CM MOHAN YADAV STATEMENT: किसानों को मुफ्त हेलमेट बाटेंगे CM, उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का एलान

CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 134वां संस्करण सुनने के बाद किसानों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की सुरक्षा और आय बढ़ाने को लेकर कई जरुरी घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई योजनाएं लागू की जा रही हैं। 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव शहर आने वाले किसानों को मिलेंगे हेलमेट मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गांवों से शहरों में दूध, फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद बेचने आने वाले किसानों को मुफ्त हेलमेट उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान मोटरसाइकिल के माध्यम से अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाते हैं, लेकिन हेलमेट का उपयोग नहीं करने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है, इसके चलते किसानों की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया गया है। उड़द पर मिले 600 रूपए बोनस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए उड़द की फसल पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इसके लिए किसानों का पंजीयन शुरू हो चुका है और जल्द ही खरीदी प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाएगी। भारत-ओमान ट्रेड डील से किसानों और व्यापारियों को बड़ा फायदा, गोयल का बयान गेहूं खरीदी में बना नया रिकॉर्ड मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश सरकार ने 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से एक करोड़ मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा है। लगभग 14 लाख किसानों से हुई यह खरीदी देश में सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। दाल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में दाल उत्पादन पर ज़्यादा फोकस किया जा रहा है, मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार दाल प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है।
BJP vs Congress MP: जीतू पटवारी पर बीजेपी का पलटवार, ‘मुंगेरीलाल’ कहकर साधा निशाना

HIGHLIGHTS: बीजेपी का पटवारी पर तीखा हमला ‘मुंगेरीलाल’ बयान से बढ़ा विवाद पुराने बयानों पर BJP का पलटवार CM टिप्पणी पर गरमाई सियासत बीजेपी-कांग्रेस में जुबानी जंग तेज BJP vs Congress MP: भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवादों में आ गई है, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। बीजेपी के प्रदेश सोशल मीडिया संयोजक सुयश त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर पटवारी को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता को ‘मुंगेरीलाल’ कहकर संबोधित किया और उनके पुराने बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों पर सवाल उठाए हैं। 1 जून से बदलेंगे कई नियम, यूपीआई-ATM और टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी सियासी गर्मी सुयश त्यागी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जीतू पटवारी को अब राजनीतिक मर्यादा की याद आ रही है, जबकि पहले उन्होंने कई नेताओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों के लिए विवादित टिप्पणियां की थीं। बीजेपी नेता ने लिखा – जब 2018 के किसान आंदोलन में किसानों को ‘अरे आई जाओ रे तमारी जीजी की तमारी’ कह कर बुलाया था तब गरिमा याद नहीं आई? बीजेपी नेता ने लिखा -पूर्व मंत्री इमरती देवी को जब कहा था कि ‘अब इमरती देवी में वो रस नही बचा ‘ तब ये आंसू कहाँ थे ? बीजेपी नेता ने लिखा -तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जब कमलनाथ के पैरों की धूल कहा तब तो रोना नही आया न जीतू भैया ? बीजेपी नेता ने कई प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर पटवारी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। मई में ऑटो सेक्टर की रफ्तार तेज, हुंडई और महिंद्रा ने दर्ज की मजबूत बिक्री वृद्धि मुख्यमंत्री पर टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद दरअसल यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर टिपणी की थी। पटवारी ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री