Bhind News: भिंड जिले में लकड़ी परिवहन की अनुमति (TP) जारी करने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अवैध लकड़ी को वैध बनाने की पूरी प्रक्रिया चुनिंदा लोगों के नियंत्रण में है, जिसके कारण पकड़े जाने के बाद भी कुछ घंटों में TP तैयार कर चालक के मोबाइल पर भेज दी जाती है। ताजा मामला इस सिस्टम की गंभीर खामियों को उजागर करता है।
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दतिया में पकड़ा गया कंटेनर
शुक्रवार को दबोह क्षेत्र के अमाहा गांव से लकड़ी से लदा एक कंटेनर तिरपाल से ढंककर निकला। योजना थी कि लकड़ी तस्करी को सामान्य परिवहन की तरह दिखाया जाए। लेकिन दतिया के इंदरगढ़ में राजस्व विभाग की टीम ने कंटेनर को रोक लिया। जांच में चालक किसी भी प्रकार की TP नहीं दिखा पाया, जिसके बाद वाहन को थाने में खड़ा कर दिया गया। (Bhind News)
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2 घंटे बाद अचानक मोबाइल पर पहुंची TP
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कंटेनर पकड़े जाने के सिर्फ 2 घंटे बाद ही चालक के मोबाइल पर TP भेज दी गई। इससे साफ है कि दस्तावेज वास्तविक नहीं थे, बल्कि पकड़े जाने के बाद तत्काल तैयार किए गए। (Bhind News)
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