MP 70th Foundation Day: भोपाल। मध्यप्रदेश के 70वें स्थापना दिवस समारोह अभ्युदय मध्यप्रदेश के दूसरे दिन शहर के लाल परेड ग्राउंड में सम्राट विक्रमादित्य की अमर गाथा मंचित की गई। भारतीय सांस्कृतिक वैभव, परंपरा और शौर्य की झलक दिखाती यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए भावनात्मक और प्रेरक अनुभव रही।
150 कलाकारों ने सजाया ऐतिहासिक मंचन
कार्यक्रम का निर्देशन संजीव मालवीय ने किया। पहली बार उज्जैन की विशाला सांस्कृतिक एवं लोकहित समिति के 150 कलाकारों ने इस भव्य नाटक को पेश किया। प्रस्तुति में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन, आदर्शों और पराक्रम को विस्तार से दिखाया गया।
घोड़े, ऊंट, हाथी और रथ के साथ भव्य दृश्य
नाटक में 22 घोड़े, दो ऊंट, एक हाथी, शाही पालकी, युद्ध दृश्य और धमाकेदार आतिशबाजी का उपयोग किया गया। मंचन का आकर्षण महाकाल की भस्म आरती थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने प्रस्तुति का आनंद लिया।
तीन स्टेज, LED सेटअप और विजुअल ग्राफिक्स
इस प्रस्तुति के लिए तीन अलग-अलग स्टेज तैयार किए गए थे। महाकाल मंदिर, आश्रम और जंगल के सीन को 20 फुट ऊंचे सेट के साथ दिखाया गया। हाई-टेक LED ग्राफिक्स वॉल ने हर दृश्य में जीवन भर दिया। युवा विक्रमादित्य का घोड़े पर सवार होकर दर्शकों के बीच प्रवेश सबसे रोमांचक क्षण रहा।
विक्रमादित्य की जन्मगाथा से विक्रम संवत तक सफर
दो घंटे की प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जन्म से लेकर राज्याभिषेक और विक्रम संवत की शुरुआत तक का सफर दिखाया गया। विक्रम सिंह चौहान ने सम्राट की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि वे नौ साल से यह किरदार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने निभाई थी भूमिका
प्रस्तुति में शंकर राव साठे ने राजा गर्दभिल्ला का किरदार निभाया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव 2007 से 2017 तक सम्राट विक्रमादित्य की भूमिका निभा चुके हैं। नाटक का दूसरा शो सोमवार को भी होगा।
हंसराज रघुवंशी का भक्ति संगीत कार्यक्रम
कार्यक्रम में भजन गायक हंसराज रघुवंशी और उनके चंडीगढ़ स्थित संगीत दल ने प्रस्तुति दी। भक्ति गीतों और लोक संगीत की धुनों ने दर्शकों को भावविभोर किया। अहिराई, गणगौर, बधाई और मटकी जैसे लोक नृत्य भी पेश किए गए।
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