Gwalior News: ग्वालियर की लश्कर कृषि उपज मंडी में हुए कथित एक लाख क्विंटल धान घोटाले के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट ने शासन से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी और याचिकाकर्ता को आनंद पर्वत पर 10 पौधे लगाने का निर्देश दिया।
जनहित याचिका पर कार्रवाई
यह कार्रवाई शिवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा दायर जनहित याचिका पर हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव भार्गव ने कोर्ट में दलील दी कि लश्कर मंडी में एक लाख क्विंटल धान का घोटाला हुआ, जिसमें से 32 हजार क्विंटल धान बरामद की जा चुकी है, जबकि शेष धान विभिन्न वेयरहाउस में रखा गया है। बरामद धान की नीलामी से प्राप्त 7 करोड़ रुपए कलेक्टर के नाम से जमा किए गए हैं।
किसानों को अब तक नहीं मिला भुगतान
याचिका में कहा गया कि यह राशि किसानों की है, लेकिन अब तक उन्हें भुगतान नहीं किया गया। कलेक्टर की सूची में 793 किसानों के नाम दर्ज हैं, जबकि लगभग 2000 किसानों ने मंडी में धान बेचा था। याचिका में सिंह ट्रेडर्स से जुड़े करीब 95 हजार क्विंटल धान के अन्य घोटाले का भी जिक्र किया गया। इस मामले में मंडी सचिव ने जनकगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भूपेंद्र धाकड़, कल्याण यादव और एक अन्य फर्म ने अक्टूबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच मंडी समिति लश्कर ग्वालियर में किसानों से धान खरीदा, लेकिन भुगतान नहीं किया। उधारी में खरीदी गई धान को वेयरहाउस में रखकर उस पर ऋण लिया गया। किसानों को भुगतान नहीं मिलने पर उन्होंने कलेक्टर से शिकायत की, जिसके बाद प्रशासन ने धान को सीज कर लिया।
READ MORE: मुरैना में हनुमान मंदिर के बाबा के साथ मारपीट, विवाद की वजह जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान…