Dhanteras 2025: दिवाली की शुरुआत से एक दिन पहले धनतेरस का पर्व 18 अक्टूबर, शनिवार को मनाया जाएगा। यह दिन धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर लोग सोना, चांदी, बर्तन और अन्य कीमती वस्तुएं खरीदते हैं, क्योंकि इसे लक्ष्मी जी की कृपा और शुभ निवेश का दिन माना जाता है।
सोना-चांदी खरीदने का शुभ अवसर
धनतेरस से एक दिन पहले यानी 17 अक्टूबर को सोने-चांदी के दामों में गिरावट आई है। चांदी में लगभग 4,000 रुपये प्रति किलो की कमी दर्ज की गई है। दिल्ली में चांदी का भाव 1,85,000 रुपये प्रति किलो है, जबकि चेन्नई में यह 2,03,000 रुपये प्रति किलो है। इस गिरावट को त्योहार से पहले खरीदारी का अच्छा मौका माना जा रहा है।
त्योहार से पहले खरीदारी का मौका
धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस के दिन समुद्र मंथन के समय भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। वे आयुर्वेद और स्वास्थ्य के देवता माने जाते हैं। इसी दिन देवी लक्ष्मी भी प्रकट हुई थीं। इसलिए इस दिन की खरीदारी को केवल आर्थिक लेन-देन नहीं, बल्कि देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करने का माध्यम माना जाता है।
सोना-चांदी खरीदने का समय
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदने का सबसे शुभ समय है। प्रदोष काल, शाम 5:48 बजे से रात 8:19 बजे तक। विशेष रूप से वृषभ लग्न का मुहूर्त शाम 7:15 बजे से 8:19 बजे तक है, जब लक्ष्मी पूजा और खरीदारी करने का फल अधिक शुभ माना जाता है।
साथ ही, सुबह के समय खरीदारी के लिए अमृत काल, सुबह 8:50 बजे से 10:33 बजे तक है। इस दौरान सोना, चांदी या अन्य कीमती वस्तुएं खरीदना लंबे समय तक समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।