Bhind Bribery Case: घूसखोर पटवारी 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया, किसान से मांगे थे 30 हजार
Bhind Bribery Case: भिंड में लोकायुक्त ने पटवारी को 5 हजार रुपये की पहली रिश्वत लेते पकड़ा। किसान से जमीन के नामांतरण के लिए 30 हजार रुपये मांगे गए थे।
Bhind Bribery Case: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के मामले में एक पटवारी को रंगे हाथों पकड़ा है। पटवारी पर जमीन के नामांतरण के बदले किसान से 30 हजार रुपये मांगने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान वह पहली किस्त के 5 हजार रुपये लेते पकड़ा गया।
नामांतरण के बदले मांगी थी 30 हजार की रिश्वत
मामला भिंड के मेहगांव क्षेत्र के सीमार गांव का है। शिकायतकर्ता राघवेंद्र बघेल ने करीब तीन महीने पहले अपनी पत्नी के नाम से खरीदी गई जमीन का नामांतरण कराने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के बदले हल्का पटवारी संजय बघेल ने उससे 30 हजार रुपये की मांग की।
किसान ने लोकायुक्त में की शिकायत
रिश्वत की मांग से परेशान किसान ने मामले की शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस से की। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच की और रिश्वत की रकम को लेकर ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। बताया गया कि पटवारी और शिकायतकर्ता के बीच 10 हजार रुपये में रिश्वत की रकम तय हुई, जिसे दो किस्तों में देने की बात हुई।
पहली किस्त लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
लोकायुक्त पुलिस ने भिंड के भारौली रोड स्थित एक ऑनलाइन दुकान पर कार्रवाई की। पटवारी संजय बघेल शिकायतकर्ता से पहली किस्त के 5 हजार रुपये लेने के लिए वहां पहुंचा था। जैसे ही उसने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
रेस्ट हाउस में जारी है कार्रवाई
संजय बघेल मेहगांव के सीमार गांव के हल्के में पटवारी के पद पर पदस्थ है। ट्रैप की कार्रवाई पूरी करने के बाद लोकायुक्त टीम उसे लेकर मेहगांव रेस्ट हाउस पहुंची, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त पुलिस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों की ओर से रिश्वत मांगने और लेने से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है।


