International Energy Conference 2026: 12 साल में 25 गुना बढ़ी MP की ग्रीन एनर्जी क्षमता, CM मोहन यादव ने गिनाईं उपलब्धियां
इंटरनेशनल ऊर्जा सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवीकरणीय ऊर्जा, सौर परियोजनाओं और मध्य प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की रणनीति साझा की।
मध्य प्रदेश, नई दिल्ली में हुए 7वें इंटरनेशनल ऊर्जा सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ ऐसा कहा कि मध्य प्रदेश अब देश के प्रमुख ग्रीन एनर्जी राज्यों में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है, या यूं ही समझ लीजिए। उन्होंने बताया कि निवेश-अनुकूल नीतियां, आधुनिक ढांचा और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल राज्य को ऊर्जा सेक्टर में लगातार नई उपलब्धियों तक ले जा रहा है। सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा निवेश जैसे विषयों पर खास तौर से बात हुई , और माहौल भी काफी गंभीर सा रहा।
12 साल में 25 गुना बढ़ी नवीकरणीय ऊर्जा की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में मध्य प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावाट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है। यानी करीब 25 गुना बढ़त, जो साफ दिखाती है कि राज्य की ऊर्जा नीति काम कर रही है। उन्होंने ये भी जोड़ा कि पिछले दो सालों में सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण, और बायोमास सेक्टर के लिए नई नीतियाँ लागू की हैं , जिनसे निवेश आया और तकनीकी नव-कल्पना को भी धार मिली।
2030 वाले राष्ट्रीय लक्ष्य में अहम रोल रहेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता वाले राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। सम्मेलन में आने के लिए उन्होंने दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन इस्तेमाल की, और इसे सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण संरक्षण के साथ, स्वच्छ ऊर्जा के पक्ष में बढ़िया माध्यम बताया। उनके अनुसार दिल्ली मेट्रो भी बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग करती है, तो ये एक तरह से सस्टेनेबल ट्रैक जैसा बन गया है।
रीवा से मुरैना तक कई परियोजनाएं तेजी से बढ़ रही हैं
मुख्यमंत्री ने बताया कि 750 मेगावाट रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित बिजली से कम साबित किया। वहीं 1,500 मेगावाट की आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना में 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ देखा गया। इसके अतिरिक्त, 278 मेगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना शुरू हो चुकी है। मुरैना क्षेत्र में भी 440 मेगावाट सौर ऊर्जा के साथ 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है , और रफ्तार बनी हुई है।
किसानों और MSME की बढ़ती भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत करीब 14,900 मेगावाट क्षमता के प्रस्ताव मिले हैं। इन प्रस्तावों में किसानों, और एमएसएमई क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं से निवेश बढ़ने के साथ रोजगार, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी, जैसे कि चक्र लगातार आगे बढ़ रहा हो।
