MP TET 2026 Management: प्रशासन ने जारी किया शिक्षक पात्रता परीक्षा का शेड्यूल, बिना निगेटिव मार्किंग के 12 अक्टूबर को होगा एग्जाम
मध्य प्रदेश प्रशासन ने 1998-2009 के शिक्षकों के लिए MP TET 2026 का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। 21 अगस्त से 4 सितंबर तक फॉर्म भरे जाएंगे। 12 अक्टूबर को होने वाली 150 अंकों की इस परीक्षा में कोई निगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है।
मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग और कर्मचारी चयन मंडल ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET 2026) के शांत, सुचारू आयोजन को लेकर अपना प्रशासनिक प्रबंधन , यानी Administrative Management, काफी तेजी से आगे बढ़ा दिया है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों का पालन वाकई पक्का करने के लिए विभाग ने परीक्षा की तारीख और आवेदन का पूरा टाइम टेबल भी निकाल दिया है। इस तरह की व्यापक व्यवस्था के बीच में प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक परीक्षा में शामिल हो पाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की खिड़की 21 अगस्त से चालू की जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 4 सितंबर तक चलती रहेगी, पूरा काम इसी समय में निपट जाएगा।
पुरानी नियुक्तियों (1998-2009) का रिकॉर्ड, और पात्रता का प्रबंधन
इस प्रशासन के लिए जो सबसे बड़ा काम है, वो 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों के डेटा को संभालना। चयन मंडल ने पहले ही कह दिया है कि इन सालों में नियुक्त हुए शिक्षकों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए इस परीक्षा के सिस्टम से होकर ही गुजरना होगा। विभाग का लक्ष्य है कि शिक्षक , आवेदन वाले चरण में उन्हें दिक्कत न हो इसलिए आवेदन प्रक्रिया को 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ज्यादा व्यवस्थित रखा जाए।
9 सितंबर तक करेक्शन विंडो और 12 अक्टूबर को परीक्षा का संचालन
एडमिनिस्ट्रेटिव गलतियों से बचने के लिए टीईटी के फॉर्म में 21 अगस्त से 9 सितंबर तक संशोधन (Correction) का विकल्प दिया गया है। परीक्षा में बैठने वाले सभी अभ्यर्थियों के लिए 1000 रुपये का एक समान परीक्षा शुल्क भी तय कर दिया गया है। विभाग के तय कार्यक्रम के मुताबिक, परीक्षा का संचालन 12 अक्टूबर को किया जाएगा। साथ में परीक्षा केंद्रों और दिशा-निर्देशों की पूरी रूपरेखा आवेदन प्रक्रिया के दौरान ही दे दी जाएगी, ताकि उम्मीदवार पहले से समझ सकें क्या-क्या करना है।
तनाव प्रबंधन: 150 मिनट की परीक्षा में नहीं होगी निगेटिव मार्किंग
शिक्षकों के मानसिक दबाव को कम करने और उन्हें थोड़ी राहत देने के लिए प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा का पैटर्न काफी सरल रखा गया है। 150 अंकों की इस परीक्षा में कुल 150 प्रश्न होंगे (हर प्रश्न 1 अंक) और पेपर हल करने के लिए प्रशासन ने 2 घंटे 30 मिनट, यानी 150 मिनट, का समय दिया है। सबसे बड़ी राहत यही मानी जा रही है कि परीक्षा प्रणाली में निगेटिव मार्किंग का नियम पूरी तरह से हटा दिया गया है।
कटऑफ का श्रेणीवार प्रबंधन
टीईटी के परिणामों को ज्यादा साफ, और पारदर्शी तरीके से दिखाने के लिए प्रशासन ने न्यूनतम पासिंग मार्क्स की स्पष्ट व्यवस्था कर दी है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग जन और EWS श्रेणी वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तय किए गए हैं। दूसरी तरफ सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 60 प्रतिशत रहेगी। चयन मंडल को उम्मीद है कि इस पूरे मैनेजमेंट के तहत करीब डेढ़ लाख शिक्षक परीक्षा में शामिल होंगे और प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो जाएगी।
