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Pankaj Dheer Passed Away: नहीं रहे महाभारत के कर्ण, मूंछ की खातिर ठुकरा दिया था अर्जुन का किरदार…

Pankaj Dheer Passed Away

Pankaj Dheer Passed Away: टीवी इंडस्ट्री और बॉलीवुड से एक दुखद खबर सामने आई है। बीआर चोपड़ा के मशहूर टीवी शो महाभारत में कर्ण की अमर भूमिका निभाने वाले एक्टर पंकज धीर का निधन (Pankaj Dheer Passed Away) हो गया है। 68 वर्षीय पंकज धीर ने बुधवार को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। कर्ण के किरदार से जीता दिल (Pankaj Dheer Passed Away) 1988 में टेलीविजन पर प्रसारित हुए महाभारत ने पंकज धीर को वह पहचान दिलाई जो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। शो में उन्होंने कर्ण का किरदार निभाया था, जो उनकी सबसे यादगार भूमिका साबित हुई। दिलचस्प बात यह है कि शुरुआत में उन्हें अर्जुन की भूमिका ऑफर हुई थी, लेकिन मूंछें हटाने की शर्त पर उन्होंने वह किरदार ठुकरा दिया। बाद में उन्हें कर्ण का रोल मिला, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। 40 से ज्यादा फिल्मों और टीवी शोज में किया काम पंकज धीर ने अपने करियर की शुरुआत 1983 की फिल्म सुख से की थी। इसके बाद उन्होंने सौगंध, सनम बेवफा, सड़क और बादशाह जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। टेलीविजन पर उन्होंने चंद्रकांता, कानून, हरिश्चंद्र, युग और ससुराल सिमर का जैसे धारावाहिकों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं। फिल्म जगत में शोक की लहर (Pankaj Dheer Passed Away) पंकज धीर के निधन से मनोरंजन जगत में गहरा दुख है। फैंस सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। उनके बेटे निकितिन धीर भी बॉलीवुड में सक्रिय हैं और चेन्नई एक्सप्रेस जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। READ MORE: भिंड में आतिशबाजी बाजार पर प्रशासन सख्त, दुकानों के बीच आठ फीट की दूरी…

fireworks market in Bhind: भिंड में आतिशबाजी बाजार पर प्रशासन सख्त, दुकानों के बीच आठ फीट की दूरी…

Diwali 2025

fireworks market in Bhind: भिंड। दीपावली से पहले शहर का आतिशबाजी बाजार सजने लगा है, लेकिन इस बार प्रशासन ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मेला ग्राउंड में लगने वाले पटाखा बाजार के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की गई हैं। दुकानों के बीच कम से कम आठ फीट का फासला, हर स्टॉल पर रेत की बोरी, पानी की बाल्टी और फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा लाइसेंस की प्रति दुकान के बाहर लगाना और सुरक्षित बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा। तुरंत निरस्त होगा लाइसेंस (fireworks market in Bhind) एसडीएम अखिलेश शर्मा ने मेला ग्राउंड का औचक निरीक्षण कर दुकानदारों को साफ चेतावनी दी कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी केवल समझाइश दी जा रही है, लेकिन अगले निरीक्षण में नियमों का उल्लंघन करने वाले की दुकान तुरंत बंद कर दी जाएगी । लाइसेंस रद्द होगा। धूम्रपान पर रोक (fireworks market in Bhind) एसडीएम शर्मा ने दुकानदारों से कहा कि आतिशबाजी बेचने का कार्य अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए दुकानें एक-दूसरी से पर्याप्त दूरी पर लगें। आसपास धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दुकान में आग बुझाने की मूलभूत व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए, ताकि किसी भी आकस्मिक आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। रात में विशेष निगरानी (fireworks market in Bhind) प्रशासन ने रात के समय बाजार में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। फायर ब्रिगेड, पुलिस और राहत दल को हर समय अलर्ट रहने को कहा गया है। एसडीएम ने कहा कि “भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ज़रा सी चिंगारी भी हादसे में बदल सकती है, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।” निरीक्षण के दौरान राजस्व विभाग, पुलिस और नगरपालिका के अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार दीपावली का उत्सव सुरक्षित और नियमबद्ध माहौल में ही मनाया जाएगा। READ MORE : दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने इतने दिन के लिए दी इजाजत…

