Lalu Yadav Daughter Rohini Acharya Update: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद लालू यादव के परिवार में बड़ी खटपट सामने आई है। सिंगापुर में पिता लालू प्रसाद को किडनी दान कर चर्चा में आईं रोहिणी आचार्य ने शनिवार को एक चौंकाने वाला बयान दिया है।
उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह राजनीति छोड़ रही हैं और अपने परिवार से नाता भी समाप्त कर रही हैं। रोहिणी का दावा है कि संजय यादव और रमीज ने उन्हें ऐसा करने के लिए कहा था और वह पूरी जिम्मेदारी खुद ले रही हैं।
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हार का सामना कर चुकी है रोहिणी
रोहिणी का यह कदम ऐसे समय आया है जब आरजेडी चुनाव में बड़ी हार का सामना कर चुकी है। नतीजों में RJD को केवल 25 सीटें मिलीं जबकि 2020 में पार्टी ने 75 सीटें जीती थीं। तेज प्रताप यादव इस बार करीब 50 हजार वोटों से हार गए, जबकि तेजस्वी यादव अपनी सीट बचाने में सफल रहे।
कुछ महीने पहले परिवार में एक और बड़ा विवाद देखने को मिला था। इसी साल 25 मई को लालू प्रसाद ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था। तेज प्रताप ने इसके लिए भी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया था। कल आए नतीजों के बाद भी तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जयचंदों ने राजद को कमजोर किया है।
रोहिणी ने राजनीति छोड़ने की घोषणा से पहले पार्टी और परिवार के सभी सदस्यों को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया था। इससे परिवार में दरार की खबरें और तेज हो गईं।
विवाद की शुरुआत संजय यादव और तेजस्वी यादव के साथ देखी गई एक फोटो से मानी जा रही है। 18 सितंबर को रोहिणी ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें तेजस्वी यादव की गाड़ी की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे दिख रहे थे।
समर्थकों ने इस पर नाराजगी जताई थी क्योंकि लालू और तेजस्वी के अलावा किसी और को उस सीट पर बैठना पसंद नहीं किया जाता। रोहिणी ने इस पोस्ट को बिना कैप्शन शेयर किया था लेकिन अगले ही दिन उन्होंने सभी परिजन और पार्टी नेताओं को अनफॉलो कर दिया, जिसके बाद परिवार में मतभेद की अटकलें तेज हो गईं।
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