MP ILLEGAL MINING : सुप्रीम कोर्ट की सख्ती! मुरैना में रेत माफिया ने पुल की नींव खोद डाली, वनरक्षक की हत्या पर MP सरकार को फटकार

HIGHLGHTS: • सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार को अवैध खनन रोकने में फेल बताया • चंबल नदी पुल की नींव तक 15 फीट खुदाई, संरचना खतरे में • वनरक्षक हरकेश गुर्जर की ट्रेक्टर से कुचलकर हत्या • कोर्ट बोला- या तो सरकार नाकाम या अधिकारियों की मिलीभगत • 17 अप्रैल को फैसला, जांच रिपोर्ट मांगी\ MP ILLEGAL MINING : ग्वालियर। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर अवैध खनन रोकने में पूरी तरह विफल होने का आरोप लगाया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मुरैना के मामले में राज्य सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए। दवाइयों की खोज में AI का बढ़ता दखल, एक्सपर्ट्स ने बताया गेमचेंजर पुल की नींव तक खुदाई का खतरा मुरैना के राजघाट क्षेत्र में स्थित नेशनल हाईवे-44 चंबल पुल के पिलरों की नींव तक रेत माफिया द्वारा 15 फीट गहरी खुदाई की गई है। कोर्ट ने पूछा यदि पुल गिर गया तो जिम्मेदारी किसकी होगी। विवाद के बीच AIFF ने दी सफाई, खेल भावना बनाए रखने की अपील वनरक्षक की क्रूर हत्या 8 अप्रैल को वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को रेत माफिया ने ट्रेक्टर से कुचलकर मार डाला। कोर्ट ने इस हत्याकांड को बेहद गंभीर बताया और पूछा कि प्रशासन को अवैध खनन दिखाई नहीं देता क्या? खनन क्षेत्र को राहत: लो-ग्रेड आयरन ओर के इस्तेमाल पर नए नियम लागू मिलीभगत का आशंका जताया कोर्ट ने साफ कहा कि या तो सरकार अवैध खनन रोकने में असमर्थ है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है। यह सब राज्य की निगरानी में हो रहा है, जो चिंताजनक है। पेट्रोल-डीजल से राहत: भारत में लॉन्च होंगी 6 नई इलेक्ट्रिक कारें, 500KM+ रेंज अब 17 अप्रैल को फैसला सुप्रीम कोर्ट ने वनरक्षक हत्या की जांच रिपोर्ट, CCTV फुटेज और अवैध खनन रोकने के प्रयासों की जानकारी मांगी है। सुनवाई पूरी कर फैसला 17 अप्रैल को सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार बताया है।
GWALIOR HOSPITAL NEGLIGENCE : मुरैना जिला अस्पताल में ‘अंधेरगर्दी’; मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हो रहा घायलों का इलाज, सिस्टम की खुली पोल

HIGHLIGHTS: • 600 बेड वाले जिला अस्पताल में अचानक बिजली चली गई • इमरजेंसी वार्ड में घुप अंधेरा, मरीजों का तुरंत इलाज जारी • परिजनों ने मोबाइल टॉर्च जलाकर डॉक्टरों की मदद की • वीडियो वायरल, मोबाइल की रोशनी में चल रहा था ऑपरेशन • बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल, अधिकारियों में हड़कंप GWALIOR HOSPITAL NEGLIGENCE : मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। जहां जिला मुख्यालय स्थित कु. जाहर सिंह शासकीय अस्पताल, जो कहने को तो 600 बिस्तरों का बड़ा अस्पताल है, वहां बिजली गुल होने के बाद घोर लापरवाही का नजारा देखने को मिला। बता दें कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों का इलाज बिजली न होने के कारण मोबाइल की टॉर्च जलाकर करना पड़ा। पेट्रोल-डीजल से राहत: भारत में लॉन्च होंगी 6 नई इलेक्ट्रिक कारें, 500KM+ रेंज इमरजेंसी वार्ड में पसरा अंधेरा अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब बिजली कट गई। इस दौरान एक्सीडेंट में घायल हुए कई मरीज अस्पताल पहुंचे थे, जिनकी हालत नाजुक थी। लेकिन हैरत की बात यह रही कि करोड़ों की लागत से बने इस अस्पताल में पावर बैकअप (जेनरेटर) की कोई व्यवस्था काम नहीं कर रही थी। खनन क्षेत्र को राहत: लो-ग्रेड आयरन ओर के इस्तेमाल पर नए नियम लागू डॉक्टर बेबस, परिजनों ने थामी टॉर्च सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मोबाइल की रोशनी में मरीजों के घावों पर टांके लगा रहे हैं और मरहम-पट्टी कर रहे हैं। इस दौरान मरीजों के परिजन खुद अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर डॉक्टरों की मदद करते नजर आए। घायलों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में घंटों बिजली गुल रहती है और वैकल्पिक व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है। 600 बेड के अस्पताल की बदहाली मुरैना का यह जिला अस्पताल संभाग के बड़े अस्पतालों में गिना जाता है, जहाँ रोजाना सैकड़ों मरीज आते हैं। 600 बेड की क्षमता होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की स्थिति बनी हो, लेकिन फिर भी प्रशासन इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।
GWALIOR INSPECTOR RAPE CASE: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर फरार; मोबाइल बंद कर गायब, रिलीव होकर भी नहीं मिला सुराग