Delhi Firecracker Ban Update: दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने इतने दिन के लिए दी इजाजत…

Delhi Firecracker Ban Update

Delhi Firecracker Ban Update: नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में दिवाली से पहले ग्रीन पटाखे बेचने और फोड़ने की इजाजत दे दी है। हालांकि यह अनुमति सीमित अवधि और सख्त शर्तों के साथ दी गई है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को त्योहार मनाने की छूट है, लेकिन पर्यावरण की रक्षा भी उतनी ही जरूरी है। 18 से 21 अक्टूबर तक ही छूट (Delhi Firecracker Ban Update) सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि लोग केवल 18 से 21 अक्टूबर के बीच ग्रीन पटाखे जला सकेंगे। इसके लिए भी समय निर्धारित किया गया है — सुबह 6 से 7 बजे तक और रात 8 से 10 बजे तक। यानी दिन में कुल तीन घंटे ही ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। चीफ जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि त्योहारों की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन “पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” CJI ने कहा, “हमें संतुलित दृष्टिकोण अपनाना होगा…लोगों की परंपराएं भी बनी रहें और हवा की गुणवत्ता पर असर भी कम हो।” त्योहारों के लिए मांगी गई थी अनुमति (Delhi Firecracker Ban Update) सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र और दिल्ली-NCR के राज्यों की ओर से दलील देते हुए कहा कि दिवाली, गुरु पर्व और क्रिसमस जैसे त्योहारों पर ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति दी जानी चाहिए। कोर्ट ने इस पर 10 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब फैसला सुनाया गया है। क्या हैं ‘ग्रीन पटाखे’? ग्रीन पटाखे वे आतिशबाज़ी उत्पाद हैं जिनमें पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% तक कम प्रदूषणकारी रसायन होते हैं। इनमें सल्फर, नाइट्रेट और एल्यूमिनियम की मात्रा सीमित होती है ताकि धुआं और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रित रहे। READ MORE: 8 रुपए की लालच में बच्चों की जान लेने वाला डॉक्टर, Coldrif Cough Syrup पर 10% कमीशन का खुलासा…

8 रुपए की लालच में बच्चों की जान लेने वाला डॉक्टर, Coldrif Cough Syrup पर 10% कमीशन का खुलासा…

Coldrif Cough Syrup

Coldrif Cough Syrup: भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत के बहुचर्चित कफ सिरप कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी ने अदालत में स्वीकार किया है कि वह महज 8 रुपए के कमीशन के लालच में बच्चों को जहरीला कफ सिरपलिखता था। डॉक्टर ने बताया कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखने पर उसे 10% कमीशन मिलता था। दुकान से बिकता था जहरीला सिरप जांच में पता चला कि डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी और भतीजे के नाम से चल रहे मेडिकल स्टोर से वही दवाइयां बेची जा रही थीं। डॉक्टर अपने क्लीनिक में उन्हीं ब्रांड की दवाइयां पर्चे पर लिखता था, जिससे उसकी पत्नी की दुकान की बिक्री बढ़े और उसे कमीशन मिले। कोर्ट ने अब डॉक्टर प्रवीण सोनी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। 25 मासूमों की मौत  छिंदवाड़ा के परासिया सिविल अस्पताल में तैनात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रवीण सोनी ने निजी क्लीनिक में बच्चों को कफ सिरप की ऐसी दवाइयां दीं, जिनका सेवन करने के बाद मासूमों की हालत बिगड़ने लगी। बच्चों को तेज बुखार, उल्टियां और पेशाब में परेशानी जैसी दिक्कतें हुईं। उनकी किडनी पर गंभीर असर पड़ा और 25 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई।  बच्चों की जिंदगी से खेल मामले की जांच में यह साफ हुआ कि डॉक्टर महज कुछ रुपए के लालच में बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहा था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अब हत्या जैसी गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित मेडिकल स्टोर की लाइसेंस प्रक्रिया की भी जांच शुरू कर दी है।  READ MORE: प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को मिलेगा इतना किराया, किसानों को कई योजनाओं का लाभ

