भारत-स्विट्जरलैंड के रिश्तों को नई मजबूती, PM मोदी-गाइ परमेलिन की बैठक में डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी पर बड़ा फोकस
PM मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन की नई दिल्ली में अहम बैठक हुई। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, साइंस-टेक्नोलॉजी, डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। TEPA की पहली वर्षगांठ और भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट भी बातचीत के अहम केंद्र रहे।

PM Modi-Guy Parmelin Meeting: भारत और स्विट्जरलैंड ने अपनी पुरानी साझेदारी को नए क्षेत्रों तक ले जाने की दिशा में अहम कदम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ परमेलिन से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, मोबिलिटी, डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
व्यापार से टेक्नोलॉजी तक सहयोग बढ़ाने पर जोर
बता दें, पीएम मोदी और गाइ परमेलिन ने भारत-स्विट्जरलैंड संबंधों की मौजूदा स्थिति के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की। दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को गति देने के साथ विज्ञान एवं तकनीक, इनोवेशन और मोबिलिटी के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में लोगों के बीच संपर्क मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और स्विट्जरलैंड के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी बात की।
PM मोदी ने TEPA को बताया अहम पड़ाव
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति गाइ परमेलिन का भारत में स्वागत करते हुए दोनों देशों के संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी EFTA के बीच लागू हुए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी TEPA को अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यूरोप के किसी आर्थिक समूह के साथ यह भारत का पहला FTA है। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि दोनों देशों ने मिलिट्री एक्सचेंज, डिफेंस प्रोडक्शन और रक्षा सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा की है।
डिफेंस में सहयोग का दायरा बढ़ेगा
भारत और स्विट्जरलैंड के संबंधों में रक्षा सहयोग अब एक अहम क्षेत्र बनकर उभर रहा है। बैठक में सैन्य आदान-प्रदान के साथ डिफेंस प्रोडक्शन और दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर बातचीत हुई। इससे भारत और स्विट्जरलैंड के द्विपक्षीय रिश्तों को रणनीतिक स्तर पर और मजबूती मिलने की संभावना है।
न्यूक्लियर एनर्जी पर भी बनी सहमति
बैठक में न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग को और आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी। ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट और साझेदारी के अवसर सामने आ सकते हैं।
TEPA से व्यापार को मिल रहा नया आधार
भारत-EFTA के बीच हुआ TEPA दोनों पक्षों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन रहा है। समझौते का उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना तथा दोनों पक्षों के कारोबार के लिए नए अवसर तैयार करना है। गाइ परमेलिन की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश इस समझौते से मिलने वाले अवसरों को व्यापक आर्थिक साझेदारी में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
कई मोर्चों पर साथ आगे बढ़ेंगे दोनों देश
PM मोदी और गाइ परमेलिन की बैठक से साफ है कि भारत और स्विट्जरलैंड की साझेदारी अब केवल कारोबार तक सीमित नहीं है। व्यापार और निवेश के साथ डिफेंस, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग का दायरा बढ़ाया जा रहा है। TEPA और भारत-EFTA समिट इस साझेदारी को नई गति देने वाले महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकते हैं






