प्रशासनिक और सरकारी कदम: भारी बारिश के बीच भोपाल में स्कूलों का अवकाश और आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा राहत व बचाव कार्य
भारी मानसूनी बारिश के बीच जिला प्रशासन ने भोपाल में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं और आपदा प्रबंधन एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हैं। सरकार और मौसम विभाग लगातार अलर्ट जारी कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का असर बढ़ने लगा है, और लगातार भारी बारिश हो रही है। ऐसे में केंद्र और राज्य स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को, कहने भर की नहीं बल्कि सच में पूरी तरह चौकस कर दिया गया है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनियों के बीच जिला प्रशासन कुछ एहतियाती कदम उठा रहे है, ताकि कोई भी अप्रिय हालात न बने, और जनता के जान माल की सुरक्षा ठीक से हो सके।
भोपाल में फैसला: स्कूल बंद, लेकिन ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले करीब तीन दिनों से रुक रुक कर जोरदार बारिश चल रही है, और शहर का आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। कलेक्टर के निर्देशों पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार, 12 अगस्त को आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक भोपाल जिले में सभी नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। फिर भी, यह साफ किया गया कि शिक्षक और बाकी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के हिसाब से उपस्थित रहेंगे। स्कूलों के प्रबंधन की बात करें तो उन्हें अधिकार दिया गया है कि वे जरूरत के अनुसार ऑनलाइन या वर्चुअल कक्षाएं आयोजित कर सकते हैं। शहर में बीते दो दिनों में 8.57 इंच बारिश दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई, और करीब 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भरने जैसी स्थिति बन गई थी। इन्हीं बातों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन, साथ में राहत दल भी लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की चूक न हो।
रेस्क्यू ऑपरेशन, आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड में
प्रशासनिक अमले और पुलिस की मुस्तैदी की वजह से कुछ जगहों पर बड़े हादसों को समय रहते टाला गया। भोपाल के बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट पर तेज बारिश के दौरान अचानक नाले का बहाव तेज होने की वजह से एक टीले पर फंसे सात युवकों के बारे में सूचना मिली। सूचना मिलते ही कजली खेड़ा थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। उसके बाद पुलिस के साथ SDRF और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से संयुक्त रेस्क्यू टीम ने अभियान चलाया, और आखिरकार सभी सातों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अलावा प्रशासन ने लोगों के लिए चेतावनी भी जारी की है। बारिश के दौरान नदियों, नालों और पहाड़ी इलाकों में पिकनिक करने या आवाजाही से बचने की सख्त सलाह दी गई है। उधर, शिवपुरी में एनएच-46 पर जलभराव की वजह से जाम लगा था, इसलिए यातायात पुलिस और प्रशासनिक टीम वहां मुस्तैद रही, ताकि स्थिति कंट्रोल में रहे।
अन्य राज्यों में भी मौसम विभाग और प्रशासन का अलर्ट जारी
पूरे देश में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण सरकारी एजेंसियां लगातार निगरानी, और राहत कार्यों में लगी हुई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी का असर पड़ने की वजह से मध्य भारत से लेकर पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों तक मौसम खराब बना हुआ है। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच से ज्यादा बारिश की संभावना को लेकर प्रशासन ने चेतावनी जारी की है। वहीं, कुछ अलग तरह की घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल तेज रफ्तार से बहाली और राहत कामों में जुट गए। इनमें मुंबई के कुर्ला इलाके में लैंडस्लाइड, बिहार में आकाशीय बिजली से हुई मौतें, हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन, और उत्तराखंड के चमोली में नीती घाटी के तहत तमक नाले के तेज बहाव के कारण 17 टन वजनी वैली ब्रिज का बहना जैसी घटनाएं शामिल हैं। इन वजहों से सरकार ने पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। साथ ही बाकी कई राज्यों के लिए येलो अलर्ट भी लागू किया गया है, और लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित जगहों पर रहें।