Virat Kohli की दरियादिली, ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐसा कर जीत लिया फैन्स का दिल…

Virat Kohli

Virat Kohli: भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना हो चुकी है, लेकिन रवाना होने से पहले टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में कोहली ने अपनी दरियादिली से फैन्स का दिल जीत लिया। दरअसल, दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में फैन्स अपने चहेते खिलाड़ियों की झलक पाने पहुंचे थे। इसी दौरान विराट कोहली ने बस में बैठे-बैठे एक फैन को अपना पोस्टर पकड़े देखा। उन्होंने तुरंत उस फैन से पोस्टर मांगा और उस पर ऑटोग्राफ कर दिया। कोहली का यह जेस्चर कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। कोहली की वापसी से उत्साहित फैन्स लंबे समय बाद विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में यूएई में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला था। अब उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 36 वर्षीय विराट कोहली और 38 वर्षीय रोहित शर्मा दोनों ही करीब छह महीने बाद वनडे फॉर्मेट में उतरने जा रहे हैं। इस सीरीज को दोनों सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य की दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगला वनडे वर्ल्ड कप अब से दो साल बाद होगा। वनडे सीरीज का कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 19 अक्टूबर को पर्थ में खेला जाएगा। दूसरा वनडे 23 अक्टूबर को एडिलेड और तीसरा व अंतिम वनडे 25 अक्टूबर को सिडनी में होगा। भारतीय टीम (ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए): शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उपकप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल। READ MORE : महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में टेका माथा…

MP News: पुलिस कमिश्नर के नाम से 70 फर्जी फेसबुक अकाउंट, मेवाती गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार, जानिए कैसे करते थे ठगी

MP News

MP News: भोपाल। मध्यप्रदेश में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन ठगी का नया तरीका अपनाया है। ठगों ने भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए करीब 70 फर्जी फेसबुक अकाउंट बना लिए थे। इन अकाउंट्स के जरिए वे लोगों को सस्ते फर्नीचर और घरेलू सामान दिलाने का झांसा देकर ठग रहे थे। पुलिस की जांच में अब तक ऐसे 68 फर्जी अकाउंट्स को ब्लॉक किया जा चुका है, जबकि दो पर कार्रवाई जारी है। आरोपियों का कहना है कि वे ₹1 लाख कीमत का फर्नीचर सिर्फ ₹10,000 में बेचने का दावा करते थे। कई लोगों ने सस्ते सौदों के लालच में ऑनलाइन पेमेंट कर दिया और फिर ठगों ने उन्हें ब्लॉक कर दिया। जबलपुर से मिला पहला सुराग मामले का खुलासा तब हुआ जब जबलपुर के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उसने फेसबुक पर पुलिस कमिश्नर के नाम से बने प्रोफाइल से फर्नीचर खरीदने की कोशिश की और ठगी का शिकार हो गया। शिकायत के बाद साइबर सेल ने जांच शुरू की। वहीं आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान के मेवाती गैंग का खुलासा जांच में पता चला कि इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे राजस्थान का कुख्यात मेवाती गैंग है। पुलिस ने इस गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों के तार यूपी, बिहार और हरियाणा से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्य अकाउंट ब्लॉक होने के बाद नए अकाउंट बनाकर ठगी जारी रखते थे। पुलिस की चेतावनी पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट या पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। उन्होंने कहा कि कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी संस्था फेसबुक या ऑनलाइन माध्यम से सामान नहीं बेचती। READ MORE: महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में टेका माथा…

ICC Women’s Cricket World Cup: महिला क्रिकेट टीम ने बाबा महाकाल के दरबार में टेका माथा…

