MP Carbide Gun : भोपाल। मध्यप्रदेश में दिवाली के जश्न के दौरान कार्बाइड गन के इस्तेमाल ने खुशियों को मातम में बदल दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्थायी कार्बाइड गन से हुए हादसों में अब तक 14 बच्चों की आंखों की रोशनी चली गई है। वहीं, 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें कई के चेहरे और आंखों पर गहरी चोटें आई हैं।
राजधानी भोपाल में ही 8 से 14 साल के 60 से अधिक लोग कार्बाइड गन की चपेट में आए। पिछले तीन दिनों में हमीदिया अस्पताल में 25 बच्चों को भर्ती कराया गया है।
इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी ऐसे ही मामले
केवल भोपाल ही नहीं बल्कि इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में भी कार्बाइड गन से जुड़ी दुर्घटनाएं सामने आई हैं। डॉक्टरों ने इसे “खतरनाक ट्रेंड” बताते हुए चेतावनी दी है कि कार्बाइड गन को खिलौने या पटाखों के रूप में बच्चों के हाथों में देना जानलेवा हो सकता है।
प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने कार्बाइड गन के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि यह गन असल में किसानों द्वारा फसलों को बंदरों जैसे जानवरों से बचाने के लिए बनाई जाती है, लेकिन अब इसे पटाखों की तरह बेचा और इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक है।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए भोपाल पुलिस ने एमपी नगर, गांधी नगर और बाग सेवनिया इलाके की दुकानों पर छापेमारी की और करीब 60 से 65 कार्बाइड गन जब्त की हैं।
डॉक्टरों और प्रशासन की अपील
डॉक्टरों ने जनता से अपील की है कि कार्बाइड गन को मनोरंजन या उत्सव के साधन के रूप में न इस्तेमाल करें। वहीं प्रशासन ने चेतावनी दी है कि ऐसे उपकरणों की बिक्री और उपयोग पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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