ने उनके लिए “रद्दी” और “दो कौड़ी का” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विपक्षी नेता के लिए ऐसी भाषा का उपयोग किया जाता है तो यह मर्यादा नहीं है। जीतू पटवारी – मैं कभी CM के लिए अमर्यादित भाषा नहीं बोलूंगा विवाद के बीच जीतू पटवारी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के लिए कभी भी अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे। वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस को पहले अपने नेताओं के पुराने बयानों पर आत्मचिंतन करना चाहिए। फिलहाल दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने प्रदेश की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी टकराव और बढ़ सकता है। मुंगेरीलाल को रोना आ गया , आये भी क्यों ना,इस बार जवाब उसी भाषा मे मिला जिस भाषा में मुंगेरीलाल को जवाब चाहिए था। प्रदेश अध्यक्ष को गरिमा का तब याद नहीं आया जब उन्होंने ‘ ख़ुद की पार्टी को तेल लेने भेज दिया था ‘ तब गरिमा नही तार तार हुई थी क्या जब 2018 के किसान आंदोलन में… https://t.co/j7VVszlpAY — Suyash Tyagi (@SuyashTyagiBJP) June 1, 2026
CM MOHAN YADAV STATEMENT: बहनों के तलाक रोकने के लिए जरूरी है UCC; सीएम बोले-एमपी में लागू होगी समान नागरिक संहिता

HIGHLIGHTS: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एलान मध्यप्रदेश में लागू होगी समान नागरिक संहिता विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से लेंगे सुझाव महिलाओं को मिलेगा अधिक संरक्षण विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन CM MOHAN YADAV STATEMENT: मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जल्द ही इस दिशा में बड़ा कदम उठाएगी। इसके लिए गठित समिति विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। साथ ही सरकार ने सुझावों के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है, जहां नागरिक अपने विचार दर्ज कर सकते हैं। क्या है समान नागरिक संहिता का उद्देश्य? भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम अलग-अलग धार्मिक व्यवस्थाओं के अनुसार संचालित होते हैं। ऐसे में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता लागू करने निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर जल्दबाजी में नहीं है, बल्कि व्यापक विचार-विमर्श और सभी वर्गों की राय लेकर आगे बढ़ रही है। शुभेंदु अधिकारी सरकार का बड़ा कदम: मंत्रिमंडल विस्तार से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत महिलाओं के लिए आवश्यक मुख्यमंत्री ने कहा कि विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े मामलों में UCC महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया तलाक जैसे मामलों में महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कानून मददगार साबित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बहनों को न्याय दिलाने और पारिवारिक विवादों में समानता लाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों की समिति कर रही अध्ययन डॉ. मोहन यादव ने बताया कि UCC के अध्ययन और सुझावों के लिए गठित समिति में सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के जानकार लोगों को शामिल किया गया है। समिति समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद कर उनसे सुझाव मांगेगी, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे मधुर भंडारकर और जय भानुशाली, भक्ति में डूबे नजर आए सितारे अन्य राज्यों के मॉडल का भी अध्ययन मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों ने समान नागरिक संहिता की दिशा में पहल की है। मध्य प्रदेश भी इन राज्यों के अनुभवों और विभिन्न कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश UCC लागू करने के लिए सबसे उपयुक्त राज्यों में से एक है। जनता से सुझाव देने की अपील मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा शुरू की गई वेबसाइट के माध्यम से अपने सुझाव अवश्य दें। उन्होंने कहा कि सरकार जनभागीदारी के साथ इस महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेना चाहती है, ताकि समाज के सभी वर्गों की भावनाओं का ध्यान रखा जा सके। ईरान-डील विवाद के बीच ट्रंप का सख्त रुख: डेमोक्रेट्स पर निशाना, कहा- बातचीत में बाधा डालना बंद करें तेजी से आगे बढ़ रही प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर सरकार गंभीरता से काम कर रही है। सुझावों और अध्ययन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा। उनका कहना है कि UCC प्रदेश में समानता, न्याय और महिला सशक्तिकरण को नई मजबूती देगा। