MP में जन्माष्टमी का मेगा मैनेजमेंट प्लान: 81 मंदिर होंगे तैयार, हर जिले को ₹1 लाख का बजट जारी
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश शासन ने 81 कृष्ण मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सांस्कृतिक गतिविधियों का खाका तैयार किया है। जिलों को 1-1 लाख का फंड और सीएम हाउस में 1000 बच्चों के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

मध्य प्रदेश में जन्माष्टमी पर्व के सुगम प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रदेश के लगभग 81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों और धार्मिक परिसरों में बड़े पैमाने पर आयोजन प्रस्तावित किए गए हैं। इन सभी चिन्हित स्थानों पर भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के कुशल संचालन के लिए स्थानीय कलाकारों, भजन मंडलियों और सांस्कृतिक दलों के प्रबंधन की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। जिला प्रशासन को क्राउड मैनेजमेंट और सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने को कहा गया है।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का वित्तीय एवं प्रशासनिक ढांचा
इन सभी आयोजनों के सुचारू प्रबंधन के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल के माध्यम से प्रशासनिक तंत्र को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और मंच व्यवस्था को संभालने के लिए प्रत्येक जिले को न्यास की तरफ से एक-एक लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता मुहैया कराई जा सकेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं त्रुटिरहित रहें।
4 सितंबर: सीएम हाउस में 1000 बच्चों के लिए विशेष प्रबंध
राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास पर 4 सितंबर को होने वाले बड़े कार्यक्रम के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। यहां 1000 से अधिक बच्चों को बाल कृष्ण के स्वरूप में आमंत्रित किया गया है। बच्चों और उनके परिजनों के सुरक्षित आवागमन, बैठने की व्यवस्था और प्राथमिक सुविधाओं के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं।
सुव्यवस्थित मटकी फोड़, लोकनृत्य और प्रसादी वितरण
कार्यक्रम परिसर में भक्ति संगीत, लोकनृत्य और मटकी फोड़ की गतिविधियों के लिए सुरक्षित जोन बनाए जाएंगे। इसके साथ ही लड्डू गोपाल के पूजन के उपरांत माखन-मिश्री के शुद्ध प्रसाद वितरण और बाल कृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित लघु प्रेरक सत्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
स्कूलों में रचनात्मक प्रतियोगिताओं का समयबद्ध प्रबंधन
स्कूल शिक्षा विभाग को शैक्षणिक परिसरों में विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित प्रतियोगिताएं आयोजित करने का दायित्व दिया गया है। इसके अंतर्गत बांसुरी वादन, मटकी प्रतियोगिता, जीवंत झांकी निर्माण और भाषण प्रतियोगिताओं का शेड्यूल तैयार किया गया है। छोटे बच्चों की वेशभूषा और मंच प्रस्तुति के लिए सुरक्षित व व्यवस्थित मंच उपलब्ध कराए जाएंगे।
स्वच्छता प्रबंधन, मंदिरों की साज-सज्जा और दीपदान व्यवस्था
त्योहार के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाने के स्पष्ट निर्देश हैं। सभी प्रमुख देवालयों, मठों और मंदिरों की सजावट के साथ मटकी सज्जा और झांकी स्थलों पर व्यवस्था बनाई जाएगी। शाम के समय दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक आरती के दौरान कतारबद्ध व्यवस्था लागू रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।