HIGHLIGHTS: रेप केस में आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा फरार मोबाइल बंद कर पुलिस से बच रहा आरोपी ट्रांसफर के बाद गुपचुप तरीके से रिलीव भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज GWALIOR INSPECTOR RAPE CASE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में फैशन डिजाइनर से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा FIR दर्ज होने के बाद से फरार हैं। पुलिस के मुताबिक उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर लिया है और लगातार ठिकाने बदल रहे हैं। साथ ही उनकी तलाश में पुलिस टीमों द्वारा अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही है। तेज रफ्तार का कहर: शिवपुरी में ट्रक खाई में पलटा, दूसरे वाहन सुरक्षित रहे ट्रांसफर के बाद गुपचुप तरीके से हुआ रिलीव मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब आरोपी इंस्पेक्टर को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा से पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, वह सोमवार सुबह पीटीएस पहुंचकर रिलीव भी हो गया, जबकि उसी समय पुलिस उसे फरार मानकर तलाश कर रही थी। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने पीएचक्यू में जॉइन किया या नहीं। भीषण गर्मी पर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा प्रहार, दोपहर 12 से 4 बजे तक आउटडोर काम पर पूर्ण प्रतिबंध लागू भितरवार और शिवपुरी में पुलिस की दबिश पुलिस के अनुसार आरोपी का निवास भितरवार के श्रीराम कॉलोनी में है, जबकि उसकी ससुराल शिवपुरी में बताई गई है। इसी आधार पर झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें दोनों स्थानों पर पहुंचीं और सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका। शिवपुरी में रेस्क्यू ऑपरेशन: कुएं में गिरी गाय को ग्रामीणों और गो सेवा समिति ने बचाया पीड़िता का मेडिकल और कोर्ट में बयान दर्ज इस मामले में 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर की शिकायत पर 12 अप्रैल को FIR दर्ज की गई थी। सोमवार को महिला पुलिस द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज किए गए, जिसमें पीड़िता ने अपने आरोपों को दोहराया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सीजफायर के ऐलान के बाद 20400 मीट्रिक टन LPG लेकर आज भारत पहुंचेगा पहला भारतीय जहाज जग विक्रम पुलिस पर उठ रहे सवाल, जांच तेज घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एक ओर आरोपी फरार है, वहीं दूसरी ओर उसका ट्रांसफर और रिलीव होना कई सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मामले की जांच तेज कर दी गई है।
AMBEDKAR JAYANTI GWALIOR : 800 जवानों की निगरानी में मनाई जाएगी अंबेडकर जयंती, जुलूस और सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर!