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सरकार जनहित, सुशासन और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।#UCC के संबंध में अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्चस्तरीय… pic.twitter.com/mWmITXP8QK — Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 1, 2026
BJP MLA PANNALAL CONTROVERSY: अपनी ही पार्टी के मंत्रियों को घेरना पड़ा भरी; भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य की बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

BJP MLA PANNALAL CONTROVERSY: गुना। गुना में बिजली कटौती को लेकर अपनी ही सरकार के मंत्रियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने वाले भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य अब बड़ी परेशानी में पड़ने वाले हैं। उनके इस बर्ताव के चलते वह पार्टी संगठन के निशाने पर आ गए हैं। उनके बयानों को लेकर भाजपा ने सख्त रुख अपनाया है और मामले की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। ऐसे में विधायक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। दरअसल गुना में लगातार हो रही बिजली कटौती और बिजली व्यवस्था को लेकर भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने हाल ही में अपनी ही सरकार के दो मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर खुलकर निशाना साधा था। सीएम के तीखे हमले के बाद कांग्रेस आक्रामक, पटवारी ने कहा- घृणा का जवाब घृणा नहीं पार्टी अनुशासन के खिलाफ बयानबाजी स्वीकार नहीं भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार ने विधायक के बयानों को पार्टी अनुशासन के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या पदाधिकारी को सार्वजनिक रूप से अपनी ही सरकार पर टिप्पणी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को कोई शिकायत है तो उसके लिए पार्टी के भीतर उचित व्यवस्था मौजूद है। अपनी ही सरकार के मंत्रियों को नाकारा बताना उचित नहीं है और संगठन इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। महंगी हुई रसोई की आग: भोपाल में ₹3116 और ग्वालियर में ₹3338 पहुंचा कमर्शियल LPG सिलेंडर आप नेता ममता मीना ने किया समर्थन इसी बीच आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व विधायक ममता मीना पन्नालाल शाक्य के समर्थन में सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि विधायक ने जनता और किसानों की समस्याओं को उठाने का काम किया है। प्रदेश में भीषण गर्मी के दौरान लंबे समय तक बिजली कटौती हो रही है और ऐसे में जनप्रतिनिधियों का जनता की आवाज बनना जरुरी है। ममता मीना ने ऊर्जा मंत्री की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा की खंबे पर चढ़ना और नालियों में उतरना केवल एक दिखावा है। साथ ही उन्होंने भाजपा के भीतर नई भाजपा बनाम पुरानी भाजपा की बहस को भी हवा दी। उनका आरोप है कि पार्टी के पुराने और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं और उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
GWALIOR DEVELOPMENT PROJECTS: ग्वालियर में 4.14 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन आज, ऊर्जा मंत्री करेंगे विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ

HIGHLIGHTS: 4.14 करोड़ के विकास कार्य नई सीवर लाइन का शुभारंभ रामेश्वरी नगर में सड़क निर्माण लक्ष्मण तलैया में सीसी रोड बहोड़ापुर में सीवर परियोजना शुरू GWALIOR DEVELOPMENT PROJECTS: मध्यप्रदेश। ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर 1 जून को ग्वालियर में करीब 4.14 करोड़ रुपए की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। साथ ही वह राज्य सरकार की जनकल्याण योजना और विकास कार्यों को लेकर वार्ड 1 में लोगों से संवाद करेंगे। ऊर्जा मंत्री बिरला नगर स्थित 50 क्वार्टर, जेसी मिल में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। जेसी मिल गेट से चार शहर का नाका तक 2 करोड़ रुपये की लागत से बने नई सीवर लाइन परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। इसके पश्चात वार्ड क्रमांक-8 के रामेश्वरी नगर में 30 लाख रुपये की लागत से बनने वाली सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया जायेगा। ऐप्पल को मिलेगी कड़ी टक्कर, मेटा अगले साल शुरू करेगी AI Pendant की टेस्टिंग, वियरेबल टेक्नोलॉजी में बढ़ेगा मुकाबला विभिन्न योनाओं का होगा शुभारंभ दोपहर 12 बजे ऊर्जा मंत्री लक्ष्मण तलैया क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस अवसर पर डोंगरपुर उपाध्याय सदन से हनुमान मंदिर तक विभिन्न गलियों में 24 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। कार्यक्रम फोर्ट व्यू स्कूल के सामने स्थित मैदान में आयोजित होगा। शाम 5 बजे बहोड़ापुर स्थित संत कृपाल सिंह आश्रम तिराहे पर आयोजित समारोह में मंत्री तोमर 1.60 करोड़ रुपये की लागत से संत कृपाल सिंह आश्रम से बहोड़ापुर तक रोड डिवाइडर के दोनों ओर नई सीवर लाइन निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे। इस परियोजना से क्षेत्र की सीवरेज व्यवस्था अच्चछी और व्यवस्थित होगी । AI के दम पर बनाएं प्रोफेशनल वीडियो, घर बैठे शुरू करें YouTube चैनल और कमाई का नया रास्ता स्थानीय नागरिकों से करेंगे संवाद दिनभर के कार्यक्रमों के बाद ऊर्जा मंत्री शाम 7:30 बजे वार्ड क्रमांक-1 का दौरा करेंगे। इस दौरान वे बजरंग कॉलोनी, गुप्तेश्वर कॉलोनी और होतम सिंह का पुरा क्षेत्र में पहुंचकर विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। साथ ही स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं जानेंगे।
GUNA BJP MLA: BJP विधायक का अपनी ही सरकार पर हमला, बोले- दिखावे से नहीं काम से चलेगी सरकार

HIGHLIGHTS: भाजपा विधायक का अपनी ही सरकार पर हमला ऊर्जा मंत्री को बताया नाकारा प्रभारी मंत्री पर भी लगाए आरोप बिजली कटौती को लेकर अधिकारियों का घेराव CM से मंत्री हटाने की मांग की बात GUNA BJP MLA: मध्यप्रदेश। गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने बिजली कटौती और खराब व्यवस्थाओं को लेकर अपनी ही सरकार के मंत्रियों पर तीखा हमला बोला है। स्थानीय लोगों की शिकायतों के साथ बिजली कंपनी के दफ्तर पहुंचे विधायक ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। पीएम मोदी से मुलाकात समेत कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे म्यांमार राष्ट्रपति, व्यापार सहयोग पर रहेगा जोर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह पर साधा निशाना विधायक शाक्य ने ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को दिखावा नहीं, काम चाहिए। पन्नालाल शाक्य – यहां मंत्री कभी बिजली के खंभे पर चढ़ते हैं तो कभी नालियों में उतरते दिखाई देते हैं। लेकिन इससे समस्याओं का समाधान नहीं होता। पन्नालाल शाक्य – कोई इनको बताओ की सरकार दिखावा नहीं बल्कि काम चाहती है पन्नालाल शाक्य – मुख्यमंत्री से मिलकर ऐसे “नाकारा” मंत्री को हटाने का अनुरोध करेंगे जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं। 200MP कैमरा और अगली पीढ़ी का प्रोसेसर, OnePlus 16 को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी प्रभारी मंत्री पर भी जताई नाराजगी पन्नालाल शाक्य ने जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभारी मंत्री खुद को “महाराजा” ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी बड़ा समझते हैं। विधायक ने दावा किया कि एक कार्यक्रम के दौरान हवाई पट्टी पर उन्हें धक्का देकर किनारे किया गया था, जिससे वे आहत हुए। शाक्य ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा। पन्नालाल शाक्य – हवाई पट्टी कार्यक्रम के दौरान पर प्रभारी मंत्री ने मुझे “चलो हटो” कहकर किनारे कर दिया था। पन्नालाल शाक्य – मैं किसी कि मेहरबानी से नहीं जीता हूँ, बल्कि लोगों ने मुझे वोट देकर चुना है। सरकारी नौकरी अलर्ट: DRDO-RAC ने निकाली साइंटिस्ट भर्ती, 19 जून तक करें आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया अधिकारियों को दी चेतावनी विधायक ने कहा कि बिजली व्यवस्था की खामियों के कारण सरकार की बदनामी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। शाक्य ने साफ कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे हैं, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
