MP Tiger Shifting: भोपाल | मध्यप्रदेश के जंगलों में स्वच्छंद रूप से विचरण कर रहे दस बाघों को ओडिशा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में स्थानांतरित (ट्रांसलोकेट) किया जाएगा। यह निर्णय हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्य प्राणी बोर्ड की 30वीं बैठक में लिया गया।
इस फैसले के बाद वन विभाग ने तीनों ही राज्यों को पत्र भेजकर टाइगर शिफ्टिंग की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यह कार्य राज्य के मुख्य वन संरक्षक (वाइल्ड लाइफ) शुभरंजन सेन की देखरेख में किया जा रहा है।
तीन राज्यों में भेजे जाएंगे 10 बाघ
- ओडिशा के देवरीगढ़ वन्य जीव अभयारण्य में 1 नर और 2 मादा बाघ भेजे जाएंगे।
- राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व में 3 मादा बाघ और मुकुंद्रा टाइगर रिजर्व में 1 मादा बाघ को भेजा जाएगा।
- छत्तीसगढ़ के लिए 2 नर और 1 मादा बाघ का स्थानांतरण किया जाएगा।
ये बाघ कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच टाइगर रिजर्व से चयनित किए गए हैं। प्रत्येक राज्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहां भेजे जा रहे बाघों के लिए उचित बाड़े, रेडियो कॉलर ट्रैकिंग, निगरानी और अनुकूल पर्यावरणीय व्यवस्थाएं उपलब्ध हों।
अन्य राज्यों से भी वन्य प्राणी लाने की योजना
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश से वन्य प्राणी देने के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी जैव विविधता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से असम से एक सींग वाला गेंडा लाने के लिए पहल करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि मध्यप्रदेश में पाई जाने वाली फ्लोरल और फॉनल डाइवर्सिटी (वनस्पति और जीव विविधता) की ब्रांडिंग की जाए और प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्रों एवं वहां के वन्य जीवों की देश-विदेश में व्यापक प्रचार-प्रसार हो।
जैव विविधता को बढ़ावा देना
इस टाइगर ट्रांसलोकेशन योजना का मुख्य उद्देश्य भारत के विभिन्न राज्यों में जैव विविधता को संतुलित करना, टाइगर पॉपुलेशन को बेहतर तरीके से फैलाना और प्राकृतिक वास क्षेत्रों का संतुलित विकास करना है।
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