Bhind News: भिंड जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी हजारों बीघा धान की फसल पूरी तरह जलमग्न होकर सड़ने लगी है। सबसे ज्यादा नुकसान जिले के गोहद, लहार, आलमपुर और दबोह इलाकों में हुआ है, जहां किसान अब प्रशासन से मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
गोहद तहसील, जिसे जिले का धान का कटोरा कहा जाता है, में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। यहां खेतों में पानी भरने से फसलें सड़ गई हैं। कृषि विभाग के एसडीओ रमेश भदौरिया के अनुसार, करीब 22 से 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की फसल बोई गई थी, जिनमें से अधिकांश खेत पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं।
गोहद एसडीएम राजन बी. नाडिया ने क्षेत्रीय राजस्व अमले को फसल क्षति का सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। सभी पटवारियों को अपने क्षेत्र से रिपोर्ट तैयार कर जल्द प्रस्तुत करने को कहा गया है। बारिश थमने के बाद सर्वे का काम शुरू किया जाएगा।
लगातार बारिश ने सिर्फ धान ही नहीं बल्कि सरसों की बुवाई पर भी असर डाला है। कई किसानों ने खाद और बीज खेतों में डाल दिए थे, लेकिन पानी भरने से सब खराब हो गया। किसान अब अगली फसल की तैयारी को लेकर चिंतित हैं।
बर्बाद फसल देखकर किसान निराश हैं और अब राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं। वे मांग कर रहे हैं कि नुकसान का उचित मुआवजा जल्द दिया जाए ताकि अगली फसल की तैयारी फिर से शुरू की जा सके।
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