MP NEWS : मध्यप्रदेश। पिछले दो वर्षों में मध्यप्रदेश में सड़क परिवहन व्यवस्था ने नई रफ्तार पकड़ी है। परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आम जनता को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जनवरी से सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का लाभ सीधे आम नागरिकों को मिलेगा, जिससे सफर और अधिक सुविधाजनक होगा।
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सूचना के मुताबिक परिवहन विभाग ने वाहन और सारथी पोर्टल के माध्यम से कई सेवाएं ऑनलाइन की हैं। अब ई-ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे दस्तावेज डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेंगे। साथ ही एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को सुविधा केंद्र के रूप में मान्यता देकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाई गई है।
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बसों के परमिट के लिए परिवहन प्राधिकार का गठन किया गया है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक वाहनों पर टैक्स में पूरी छूट दी जा रही है। पुराने वाहनों को स्क्रैप कराने पर भी टैक्स में राहत मिल रही है। इसके साथ ही ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सतना, सिंगरौली, उज्जैन और देवास में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं, जिससे वाहन जांच व्यवस्था और अधिक पारदर्शी बनी है
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रीवा में ट्रक ड्राइवर और दलाल के वायरल वीडियो पर क्या बोले परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह
रीवा में ट्रक ड्राइवर और दलाल के वायरल वीडियो को लेकर परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि अवैध वसूली को परिवहन विभाग कभी भी प्रोत्साहित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई शिकायत सामने आती है, उसकी जांच स्थानीय कलेक्टर और एसपी के माध्यम से कराई जाती है और पिछले दो वर्षों में करीब 6 फीसदी कर्मचारियों पर कार्रवाई भी की गई है। मंत्री ने यह भी कहा कि कई बार विभाग पर दबाव बनाने के उद्देश्य से वीडियो बनाए जाते हैं, लेकिन परिवहन विभाग ऐसे किसी दबाव में नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में चेकपोस्ट बंद कर दिए गए हैं, हालांकि चलित चेकिंग की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। आरटीओ दफ्तरों में दलालों की सक्रियता के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विभाग ने अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी हैं, कुछ आधिकारिक संस्थाएं भी कार्य कर रही हैं, लेकिन कई बार लोग जल्दबाजी में स्वयं दलालों की मदद ले लेते हैं।