ICC Women's Cricket World Cup

ICC Women’s Cricket World Cup: उज्जैन। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बुधवार तड़के उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर आगामी ICC वर्ल्ड कप में जीत की कामना की। टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में पूरी टीम ने भस्म आरती में भाग लिया और करीब दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर बाबा महाकाल की आरती व पूजन किया। टीम की सभी खिलाड़ी ( ICC Women’s Cricket World Cup) शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, जेमिमा रॉड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, पूजा वस्त्रकार, स्नेहा राणा, रेणुका सिंह ठाकुर, हरलीन देओल, राधा यादव, अमनजोत कौर, क्रांति गौर, रितिका रावल और श्री चरणी पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया। उन्हें प्रसाद स्वरूप उपहार भेंट किए। टीम ने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले बाबा महाकाल के दरबार में आकर उन्हें सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास मिला है। भस्म आरती के दौरान पूरा माहौल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। टीम अब वर्ल्ड कप अभियान से पहले अपने आखिरी चरण के अभ्यास में जुटेगी, जहां उसका लक्ष्य देश के लिए खिताब जीतना है।( ICC Women’s Cricket World Cup) READ MORE : जैसलमेर में कैसे जिंदा जले 20 लोग, दिल दहला देने वाली हादसे की कहानी…

Jaisalmer Bus Fire: जैसलमेर में कैसे जिंदा जले 20 लोग, दिल दहला देने वाली हादसे की कहानी…

Jaisalmer Bus Fire

Jaisalmer Bus Fire Reason: राजस्थान के जैसलमेर में मंगलवार को दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती एक बस में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।अंदर बैठे यात्रियों की चीखें सुनाई देने लगीं। इस भीषण हादसे में 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कैसे लगी आग? जांच में सामने आया कि बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। हादसे का शिकार बस के.के ट्रैवल्स की थी, जिसे पांच दिन पहले ही जोधपुर-जैसलमेर रूट पर चलाया गया था। खास बात यह रही कि यह बस सामान्य (नॉन-एसी) थी, जिसे बाद में एसी स्लीपर बस में कन्वर्ट किया गया था। बस पूरी तरह खचाखच भरी हुई थी, यहां तक कि गैलरी में भी यात्री बैठे थे। शॉर्ट सर्किट के बाद आग पीछे की यूनिट से शुरू होकर पूरे केबिन में फैल गई। क्यों नहीं बच सके यात्री? जांच में पता चला कि बस की बॉडी फाइबर की बनी थी।अंदर पर्दे व सीटें भी ज्वलनशील सामग्री की थीं। बस में सिर्फ एक ही गेट था, जो आग लगने के बाद लॉक हो गया। वायरिंग जल जाने से ऑटोमैटिक डोर सिस्टम फेल हो गया। संकीर्ण गैलरी और मजबूत शीशे के कारण कोई बाहर नहीं निकल सका। कुछ यात्रियों ने खिड़कियां तोड़ने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें विकराल रूप ले चुकी थीं। कैसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन? आग लगते ही सड़क किनारे मौजूद शराब ठेकेदार कस्तूर सिंह सबसे पहले मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि आग इतनी भीषण थी कि पास जाना मुश्किल था। उन्होंने पास के आर्मी एरिया से पानी का टैंकर लाकर आग बुझाने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में करीब 45 मिनट की देरी हुई। तब तक बस जलकर राख बन चुकी थी। सेना के जवानों ने जेसीबी मशीन से बस का गेट तोड़कर अंदर फंसे शवों को बाहर निकाला। क्या मिले लापरवाही के सबूत ? प्राथमिक जांच में यह बात साफ हुई कि बस में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ था। बिना अप्रूवल के नॉर्मल बस को एसी स्लीपर में बदला गया था। बस की बॉडी में फाइबर और अंदर ज्वलनशील सामग्री का उपयोग यात्रियों के लिए मौत का जाल बन गया। READ MORE: दीपावली से पहले सोने-चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड, जानकर हो जाएंगे आप हैरान