Gwalior Tragedy: ग्वालियर के प्रीतम विहार कॉलोनी में सोमवार को कीटनाशक से निकली जहरीली गैस ने एक ही परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। जहरीली गैस से बीमार 13 वर्षीय छाया शर्मा ने मंगलवार सुबह रिम्स अस्पताल में दम तोड़ दिया। इससे पहले सोमवार को उसके 4 वर्षीय भाई वैभव की मौत हो चुकी है। माता-पिता की स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें न्यू जेएएच हॉस्पिटल में रेफर किया गया है।
घुन से बचाने के लिए रखा गया था सल्फास
घटना तब हुई जब मकान मालिक ने गेहूं को घुन से बचाने के लिए पोर्च में सल्फास से बने कीटनाशक का छिड़काव किया। इसके बाद घर के दरवाजे बंद कर सोने चले गए। उसी पोर्च के सामने निचली मंजिल पर किराए से रहने वाले सत्येंद्र शर्मा का परिवार इस जहरीली गैस की चपेट में आ गया।
मकान मालिक फरार (Gwalior Tragedy)
सोमवार दोपहर मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव नीचे उतरा तो तेज बदबू आ रही थी। दरवाजा खोलने पर उसने परिवार को बेहोश पाया । वहीं पड़ोसियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद से मकान मालिक फरार बताया जा रहा है।
मां-बाप की हालत गंभीर
परिवार के करीबी बताते हैं कि छाया अस्पताल में बार-बार होश आने पर माता-पिता और भाई के बारे में पूछती थी। सोमवार रात से उसकी हालत बिगड़ती गई। मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
मन्नतों के बाद मिला था बेटा
सत्येंद्र शर्मा भिंड जिले के मालनपुर टूडीला गांव के मूल निवासी हैं। ग्वालियर उद्योग क्षेत्र में फैक्ट्री में कार्यरत हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि पाँच बेटियों के बाद कई मंदिरों में मन्नतें मांगीं, तब वैभव का जन्म हुआ था। परिवार पहले ही दो बेटियों को खो चुका है।
मकान मालिक पर कार्रवाई की तैयारी
पुलिस मामले की जांच कर रही है और मकान मालिक श्रीकृष्ण यादव की तलाश जारी है। सल्फास जैसे खतरनाक रसायन का रहवासी इलाके में उपयोग गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।