ग्वालियर के मदरसे में बाल आयोग का औचक निरीक्षण, 24 बच्चे मिले; स्कूल में नाम दर्ज, जाते एक भी नहीं!
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित मदरसा ए दारुल उल कुरान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने औचक निरीक्षण किया।


Gwalior Madrasa Inspection: ग्वालियर में मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने एक मदरसे का औचक निरीक्षण किया। झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित ‘मदरसा ए दारुल उल कुरान’ में निरीक्षण के दौरान 8 नाबालिग बच्चियां और 16 बच्चे मिले। मदरसे में बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्थाओं को लेकर कई खामियां सामने आईं।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा अपनी टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंचीं। मदरसा अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति द्वारा संचालित किया जाता है।
मदरसे में मिले 24 बच्चे
निरीक्षण के दौरान मदरसे में 8 बच्चियां और 16 बच्चे मौजूद मिले। अधिकारियों को बताया गया कि यहां 15 बच्चियां और 42 बच्चे रजिस्टर्ड हैं। इस तरह कुल 57 बच्चों के पंजीयन की जानकारी दी गई।
रजिस्ट्रेशन के बावजूद स्कूल नहीं जा रहे थे बच्चे
निरीक्षण में सामने आया कि कोई भी बच्चा नियमित स्कूली शिक्षा प्राप्त करता हुआ नहीं मिला। बच्चों ने बताया कि उनका नाम स्कूल में दर्ज है, लेकिन वे स्कूल नहीं जाते हैं। इस पर आयोग ने बच्चों के स्कूल रजिस्ट्रेशन की जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह पता लगाने को कहा गया कि बच्चों का नाम किन स्कूलों में दर्ज है और वे वहां पढ़ने क्यों नहीं जा रहे हैं।
बच्चों को CWC की निगरानी में सौंपा
निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को देखते हुए आयोग ने मदरसे में मौजूद बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) की निगरानी में सौंप दिया। इसके साथ ही मदरसे के संचालन और वहां की व्यवस्थाओं की जांच भी शुरू कर दी गई है। आयोग की कार्रवाई के बाद अब मदरसे में बच्चों की शिक्षा, पंजीयन और देखरेख से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

