नेपाल बाढ़ रेस्क्यू: वायुसेना के विमान तैयार, 105 भारतीयों की तलाश में जुटी टीमें
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू और रिलीफ ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। 105 भारतीय सहित 400 से ज्यादा लोग लापता हैं। भारत अपनी वायुसेना के जरिए 30 टन राहत सामग्री भेज रहा है।
नेपाल में चीन सीमा के पास आई भीषण बाढ़ ने वहां के हेल्थ और रेस्क्यू मैनेजमेंट के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। बाढ़ के चलते सैकड़ों लोग लापता हैं और कई लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस हेल्थ और इमरजेंसी क्राइसिस के बीच भारत ने नेपाल को संकट से उबारने के लिए अपना हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से बात करके बाढ़ से हुई जनहानि पर दुख जताया और रेस्क्यू ऑपरेशन में हर संभव मदद देने का पूरा भरोसा दिया है।
पीएम मोदी ने लिया हालात का जायजा
आपातकालीन प्रबंधन के तहत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उन्होंने नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बातचीत की है। उन्होंने बाढ़ में हुई लोगों की मौत पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मोदी जी ने स्पष्ट किया कि इस भारी मेडिकल और रेस्क्यू संकट के समय में भारत के लोग नेपाल के साथ पूरी तरह खड़े हैं। उन्होंने वादा किया है कि राहत और बचाव कार्यों में भारत की तरफ से कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
IAF के विमानों से जाएगा 30 टन मेडिकल और रिलीफ सामान
भारत सरकार ने नेपाल में मेडिकल और राहत सामग्री भेजने की अपनी तैयारियां बहुत तेज कर दी हैं। रेस्क्यू मैनेजमेंट की जानकारी के मुताबिक, करीब 30 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जाएगी। इसके लिए भारतीय वायुसेना (IAF) के दो बड़े विमानों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। पहला विमान बुधवार को ही यह जरूरी सामग्री लेकर नेपाल के लिए उड़ान भरेगा, और दूसरा विमान गुरुवार को वहां राहत पहुंचाने जाएगा।
400 से ज्यादा लोगों के लिए सर्च ऑपरेशन जारी
नेपाल-चीन सीमा से लगे रसुवा जिले में इस अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। रेस्क्यू टीमों के मुताबिक अब तक 400 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है, जबकि 16 से ज्यादा लोगों के शव बरामद हो चुके हैं। इस बाढ़ से रसुवा के अलावा धादिंग और नुवाकोट जिले भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। वहां सड़क, पुल और बुनियादी मेडिकल सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं।
105 भारतीय और 37 NRI की तलाश में जुटी टीमें
इस नेपाल बाढ़ (Nepal Flood Rescue) का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि इसमें बहुत से भारतीय फंसे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, रसुवा में 384 यात्री लापता हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली हैं। इन विदेशियों में हमारे 105 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। इनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू मदद की अपील और भारत का एक्शन
इस भीषण बाढ़ के बाद नेपाल सरकार का रेस्क्यू मैनेजमेंट चरमरा गया है। उन्होंने भारत और चीन समेत कई देशों से फौरी मदद की अपील की है। भारत ने इस मेडिकल और रेस्क्यू संकट में तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए वायुसेना की मदद से राहत सामग्री भेजने का काम शुरू कर दिया है। विमानों के जरिए पीने का पानी, दवाइयां और टेंट जैसी चीजें प्रभावित इलाकों तक सीधे पहुंचाई जाएंगी।
प्रशासन के सामने रेस्क्यू की भारी चुनौती
फिलहाल, बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की जान बचाने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण प्रशासन के सामने उन्हें मलबे और पानी के बीच से सुरक्षित निकालने की एक बेहद भारी चुनौती है। भारत की ओर से भेजी जा रही इस 30 टन की राहत सामग्री से वहां के प्रभावित लोगों और मेडिकल टीमों को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