HIGHLIGHTS: अंबेडकर जयंती पर 800 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात शहरभर में चेकिंग पॉइंट और ट्रैफिक डायवर्जन लागू बाल भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित जुलूस फूलबाग चौराहे पर होगा समाप्त सोशल मीडिया पर पुलिस की सख्त निगरानी AMBEDKAR JAYANTI GWALIOR : ग्वालियर। शहर में अंबेडकर जयंती को लेकर इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बता दें की 800 से ज्यादा पुलिस जवान और अफसर तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन सड़कों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या विवाद को समय रहते रोका जा सके। शहरभर में चेकिंग पॉइंट, ट्रैफिक डायवर्जन लागू सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। वहीं, भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया है, जिससे आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। आशा भोसले का खुलासा: हिमेश रेशमिया को थप्पड़ मारने की बात, आरडी बर्मन पर कही दिलचस्प बात बाल भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम बाल भवन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और विचारों पर व्याख्यान होंगे, साथ ही विभिन्न हितग्राहियों का सम्मान भी किया जाएगा। शहर में निकलेंगे जुलूस, फूलबाग पर होगा समापन शहर के अलग-अलग इलाकों से जुलूस और चल समारोह निकाले जाएंगे, जो फूलबाग चौराहा पहुंचकर अंबेडकर प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करेंगे। इसके अलावा कई स्थानों पर भंडारों का भी आयोजन किया जा रहा है। केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 48 वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त सचिव स्तर पर नियुक्ति हाईकोर्ट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट परिसर में अंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। डीजे पर रोक, फिर भी पुलिस सतर्क कलेक्टर के आदेश के अनुसार तेज आवाज में डीजे बजाने पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद पुलिस को आशंका है कि कुछ स्थानों पर नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। केंद्र सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 48 वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त सचिव स्तर पर नियुक्ति एसएसपी का बयान: हर गतिविधि पर नजर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने साफ कहा है कि पूरे शहर में पुलिस मुस्तैद है। खासकर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
GWALIOR CRIMES : रेसकोर्स ओवरब्रिज पर मिली हड्डियों की बोरियां, गौवंश का सिर मिलने से फैली सनसनी

HIGHLIGHTS: रेसकोर्स ओवरब्रिज पर तीन संदिग्ध बोरियां बरामद बोरियों में मिलीं जानवरों की हड्डियां एक बोरी में गौवंश का सिर मिलने से मामला संवेदनशील पुलिस ने बोरियां जब्त कर जांच शुरू की CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की तलाश जारी GWALIOR CRIMES : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में उस वक्त सनसनी फैल गई जब रेस कोर्स ओवरब्रिज पर तीन संदिग्ध बोरियां मिलने की सूचना सामने आई। बता दें कि स्थानीय लोगों ने जब बोरियों से बदबू आने पर झांककर देखा तो उसमें जानवरों की हड्डियां नजर आईं। जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: शुक्ल योग में चमकेगा भाग्य, इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ तीन बोरियों में मिलीं हड्डियां और गौवंश का सिर पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद जब बोरियों को खोला गया तो उसमें बड़ी मात्रा में जानवरों की हड्डियां बरामद हुईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एक बोरी में गौवंश का सिर भी मिला, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा दी है। महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने तुरंत तीनों बोरियों को जब्त कर लिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हड्डियों के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजे जाएंगे, ताकि यह साफ हो सके कि ये हड्डियां किन जानवरों की हैं और इन्हें यहां क्यों फेंका गया। महिला क्रिकेट में ऐतिहासिक कदम: टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा प्राइज पूल घोषित CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। आशंका जताई जा रही है कि रात के समय किसी वाहन से इन बोरियों को यहां फेंका गया होगा। पुलिस आरोपियों की पहचान करने की कोशिश में जुटी हुई है। ऑनलाइन वर्क फ्रॉम होम के नाम पर छात्रा से एक लाख रुपये की साइबर ठगी.. इलाके में बढ़ा तनाव घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
DATIYA SDM TRANSFER : दतिया में अफसर पर गिरी गाज, SDM पद से छुट्टी; नए अधिकारी को मिली कमान

HIGHLIGHTS: दतिया में SDM संतोष तिवारी को पद से हटाया गया लापरवाही और लंबित जांचों के चलते कार्रवाई लोकेंद्र सिंह सरल बने नए SDM दंडाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया प्रशासनिक कामकाज में तेजी की उम्मीद DATIYA SDM TRANSFER : दतिया। जिले में प्रशासनिक कामकाज को दुरुस्त करने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। बता दें कि कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने दतिया अनुभाग के एसडीएम संतोष कुमार तिवारी को उनके पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई उनके कामकाज में लापरवाही के आरोपों के चलते की गई है। प्रशासन ने इस फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है, जिससे जिले में प्रशासनिक सख्ती का संदेश गया है। SRH vs RR: हैदराबाद की पिच बल्लेबाजों की होगी मददगार या गेंदबाजों का चलेगा जादू? जांच लंबित रहने से बढ़ी नाराजगी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व एसडीएम संतोष तिवारी के कार्यकाल के दौरान कई जांच फाइलें लंबे समय से लंबित थीं। इन मामलों के निपटारे में देरी और फील्ड लेवल पर कमजोर निगरानी को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी वजह से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया। पवित्र अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी शुरू: जानिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, यात्रा मार्ग और जरूरी नियम लोकेंद्र सिंह सरल को मिली नई जिम्मेदारी कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सिंह सरल को दतिया का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। उन्हें एसडीएम के साथ-साथ दंडाधिकारी का प्रभार भी सौंपा गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में विभागीय कामकाज में सुधार आएगा और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। ऑफिस लीजिंग में जबरदस्त उछाल: 5 साल में सबसे मजबूत ग्रोथ, 21 मिलियन स्क्वायर फीट के पार बाजार प्रशासनिक कामकाज में तेजी की उम्मीद इस बदलाव के बाद प्रशासन को उम्मीद है कि जिले में राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। नए एसडीएम के पदभार संभालने के बाद लंबित मामलों के जल्द निपटारे और विभागों के बीच बेहतर समन्वय की संभावना जताई जा रही है।
TET Exam Cancellation Demand : अशोकनगर में शिक्षकों का मशाल जुलूस, TET रद्द करने की मांग तेज

