Shivpuri News: शिवपुरी। रन्नौद नगर में आरसीसी सड़क निर्माण के दौरान एक प्राचीन पाषाण मूर्ति मिलने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह वार्ड क्रमांक 7 में खुदाई चल रही थी। इसी दौरान श्रमिकों को मिट्टी के भीतर कलात्मक आकृति दिखाई दी। सावधानी से मिट्टी हटाने पर बारीक नक्काशी वाली एक पूरी मूर्ति सामने आई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मूर्ति की बनावट खजुराहो में दिखाई देने वाली प्राचीन मूर्तियों से काफी मेल खाती है। नक्काशी के पैटर्न और आकृति की संरचना देखकर ग्रामीणों ने इसे अत्यंत पुराने समय की धरोहर बताया।
संभावित कालखंड 10वीं से 11वीं शताब्दी
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह मूर्ति 10वीं या 11वीं शताब्दी की हो सकती है। बताया गया है कि रन्नौद नगर कभी विशाल दरवाजों और मजबूत सुरक्षा दीवारों से घिरा हुआ था। ऐसे में यह मूर्ति उसी ऐतिहासिक काल का हिस्सा हो सकती है।
पुरातत्व विभाग को सूचना
नगरीय प्रशासन ने मूर्ति मिलने की जानकारी पुरातत्व विभाग को भेज दी है। विभाग की टीम मूर्ति के कालखंड, शैली और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि के लिए जांच करेगी। स्थानीय लोगों ने नगर की ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने और पुराने दरवाजों की मरम्मत कराने की मांग भी की है।