बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सेहत सुधारने के लिए नई पहल, आंगनवाड़ियों में शुरू हुआ नया THR आहार
राज्य में बच्चों और धात्री माताओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए नई टीएचआर व्यवस्था शुरू की गई है। अति गंभीर कुपोषित बच्चों की पोषण ट्रैकर से मॉनिटरिंग हो रही है और जरूरत पड़ने पर एनआरसी भेजा जा रहा है।
मध्य प्रदेश में शिशु और मातृ स्वास्थ्य दर को बेहतर करने के लिए आंगनवाड़ी स्तर पर पोषण आपूर्ति का नया मैनेजमेंट लागू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह से सभी केंद्रों पर नई टेक होम राशन (THR) सप्लाई शुरू कर दी है। इस पूरे हेल्थ इनिशिएटिव का मकसद बच्चों और माताओं में खून की कमी और पोषण के अभाव को दूर करना है।
हाइजीन और गुणवत्ता के लिए लोकल समूहों का सहयोग
स्वास्थ्य मानकों को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्व-सहायता समूहों के जरिए ही यह विशेष पोषण आहार तैयार करवाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने से राशन पूरी तरह ताजा और पौष्टिक रहता है। इससे राशन के भंडारण और वितरण में होने वाली देरी रुकती है और बच्चों को बिना किसी मिलावट के शुद्ध व जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर आहार नियमित रूप से मिल पाता है।
आयु वर्ग के हिसाब से तैयार की गई डाइट चार्ट
स्वास्थ्य प्रबंधन के तहत 3 से 6 साल के बच्चों को केंद्र पर प्रतिदिन पौष्टिक नाश्ता और ताजा गरम भोजन खिलाने की व्यवस्था है। वहीं 6 महीने से 3 साल तक के शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को मंगलवार के दिन केंद्र पर गरम पका खाना और बाकी दिनों के लिए टीएचआर पैकेट दिए जा रहे हैं, ताकि मां और बच्चे दोनों की इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।
कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग और पोषण ट्रैकर ट्रैकिंग
अति गंभीर रूप से कुपोषित (SAM) और अंडरवेट बच्चों की हेल्थ रिकवरी के लिए उन्हें एक्स्ट्रा टीएचआर दिया जा रहा है। सभी आंगनवाड़ियों में बच्चों का वजन, लंबाई और ऊंचाई नापकर पोषण ट्रैकर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर फौरन स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर बच्चों को नजदीकी पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में मेडिकल देखरेख के लिए भेजा जा रहा है।
विशेष जनजातीय क्षेत्रों में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से घिरे सहरिया, बैगा और भारिया जनजातीय बाहुल्य इलाकों में मेडिकल व न्यूट्रिशन मॉनिटरिंग और कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान के तहत 681 नए आंगनवाड़ी केंद्र शुरू किए गए हैं, ताकि पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के अंतिम छोर तक बैठे कुपोषित बच्चों और एनीमिक माताओं को समय पर पोषण और इलाज मिल सके।