HIGHLIGHTS: अशोकनगर में शिक्षकों का मशाल जुलूस टीईटी परीक्षा रद्द करने की मांग तेज गांधी पार्क से निकला शांतिपूर्ण प्रदर्शन नेताओं ने टीईटी को बताया ‘काला कानून’ 18 अप्रैल को भोपाल में सीएम हाउस घेराव TET Exam Cancellation Demand : अशोकनगर। मशाल जुलूस से जताया विरोध अशोकनगर शहर में टीईटी परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर रविवार रात शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकाला। अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शिक्षक सड़कों पर उतरे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ध्यान, अपनाएं ये आसान उपाय गांधी पार्क से निकला जुलूस यह मशाल जुलूस गांधी पार्क से शुरू होकर स्टेशन रोड, तुलसी पार्क सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस गांधी पार्क पर ही समाप्त हुआ। हाथों में जलती मशालें लिए शिक्षकों ने अनुशासित ढंग से मार्च किया और टीईटी परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को प्रमुखता से रखा। पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी गई। MP में नया कानून: अब गांवों में भी बनेंगी कॉलोनियां, 15% मकान गरीबों के लिए रिजर्व नेताओं ने बताया ‘काला कानून’ राज्य अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष गोपाल शिवहरे ने कहा कि टीईटी शिक्षकों के हितों के खिलाफ ‘काला कानून’ है और इसे खत्म कराया जाएगा। वहीं कार्यकारी जिलाध्यक्ष दिलीप रघुवंशी ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने और अंतिम निर्णय आने तक टीईटी परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की है। विज्ञान भवन में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिला नेतृत्व को बताया देश की प्रगति का आधार प्रदेशव्यापी आंदोलन, भोपाल में होगा घेराव आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष भीमसिंह यादव ने बताया कि यह आंदोलन पूरे प्रदेश में चल रहा है और इससे करीब 70 हजार शिक्षक प्रभावित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 18 अप्रैल को भोपाल में ‘भरो आंदोलन’ के तहत मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिले के कई पदाधिकारी और सैकड़ों शिक्षक शामिल हुए।
Bhind Officials Get Notices : सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी पड़ी भारी, तीन अधिकारियों को नोटिस जारी

HIGHLIGHTS: सीएम हेल्पलाइन शिकायतों में भारी लापरवाही उजागर तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी 108 दिन से ज्यादा लंबित मिली कई शिकायतें बैठक से गैरहाजिर और फील्ड में कमजोर निगरानी जवाब नहीं देने पर निलंबन की चेतावनी Bhind Officials Get Notices : भिण्ड। जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बता दें कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के लंबित रहने और फील्ड में कमजोर निगरानी को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीर सिंह चौहान ने तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन में जवाब मांगा है। छिंदवाड़ा में डिस्पोजल फैक्ट्री में आग लगने से 50 लाख से अधिक का हुआ नुकसान, दो लोग झुलसे इन अधिकारियों पर कार्रवाई नोटिस पाने वालों में जनपद पंचायत गोहद के एडीईओ जितेन्द्र गुर्जर, उपयंत्री अरुण चकोटिया और जनपद पंचायत लहार के उपयंत्री उमेश तिवारी शामिल हैं। समीक्षा के दौरान पाया गया कि एडीईओ जितेन्द्र गुर्जर अपने क्षेत्र की पंचायतों में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, जिससे विकास कार्यों और योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को मिला दुर्लभ नजारा, बाघिन P-142 अपने शावकों के साथ जंगल में करती दिखी अठखेलियां बैठक से गायब और कामकाज में लापरवाही उपयंत्री अरुण चकोटिया बिना पूर्व सूचना के समीक्षा बैठक से अनुपस्थित रहे, जिससे उनके क्षेत्र के कार्यों की जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं उपयंत्री उमेश तिवारी के कार्यक्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन की कई शिकायतें 108 दिन से अधिक समय से लंबित पाई गईं, जबकि अन्य मामलों में भी संतोषजनक निराकरण नहीं किया गया। नासा ने रच दिया इतिहास, चांद से धरती पर आर्टेमिस-2 की ‘फायरिंग’ लैंडिंग तीन दिन में जवाब, नहीं तो निलंबन तय सीईओ वीर सिंह चौहान ने निर्देश दिए हैं कि तीनों अधिकारी तीन दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रगति रिपोर्ट के साथ स्पष्टीकरण दें। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि सीएम हेल्पलाइन जैसी व्यवस्था में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Morena Firing Clash : मुरैना में रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडों और फायरिंग में चार घायल!