CM MOHAN YADAV KATRA VISIT: CM मोहन यादव बोले- महाकाल और भोजशाला में लागू करेंगे वैष्णो देवी जैसा मॉडल

CM MOHAN YADAV KATRA VISIT: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जम्मू-कश्मीर के कटरा पहुंचे, जहां उन्होंने माता वैष्णो देवी के दर्शन किए और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अधिकारीयों द्वारा वैष्णो देवी मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। MP HIGH COURT ACTION: कागजों में दो बार किया रिटायर, कोर्ट पहुंचा चौकीदार तो खुली विभाग की पोल महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला पर रहेगा फोकस मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर, ओंकारेश्वर देवस्थान और धार की भोजशाला में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहतर प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है। हाल ही में भोजशाला को मां वाग्देवी मंदिर की मान्यता मिलने के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण और सुविधाओं को मजबूत करने पर सरकार का विशेष ध्यान है । MP INDUSTRIAL HUB: CM मोहन यादव के विजन से मध्यप्रदेश बना इंडस्ट्रियल हब, 48 नए औद्योगिक पार्क बनाने पर फोकस श्राइन बोर्ड की भीड़ प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन कटरा दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की भीड़ प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और डिजिटल प्रबंधन मॉडल का अध्ययन कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका उद्देश्य यह समझना है कि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन कैसे करवाया जाए। आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार चाहती है कि महाकाल, ओंकारेश्वर और भोजशाला देश के सबसे व्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक स्थलों में शामिल हों।
MP INDUSTRIAL HUB: CM मोहन यादव के विजन से मध्यप्रदेश बना इंडस्ट्रियल हब, 48 नए औद्योगिक पार्क बनाने पर फोकस

HIGHLIGHTS: निवेश का नया केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश 48 औद्योगिक पार्कों से बदलेगी मध्यप्रदेश की तस्वीर PM MITRA पार्क समेत बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा रोजगार उद्योगों के लिए तैयार हो रहा मध्यप्रदेश का नया मॉडल औद्योगिक विकास की राह पर तेज दौड़ता मध्यप्रदेश MP INDUSTRIAL HUB: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिल रही है। प्रदेश में बड़े निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 19,300 एकड़ भूमि पर 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सरकार का मन्ना है कि आने वाले समय में यह पार्क निवेशकों के लिए बड़े केंद्र बनेंगे।इसका सबसे बड़ा उद्देश्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में शामिल करना है। विदिशा में जनता परेशान, सरकारी दफ्तरों में चल रहे एसी और पंखे बिना कामकाज धार में बन रहा PM MITRA पार्क इस कड़ी में मध्यप्रदेश के धार जिले में पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क बनाया जा रहा है जिसे सबसे अहम मन जा रहा है। यह पार्क वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बनाया जा रहा है। इससे टेक्सटाइल क्षेत्र में नए निवेश आने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है। आंधी-बारिश के असर से विदिशा का मौसम सुहाना, तापमान में आई गिरावट उज्जैन में डिवाइस और मुरैना में लेदर फुटवियर पार्क उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क और मुरैना में मेगा लेदर फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क से स्वास्थ्य उपकरण निर्माण को बढ़ावा मिलेगा, जबकि फुटवियर क्लस्टर जूता उद्योग के विकास में मदद करेगा। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार दोनों बढ़ सकते हैं। सतना–मैहर में 12 लाख क्विंटल गेहूं खुले में, बारिश से खतरे की आशंका बढ़ी ऊर्जा क्षेत्र पर भी फोकस नर्मदापुरम में नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश निवेश और उद्योग के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल हो सकता है।
