भोपाल में भड़काऊ बयानों से बढ़ा तनाव: ओवैसी और रामेश्वर शर्मा के बीच 'मिसाइल' और 'हलाला' पर भारी टकराव
भोपाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड के विरोध में हुई जनसभा के बाद नेताओं के बीच भड़काऊ बयानों का जो दौर शुरू हुआ है, उससे शहर में प्रशासनिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति संवेदनशील हो गई है।

भड़काऊ बयानों से भोपाल के काजी कैंप इलाके में बढ़ा तनाव
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक शांति के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। काजी कैंप इलाके पर 'मिसाइल गिराने' के बयान को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा के बीच भयंकर टकराव पैदा हो गया है, जिससे प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मंगलवार को भोपाल पहुंचे ओवैसी ने यूसीसी (UCC) के विरोध में आयोजित जनसभा में शर्मा को खुली चुनौती दी कि वे काजी कैंप पर मिसाइल गिराकर दिखाएं। इस भड़काऊ बयानबाजी से शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद बीजेपी विधायक ने पलटवार करते हुए ओवैसी को 'जिन्ना की औलाद' बताकर विवाद को और हवा दे दी।
आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देकर दी चेतावनी
शहर के इस तनाव भरे माहौल के बीच रामेश्वर शर्मा ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए ओवैसी की चुनौती को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि वह ओवैसी को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए तैयार हैं। सुरक्षा और सैन्य कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तुम्हारे पुर्खों ने पहले भी मुगालते किए हैं जिन्हें भारत ने दूर किया है। 'ऑपरेशन सिंदूर' की याद दिलाते हुए शर्मा ने कहा कि भारत सरकार ने आतंकी ठिकानों पर सीधे हमले कर इस्लामाबाद की सरकार को तहस-नहस करने की ताकत दिखाई है। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि जो कोई भी आतंकवाद या नक्सलवाद को बढ़ावा देगा, उस पर बिना किसी संकोच के हमारी मिसाइलें गिरेंगी और सरकारी कार्रवाई जारी रहेगी।
हिंदू-मुस्लिम तनाव पैदा करने का लगाया आरोप
सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के इस मुद्दे पर रामेश्वर शर्मा ने ओवैसी के साथ-साथ राहुल गांधी को भी लपेटे में ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से ही ओवैसी और राहुल जैसी 'जिन्ना की औलादें' हिंदुस्तान में भटक और फैल रही हैं। शर्मा ने सीधा आरोप लगाया कि ये नेता जानबूझकर देश में हिंदू और मुसलमान के बीच तनाव पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की शांति भंग करने वालों और आतंकवाद पनपाने वालों को हर कीमत पर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और भारत की मिसाइल वहां जरूर गिरेगी जहां भारत के खिलाफ आतंकी पैदा होंगे।
230 सीटों पर चुनाव लड़ने की चुनौती और हैदराबाद का जिक्र
राजनीतिक और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि ओवैसी चाहें हैदराबाद भाग जाएं, वह वहां भी उनके सामने खड़े हो सकते हैं। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि हैदराबाद किसी के बाप का नहीं है, सरदार पटेल ने नवाब को चुपचाप हस्ताक्षर करने पर मजबूर किया था, इसलिए ओवैसी अपनी औकात में रहें। शर्मा ने दावा किया कि इस्लामाबाद में भी जल्द ही भारत का तिरंगा फहराएगा और वंदेमातरम गाया जाएगा। उन्होंने ओवैसी को मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने की खुली चुनौती देते हुए कहा कि जनता उन्हें क्लीन बोल्ड कर धूल चटा देगी।
यूसीसी और हलाला को लेकर समाज में विवाद
यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर शर्मा ने ओवैसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ओवैसी कांग्रेस की भाषा न बोलें और हर बात में हिंदू-मुस्लिम न करें। शर्मा ने बाबा साहब अंबेडकर का हवाला देते हुए कहा कि वे खुद देश में एक देश, एक कानून (समान नागरिक कानून) चाहते थे। शर्मा ने आरोप लगाया कि हिंदू का वोट लेने के लिए सब राजनीति करते हैं लेकिन हिंदू कानून नहीं मानते। उन्होंने कहा कि ओवैसी मुल्ला-मौलवियों का साथ देकर मुस्लिम बहनों के साथ 'हलाला' जैसा अमानवीय अन्याय करवाना चाहते हैं, जिसे हम हरगिज नहीं होने देंगे।
मंगलवार की जनसभा से शुरू हुआ था यह पूरा तनाव
इस पूरे प्रशासनिक और सामाजिक तनाव की जड़ मंगलवार को हुई वह जनसभा थी, जहां ओवैसी ने यूसीसी के खिलाफ बोलते हुए रामेश्वर शर्मा को सीधे चुनौती दी थी। ओवैसी ने भड़कते हुए कहा था, 'रामेश्वर शर्मा, तुम अगर माई के लाल हो तो काजी कैंप पर मिसाइल गिराकर दिखाओ। मैं अकेला वहां खड़ा रहूंगा और शहीद होने को तैयार हूं।' ओवैसी के इस बयान—कि वे तुम लोगों के सामने झुकने वाले नहीं हैं और शर्मा सिर्फ खाना खाने के बाद ही भोपाल में मिसाइल गिरा सकते हैं—ने पूरे भोपाल में एक गरमागरम बहस और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

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