अफगानिस्तान में 4.9 तीव्रता का भूकंप, फैजाबाद के पास था मुख्य केंद्र।
अफगानिस्तान से एक बहुत ही राहत देने वाली खबर है। आधी रात को आए भूकंप में किसी भी इंसान को खरोंच तक नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं।

NCS की रिपोर्ट यह बताती है कि यह हादसा ऐसे वक्त हुआ जब लोग गहरी नींद में थे। जैसे ही कंपन शुरू हुआ, लोग बुरी तरह घबरा गए और अपनी जान की हिफाजत के लिए फौरन घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे। रेस्क्यू टीमों ने जो लोकेशन ट्रेस की है, उसके मुताबिक भूकंप का केंद्र 36.602° उत्तरी अक्षांश और 71.084° पूर्वी देशांतर पर था। यह इलाका अफगानिस्तान के फैजाबाद से लगभग 73 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में पड़ता है।
गहराई ने बचा ली कई लोगों की जान
मेडिकल नजरिए से देखें तो 4.9 तीव्रता का भूकंप मध्यम श्रेणी का होता है, जिससे चोट लगने और इमारतें गिरने का खतरा रहता है। लेकिन नुकसान सिर्फ इस नंबर से तय नहीं होता। बचाव टीमों का मानना है कि 220 किलोमीटर की गहराई होने की वजह से झटकों का असर ऊपर आते-आते थोड़ा बंट गया, जिसने कई लोगों की जान बचा ली। इसका असर स्थानीय मिट्टी और हालात के हिसाब से अलग-अलग रहा। फिलहाल NCS ने अपने सिस्टम में इस घटना को केवल ‘Felt it’ के नाम से दर्ज किया है।
रेस्क्यू टीमों के लिए यह इलाका क्यों मुश्किल है?
रेस्क्यू और मेडिकल टीमों के लिए अफगानिस्तान में काम करना हमेशा मुश्किल रहता है, क्योंकि यह इलाका सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के ठीक ऊपर बसा है। यहां लगातार भूकंप आते रहते हैं। इसके अलावा, पहाड़ी रास्ते और कच्चे मलबे से बनी कमजोर इमारतें रेस्क्यू के दौरान सबसे बड़ी बाधा बनती हैं। तेज भूकंप आने पर इन्हीं इमारतों के गिरने, मलबा इकट्ठा होने और भूस्खलन की वजह से घायलों तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाता है।
प्रशासन की नजर, अस्पताल खाली
शुरुआती रेस्क्यू रिपोर्ट्स बिल्कुल साफ हैं कि सोमवार सुबह आए इस भूकंप से कोई भी घायल होकर अस्पताल नहीं पहुंचा है और किसी की मौत नहीं हुई है। किसी भी तरह की बड़ी संपत्ति के नुकसान की भी कोई खबर नहीं है। हालांकि, मेडिकल टीमें मानती हैं कि अंदरूनी इलाकों से पूरी जानकारी आने में थोड़ा समय लग सकता है। भूकंप के बाद लोगों के मन में जो पैनिक था, वह धीरे-धीरे कम हो रहा है और प्रशासन की सभी एजेंसियां लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रही हैं।