HIGHLIGHTS: रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप लाठी-डंडे और पथराव के साथ फायरिंग चाचा-भतीजे समेत 4 लोग घायल घटना का वीडियो आया सामने पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की कार्रवाई Morena Firing Clash : मुरैना। जिले के बागचीनी थाना क्षेत्र के देवरी सहराना गांव में रविवार शाम एक मामूली रास्ते के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बता दें कि करीब 5 बजे शुरू हुए इस विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला लाठी-डंडों, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए। सऊदी भागा आकिब, एटीएस जांच में बड़ा खुलासा; 2025 से लापता, लुकआउट नोटिस जारी युवक को घेरकर की पिटाई जानकारी के अनुसार, रिंकू गुर्जर का गांव के ही उपेंद्र यादव से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर उपेंद्र यादव अपने साथियों गप्पों यादव, अजब सिंह, छोटे, गब्बर और राम के साथ रिंकू को घेर लिया और लाठियों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आशा भोसले के निधन और अंतिम संस्कार की खबर अफवाह, आधिकारिक पुष्टि नहीं बचाने पहुंचे परिजनों पर भी हमला रिंकू को पिटता देख उसके चाचा जितेंद्र गुर्जर, रघुवीर और एदल उसे बचाने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की और पत्थरबाजी भी की, जिससे चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। Gwalior TI Rape Case : वर्दी के पीछे छिपा हैवान! इंस्पेक्टर पर रेप का संगीन आरोप; शादी का झांसा देखेर किया दुष्कर्म वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है। वीडियो में एक पक्ष द्वारा लाठी और पत्थरों से हमला करते हुए देखा जा सकता है। बागचीनी थाना प्रभारी टीआई शशि कुमार के अनुसार, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
Gwalior TI Rape Case : वर्दी के पीछे छिपा हैवान! इंस्पेक्टर पर रेप का संगीन आरोप; शादी का झांसा देखेर किया दुष्कर्म

HIGHLIGHTS: फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती का खौफनाक अंत शादी का झांसा देकर बनाए संबंध पीड़िता 9 महीने की गर्भवती आरोपी पहले से शादीशुदा, दो बच्चों का पिता पुलिस ने देर रात दर्ज किया केस Gwalior TI Rape Case : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती एक गंभीर अपराध में बदल गई। 38 वर्षीय विधवा महिला ने पुलिस इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। बता दें कि महिला बूटिक चलती है उसके अनुसार, जनवरी 2024 में फेसबुक के जरिए दोनों की पहचान हुई थी। जिसके बाद बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई। भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा ईरान युद्ध का असर… महंगे तेल ने बिगाड़ी हालत शादी का झांसा और संबंध आरोप है कि इंस्पेक्टर ने खुद को अविवाहित बताकर महिला को शादी का भरोसा दिलाया। इसी भरोसे के आधार पर उसने महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला का कहना है कि पहली बार आरोपी उसके बुटीक पर आया और वहीं दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने शादी का वादा कर मामला दबा दिया। खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित सच्चाई सामने आने पर विवाद समय बीतने के साथ महिला ने शादी के लिए दबाव बनाना शुरू किया, लेकिन आरोपी टालमटोल करने लगा। शक होने पर महिला ने जांच की, जिसमें सामने आया कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। सच्चाई सामने आने के बाद महिला ने विरोध किया। खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित धमकी और पुलिस में शिकायत पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया। इसके बाद महिला ने झांसी रोड थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद रविवार देर रात आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन जांच जारी, आरोपी पर सवाल पुलिस के अनुसार, आरोपी रूपेश शर्मा पहले सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे और हाल ही में प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बने हैं। फिलहाल वह पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा में पदस्थ हैं। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।