Independence Day Protocol: राजघाट से लाल किले तक शानदार प्रबंधन, पीएम मोदी ने 13वीं बार फहराया तिरंगा
80वें स्वतंत्रता दिवस का आयोजन शानदार प्रशासनिक प्रबंधन के बीच संपन्न हुआ। पीएम मोदी ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और फिर लाल किले से 13वीं बार तिरंगा फहराया। बैंड द्वारा पहली बार 'वंदे मातरम्' की धुन बजाई गई।
80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह का प्रशासनिक और इवेंट प्रबंधन बेहद शानदार रहा। एक सुव्यवस्थित प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के समय प्रशासन द्वारा की गई ध्वनि और बैंड की व्यवस्था ने पूरे समारोह स्थल को देशभक्ति के माहौल से गुंजायमान कर दिया। हर साल की तरह इस बार भी आयोजन में समयबद्धता और प्रबंधन का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला।
राजघाट से लाल किले तक सुचारू इवेंट मैनेजमेंट
मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री की भागीदारी से पहले के प्रोटोकॉल का भी कड़ाई से पालन किया गया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले राजघाट पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर शांतिपूर्ण ढंग से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस वीवीआईपी मूवमेंट के बाद प्रधानमंत्री का काफिला लाल किले के लिए रवाना हुआ। वहां पहुंचते ही सैन्य अधिकारियों के बेहतरीन समन्वय के साथ उन्हें भव्य गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया।
बैंड और ध्वनि प्रबंधन: पहली बार बजाया गया ‘वंदे मातरम्’
इस 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन समिति ने एक विशेष आकर्षण जोड़ते हुए ध्वनि प्रबंधन का शानदार उदाहरण पेश किया। इतिहास में पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की धुन गूंजी। समारोह में मौजूद बैंड ने पूरे अनुशासन और समन्वय के साथ ‘वंदे मातरम्’ की धुन बजाकर कार्यक्रम की गरिमा को एक नई ऊंचाई प्रदान की।
प्रशासनिक संकल्प: 140 करोड़ नागरिकों का 'विकसित भारत'
अपने सुव्यवस्थित संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने देश की आजादी के लिए औपनिवेशिक शासन के खिलाफ लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, त्याग और समर्पण को याद किया। सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि 'हर घर तिरंगा, हर मन तिरंगा' अभियान के तहत आज हर दिल की धड़कन ‘वंदे मातरम्’ की नाद से गूंज रही है। उन्होंने देश के 140 करोड़ नागरिकों के प्रशासनिक और सामाजिक प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि सभी मिलकर 'विकसित भारत' के निर्माण में जुटे हैं, जो देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
