अब नहीं होगा प्रदर्शन: जंतर-मंतर की जगह तीन मैदान, अनुमति और SOP का इंतजार
पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के 11 अक्टूबर के आदेश से जंतर-मंतर सूची से बाहर हुआ। जानें 2022 के पुराने ऑर्डर में क्या बदला।

दिल्ली में धरना-प्रदर्शन के लिए तीन नए मैदान तय हो गए हैं, लेकिन इंतजाम और अनुमति की पूरी प्रक्रिया अभी आनी बाकी है। पुलिस ने कहा है कि रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी होगी।
अभी क्या साफ है, क्या नहीं
जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं रहा। नए स्थलों पर कैसे अनुमति मिलेगी और क्या शर्तें होंगी, यह संशोधित SOP आने के बाद ही तय होगा। यह आदेश 11 अक्टूबर को जारी हुआ और 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक बदलाव करता है।
तीन मैदान, तीन इलाके
रामलीला मैदान मध्य दिल्ली में है, बुराड़ी मैदान उत्तर दिल्ली में और CBD ग्राउंड पूर्वी दिल्ली में। यानी राजधानी के तीन अलग हिस्सों में अब धरने की जगह तय की गई है।

समिति की भूमिका
आदेश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने नागरिकों के प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा तय स्थल की जगह दूसरे उचित स्थान देखने को समिति बनाई। उसकी सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर हटाया गया।
सुरक्षा और माहौल
रिपोर्ट्स के अनुसार CJP और विपक्षी नेताओं के जंतर-मंतर पर जुटने के आह्वान के बाद राजधानी में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। बीते महीनों के कई आंदोलनों से नई दिल्ली जिले का कामकाज भी प्रभावित हुआ था।
जंतर-मंतर का पुराना चलन
दशकों से यहां राजनीतिक दल, कर्मचारी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता धरना देते रहे हैं। संसद और केंद्रीय दफ्तरों के नजदीक होने से यह आंदोलनों का खास केंद्र था। नए स्थलों पर अनुमति, इंतजाम और नियमों के दिशा-निर्देश अब अहम होंगे।




