में अदा करे।
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दो महीने में भरना होगा जुर्माना
उपभोक्ता आयोग ने इस फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। किसी भी परिस्थिति में दुकानदार को उत्पाद की अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक राशि लेने का अधिकार नहीं है, चाहे वह किसी भी बहाने से क्यों न हो।
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