संसद में हंगामे और अनर्गल बयानों पर मध्य प्रदेश सरकार का कड़ा रुख: सीएम मोहन यादव ने विपक्ष के आरोपों को नकारा, संसद में तथ्यात्मक चर्चा पर दिया जोर
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संसद में लगातार हंगामे और बिना तथ्यों के बयानबाजी पर सरकार का कड़ा रुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है और राहुल गांधी को अपने निराधार बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान और संसद की कार्यवाही को लेकर सरकार का कडा, आधिकारिक सा रुख दिखा दिया है, यानी साफ शब्दों में कहा कि जो भी कहा जा रहा है वो यूं ही नहीं चलने वाला। ये प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई है जब करीब 15 दिनों से संसद में अलग अलग मुद्दों को लेकर लगातार हंगामा ठेला जा रहा है, और कामकाज ठहर सा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर तरह की चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन सदन के भीतर जो मुद्दे , सवाल उठाए जाएंगे वो पक्के तौर पर वास्तविक तथ्यों पर टिके हों, नही तो बस समाज को भटकाने वाले, भ्रम फैलाने वाले इरादे से गढ़ी बातें हो जाएंगी।
फर्जी और तथ्यहीन दावों पर सरकार का सख्त पक्ष
सीएम मोहन यादव ने राहुल गांधी के बयानों पर कड़ी आपत्ति रखी और कहा कि अगर किसी घटना का वजूद ही नहीं है तो फिर उस पर सवाल कैसे उठ सकते हैं। उनके मुताबिक, नीट के बाद अब छात्र आंदोलन के संदर्भ में गोली चलने जैसी बातें कही जा रही हैं, जबकि ऐसा कुछ घटा ही नही है। सरकार का कहना ये है कि राजनीतिक लाभ-हानि के लिए बिना जानकारी के इस तरह की बातें बोलना सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं के बिल्कुल उलट है, और ये ठीक नहीं।
झारखंड के छात्रों को लेकर विपक्ष के दोहरे मानदंड पर निशाना
इस पूरी प्रतिक्रिया में एक और बात खास रही, कि विपक्ष चुनिंदा मुद्दों पर ही जोर दिखाता है और बाकी गंभीर मामलों में चुप्पी साध लेता है। सीएम यादव ने राहुल गांधी पर तंज भी कसा, कि वे छात्रों के हितों की बड़ी बड़ी बातें करते हैं , पर झारखंड के छात्रों से जुड़े मामले पर उनका रुख कम से कम स्पष्ट तो नहीं लगता, बल्कि संदेह पैदा करता है। यदि विपक्ष सच में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे झारखंड के विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी साफ तरीके से बोलना चाहिए। सरकार का मत ये भी है कि भविष्य से जुड़े संवेदनशील सवालों को महज राजनीतिक लाभ वाली, रोटियां सेकने के लिए नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सार्थक चर्चा की गुजारिश और सदन चलाने की अपील
लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक सीमाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों पर आधारित होकर, स्वस्थ बहस के साथ उठाए जाने चाहिए। पिछले करीब 15 दिनों से सदन की कार्यवाही बाधित होने के कारण जनता से जुड़े अहम विषयों पर संवाद के रास्ते भी बंद हो गए हैं। सरकार ने साफ मांग रखी है कि राहुल गांधी समाज में भ्रम पैदा करने वाले बयानों के लिए माफी मांगें, और विपक्ष भी हंगामा रोककर संसद की कार्यवाही को सुचारु बनाए, ताकि सदन के भीतर ही हर तथ्य, और हर फैसले पर सरकार अपना स्पष्ट जवाब दे सके।
