शिक्षा व्यवस्था की सेहत सुधारने की बड़ी पहल: एमपी में रखे जाएंगे 10 हजार नए शिक्षक, 700 खंडहर स्कूल बनेंगे नए
मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा के मैनेजमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए सरकार 10 हजार शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए जर्जर स्कूलों को नया रूप दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की 'सेहत' सुधारने और इसके मैनेजमेंट को दुरुस्त करने के लिए एक बेहद सकारात्मक पहल सामने आई है। मोहन यादव सरकार अब स्कूल शिक्षा विभाग के ढांचे को मजबूत करने के लिए करीब 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश मिलते ही विभाग ने स्कूलों में खाली पड़े पदों का पूरा ब्योरा जुटाने का अभियान शुरू कर दिया है। शिक्षा विभाग के बेहतर प्रबंधन के तहत, प्रमोशन और रिटायरमेंट के बाद रिक्त होने वाले पदों के सटीक आंकड़ों के आधार पर ही इस नई भर्ती प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।
मानव संसाधन का प्रबंधन: प्रमोशन और रिटायरमेंट का डेटा
स्कूल शिक्षा विभाग अपने मानव संसाधन (Human Resources) को बेहतर ढंग से मैनेज करने के लिए एक विस्तृत योजना पर काम कर रहा है। विभाग के अनुसार, शिक्षकों के प्रमोशन के साथ ही निचले स्तर के कई पद खाली हो जाएंगे। इसके साथ ही, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए मार्च 2027 तक रिटायर होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की भी एक पूरी सूची तैयार की जा रही है। इन दोनों प्रक्रियाओं से खाली होने वाले पदों का सटीक आंकड़ा सरकार के सामने प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद नई भर्ती का एक पारदर्शी प्रस्ताव तैयार होगा।
सीएम की मैनेजमेंट मीटिंग में हुई गहन समीक्षा
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और रिक्तियों के सही प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विशेष समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश के स्कूलों में खाली पदों की वर्तमान स्थिति की पूरी जानकारी ली। बैठक के दौरान इस बात पर सबसे ज्यादा फोकस रहा कि प्रमोशन और रिटायरमेंट से कितने पद खाली हो रहे हैं। सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि बिना किसी देरी के जल्द पूरा ब्योरा तैयार कर शासन को भेजें ताकि स्कूलों में पढ़ाई का नुकसान न हो।
बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों के रखरखाव का नया प्लान
शिक्षकों की कमी पूरी करने के साथ-साथ बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों के इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक, प्रदेशभर में शिक्षकों के खाली पदों की जानकारी तो जुटाई ही जा रही है, लेकिन इसके साथ सरकारी स्कूलों के रखरखाव और नए सुरक्षित भवनों के निर्माण की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए निर्माण कार्यों का सही एस्टीमेट तैयार करने और भरोसेमंद एजेंसियां तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
90 हजार स्कूलों का ऑडिट: 700 खंडहर स्कूलों से रेस्क्यू
स्कूली बच्चों को खतरे से बचाने (रेस्क्यू) के लिए शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग की रिपोर्ट बताती है कि मध्य प्रदेश में करीब 90 हजार सरकारी स्कूल हैं। जब इनका ऑडिट किया गया, तो पता चला कि इनमें से लगभग 700 स्कूलों की स्थिति बेहद खराब और खतरनाक है, जो बिल्कुल खंडहर जैसी हालत में पहुंच चुके हैं। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी जर्जर स्कूलों की जगह तुरंत नए और सुरक्षित भवन तैयार करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
