नौरादेही के 439 हेक्टेयर में सुरक्षित रहेंगे 2 नए चीते, सीएम ने किया रिलीज
कूनो से 2 चीतों को बहुत ही सुरक्षित तरीके से सागर के नौरादेही में शिफ्ट किया गया है। यहां इनकी सेहत और सुरक्षा के लिए शानदार मैनेजमेंट किया गया है।

वन्यजीवों की सुरक्षित देखभाल और मैनेजमेंट को लेकर सागर के मुहली में ‘वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह’ का समापन कुछ ऐसा ही, शानदार सा हो गया… हर तरफ हलचल, और भीड़ भी ठीक ठाक। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खास तौर पर पहुंचे थे, और चीतों को छोड़ने से पहले उन्होंने माहौल को जरा सा हल्का भी किया, जैसे किसी ने साइड में बात कर दी हो। फिर मजाकिया अंदाज में सीएम ने कह दिया, "एक पप्पू हमारे यहां है, जो मानता ही नहीं है।" उसके बाद उन्होंने ये भी कहा कि आज पूरा विश्व भारत की तरफ देख रहा है, तो भगवान सबको सद्बुद्धि दे, ताकि देश आगे बढ़ सके, बस यही।
5 खास बोमा में शिफ्ट किए गए 2 चीते
चीतों की सेहत और उनके सुरक्षित मैनेजमेंट की वजह से कूनो नेशनल पार्क से 2 चीतों को एहतियात के साथ वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) लाया गया। सीएम ने इन्हें मुहली रेंज में बनाए गए एक खास बोमा में रिलीज किया। इसके लिए वन विभाग की मैनेजमेंट टीम ने मुहली रेंज में कुल 5 सुरक्षित बोमा तैयार किए हैं, ताकि नये माहौल में भी ये पूरी तरह से महफूज रहें और उन्हें एडजस्ट होने में दिक्कत न हो।
पर्यटन से सुधरेगी बुंदेलखंड की आर्थिक सेहत
चीते नौरादेही में बसेंगे तो फायदा सिर्फ जंगल का नहीं होगा, आसपास के लोगों का भी। कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि जब चीते नौरादेही में दौड़ेंगे, तो सागर और पूरा बुंदेलखंड पर्यटन की तरफ तेज़ी से मुड़ेगा। पर्यटन बढ़ने से इलाके की आर्थिक सेहत सुधरेगी, नए रोजगार बनेंगे, और स्थानीय लोगों को कमाई बढ़ाने का, एक बहुत बढ़िया पक्का जरिया मिल पाएगा, ऐसा समझिए।
युवाओं की ट्रेनिंग और विस्थापितों के मदद वाला प्लान
मुहली के लोगों के अच्छे मैनेजमेंट के लिए रहली विधायक गोपाल भार्गव ने कुछ जरूरी मांगें रखीं। उनका कहना था कि मुहली में एक गाइड ट्रेनिंग सेंटर खोला जाए, ताकि हमारे युवा अलग अलग भाषाएं सीखकर पर्यटकों को ठीक-ठीक सर्विस दे सकें। इसके अलावा जिन परिवारों को जंगल से विस्थापित किया गया है, उन्हें छोटे उद्योग शुरू करने के लिए सरकार से मदद मिलनी चाहिए, ताकि उनका जीवन भी आराम से चलता रहे।
अब मध्य प्रदेश में चीतों के 3 सुरक्षित ठिकाने
मध्य प्रदेश में चीतों की सुरक्षा को लेकर बात करें तो स्थिति सच में मजबूत मानी जा रही है। नौरादेही में ये सफल एंट्री हो जाने के बाद अब प्रदेश में चीतों के लिए 3 बहुत ही महफूज ठिकाने हो गए हैं। इनमें कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर अभयारण्य और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) शामिल हैं। इसे चीता पुनर्स्थापना योजना के मैनेजमेंट की बड़ी उपलब्धि भी माना जा रहा है, और हां… एक बड़ी कामयाबी तो है ही।
439 हेक्टेयर में निगरानी और हेल्थ चेकअप
चीतों की सेहत पर कोई समझौता न हो, इसके लिए वन विभाग ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। करीब 439 हेक्टेयर के एक विस्तृत और तय इलाके में सुरक्षा, निगरानी और रूटीन हेल्थ चेकअप का प्लान पक्का तरीके से लागू किया जाएगा। वन विभाग की टीम इसी 439 हेक्टेयर में चीतों की हर एक हलचल पर नजर रखेगी, ताकि किसी बीमारी का असर, या बाहरी खतरा उन्हें छू भी न पाए।