MP HIGH COURT ACTION: कागजों में दो बार किया रिटायर, कोर्ट पहुंचा चौकीदार तो खुली विभाग की पोल

HIGHLIGHTS: दो बार रिटायर किया, हाईकोर्ट ने लौटाई नौकरी कागजों में बूढ़ा बना दिया, कोर्ट ने दिया इंसाफ वन विभाग की मनमानी पर हाईकोर्ट सख्त मेडिकल रिपोर्ट ठुकराना पड़ा भारी चौकीदार को 2029 तक नौकरी का अधिकार MP HIGH COURT ACTION: मध्यप्रदेश। ग्वालियर हाई कोर्ट ने वन विभाग के एक फैसले को गलत बताते हुए कार्रवाई उसपर की है। बता दें कि दतिया वन विभाग के चौकीदार साहब सिंह ठाकुर को विभाग ने बूढ़ा बता कर कागजों में दो बार रिटायर कर दिया। पहले 2017 में और फिर 2018 में उन्हें सेवानिवृत्त करने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद मामला ग्वालियर हाईकोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने दोनों आदेशों को निरस्त कर दिया। लाखों में अलग पहचान चाहिए तो अपनाएं चाणक्य की ये सीख, शब्दों से लेकर आत्मविश्वास तक सब पर दिया जोर मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नहीं मानी सूचना कि मने तो साहब सिंह की उम्र का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं था। ऐसे में वर्ष 2017 में जिला मेडिकल बोर्ड से उनका आयु परीक्षण कराया गया। मेडिकल बोर्ड ने उनकी उम्र 50 वर्ष निर्धारित की, जिसके अनुसार उनकी सेवानिवृत्ति वर्ष 2029 में होनी चाहिए थी। लेकिन इसके बावजूद भी विभाग ने उनकी उम्र ज्यादा मानकर रिटायरमेंट का आदेश जारी कर दिया। आईपीएल 2026: रिकॉर्ड रन बरसात के बीच रबाडा का जलवा, गेंदबाजों में नंबर-1 बने हाईकोर्ट ने लगाई फटकार पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट ने कहा कि जब विभाग ने खुद मेडिकल बोर्ड से जांच कराई थी तो उसकी रिपोर्ट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने विभाग के दोनों आदेश रद्द करते हुए साहब सिंह को अप्रैल 2029 तक नौकरी पर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। ‘FWICE कोई अदालत नहीं’, रणवीर सिंह विवाद पर भड़के राम गोपाल वर्मा, इंडस्ट्री पॉलिटिक्स पर साधा निशाना साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्मचारी को सभी लंबित वेतन, एरियर और अन्य सेवा लाभ दिए जाएं। इस फैसले को विभागीय मनमानी पर हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी माना जा रहा है।
GWALIOR MISSING GIRL CASE: 5 दिन बाद मिला लापता छात्रा का शव, सौतेले बाप ने दफनाया शव; सामने आए चौकाने वाले खुलासे?

HIGHLIGHTS: 12 वर्षीय छात्रा 25 मई से लापता थी भिंड में सिंध नदी किनारे मिला शव सौतेले पिता ने आत्महत्या का दावा किया पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच कर रही मां और सौतेले पिता से पूछताछ जारी GWALIOR MISSING GIRL CASE: ग्वालियर। पांच दिन पहले घर से लापता हुई 12 साल की बच्ची की तालाश पुलिस कर रही थी और फिर सामने आया एक ऐसा सच जिसने पूरे मामले को रहस्य में बदल दिया। ग्वालियर के सिरोल इलाके से गायब हुई छात्रा का शव भिंड जिले के मौ क्षेत्र की सिंध नदी के किनारे मिला, शव की हालत बेहद खराब थी। इंदौर के छावनी क्षेत्र में तोड़फोड़ के खिलाफ विरोध तेज, ‘न्याय रैली’ आज सौतेले पिता के बयान से बढ़ा शक मामले में नया मोड़ तब आया जब बच्ची के सौतेले पिता ने दावा किया कि 24 मई को उसने बच्ची ने घर में फांसी लगा ली थी। जिसके बाद पिता बदनामी और पुलिस के डर से वह शव को भिंड ले गया और नदी किनारे दफना दिया। हालांकि पुलिस को उसकी बात पर अभी भी संदेह है, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से ही उसके बयानों में कई सवाल खड़े हो रहे थे। भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला हर एंगल से जांच कर रही पुलिस 29 मई की रात शव बरामद होने के बाद पुलिस ने बच्ची की मां और सौतेले पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को सिर्फ आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा सकता है। पुलिस का है कि हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद वास्तव में क्या हुआ था। भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। शव की स्थिति खराब होने के कारण मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की गुत्थी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बच्ची की मौत की असली वजह क्या थी और सौतेले पिता का दावा कितना सच है।