MP News : भोपाल। छत्तीसगढ़ के टॉप नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा की 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के मारे डुमिल्ली जंगल में हुई मुठभेड़ के बाद सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस एनकाउंटर को संदिग्ध बताया और इसे फर्जी कार्रवाई बताया है। इसके बाद BJP ने उन पर तीखा पलटवार किया है।
Read More: तिरपाल से ढंके कंटेनर में लकड़ी की तस्करी का खुलासा
दिग्विजय ने वीडियो शेयर कर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोढ़ी का वीडियो शेयर किया है। सोढ़ी वीडियो में दावा कर रही हैं कि हिड़मा समेत छह लोगों को पकड़कर मारा गया। उनका कहना है कि घटनास्थल और पुलिस की टाइमलाइन मेल नहीं खाती। ग्रामीणों के बयान भी अलग बताकर उन्होंने एनकाउंटर को हत्या करार दिया है।
दिग्विजय ने कहा कि वे नक्सली हिंसा के खिलाफ हैं लेकिन असली समस्या आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी है। उन्होंने मांग की कि बस्तर जैसे शेड्यूल्ड एरिया में PESA एक्ट लागू हो। साथ ही SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि कई आदिवासियों के दस्तावेज नहीं होते जिससे उनकी नागरिकता पर असर पड़ सकता है। (MP News)
Read More: मध्यप्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ा, भोपाल का 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
हिड़मा पर था एक करोड़ का इनाम
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हिड़मा 26 बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था। 2013 के झीरम घाटी हमले में भी उसका नाम सामने आया था। मुठभेड़ में उसकी पत्नी राजे समेत छह नक्सली मारे गए।
दिग्विजय पर संवेदनहीनता का आरोप
BJP नेताओं ने दिग्विजय पर हमला बोला है। कालापीपल विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि MP के इंस्पेक्टर आशीष शर्मा नक्सलियों से लड़ते हुए शहीद हुए लेकिन दिग्विजय ने उनके लिए एक शब्द नहीं कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के पक्ष में खड़ी होती है और गलत नैरेटिव बनाती है।
चंद्रवंशी ने कहा कि सरकार नक्सल समस्या खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और नक्सलियों का सफाया होगा। (MP News)
Read More: मुरैना में बिजली समाधान योजना से 2260 उपभोक्ताओं को राहत